Mahasamund News: जिले के ग्राम सरेकेल के शासकीय कोटवार कौशल बघेल को पद से हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों और भारत माता वाहिनी समिति ने कलेक्टर के जनदर्शन में शिकायत की है। ग्रामीणों ने कोटवार पर शासकीय जिम्मेदारियों का ठीक से निर्वहन नहीं करने, पंचायत के कामकाज में बाधा डालने, ग्रामीणों से अभद्र व्यवहार करने और गांव में अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देने वालों का कथित तौर पर साथ देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों ने 6 अक्टूबर 2026 को कलेक्टर के नाम शिकायत पत्र सौंपा। शिकायत पत्र में ग्राम सरेकेल, थाना पटेवा, तहसील एवं जिला महासमुंद के कोटवार कौशल बघेल को तत्काल पद से हटाने की मांग की गई है।
पंचायत के काम में बाधा डालने का आरोप
शिकायत पत्र में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कोटवार ग्राम पंचायत, ग्राम सभा, पटवारी और गांव बस्ती समिति के कार्यों में कथित रूप से बाधा उत्पन्न करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनके व्यवहार के कारण गांव में विवाद की स्थिति भी बनती रहती है।
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, कोटवार को अपने पद की जिम्मेदारियों का निर्वहन ठीक तरीके से करना चाहिए, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शासकीय कार्यों को लेकर लापरवाही और मनमानी की स्थिति सामने आती है।
मुनादी को लेकर भी ग्रामीणों ने उठाए सवाल
भारत माता वाहिनी समिति की ओर से सुलोचना बारिहा ने आरोप लगाया कि गांव में मुनादी कराने के मामले में भी कोटवार अपनी मर्जी से काम करते हैं। उन्होंने कहा कि कई बार कोटवार खुद मुनादी नहीं करते और दूसरे कोटवार को बुलाकर पैसे देकर मुनादी करवाने की बात सामने आती है। सुलोचना बारिहा ने यह भी आरोप लगाया कि गांव में भारत माता वाहिनी समिति और महिला समिति बनाने के प्रस्ताव को लेकर कोटवार द्वारा सरपंच पर दबाव बनाया जाता है।गांव में नशाखोरी बढ़ने का आरोप
सुलोचना बारिहा ने गांव में बढ़ती नशाखोरी को लेकर भी चिंता जताई। उनका आरोप है कि गांव में शराब लाकर बेचने वालों को कोटवार की ओर से कथित तौर पर सहयोग दिया जाता है। उन्होंने कहा कि गांव में शराब बिक्री और अन्य नशे से जुड़ी गतिविधियों के कारण माहौल प्रभावित हो रहा है। शिकायत पत्र में भी अवैध शराब बिक्री और जुआ-ताश खेलने वालों के साथ कथित रूप से सहयोग करने का आरोप लगाया गया है।
विरोध करने पर गाली-गलौज का आरोप
वहीं, सुमित्रा ध्रुव ने आरोप लगाया कि जब ग्रामीण इन मामलों को लेकर कोटवार से सवाल करते हैं तो उनके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया जाता है। उन्होंने गाली-गलौज किए जाने का भी आरोप लगाया।
सरपंच प्रतिनिधि भुवनलाल साहू ने भी कोटवार के व्यवहार को लेकर शिकायत की। उनका आरोप है कि पंचायत में भी कोटवार द्वारा अभद्र व्यवहार किया जाता है। उन्होंने स्कूल में भी कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किए जाने और गांव में गाली-गलौज करने का आरोप लगाया।
पहले भी पंचायत में दिया गया था आवेदन
शिकायत पत्र में ग्रामीणों ने बताया है कि कोटवार को पद से हटाने के लिए ग्राम पंचायत में पहले भी दो बार आवेदन दिया जा चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बावजूद कथित तौर पर उनके व्यवहार में सुधार नहीं आया। ग्रामीणों और समिति के सदस्यों ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाने पर कोटवार कौशल बघेल को पद से हटाने की कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रशासन की जांच के बाद साफ होगी स्थिति
मामले में ग्रामीणों और भारत माता वाहिनी समिति की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब शिकायत के बाद प्रशासन की जांच और संबंधित कोटवार का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

