Mahasamund News: गोंड समाज की दोनों महासभाओं के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए संयुक्त बैठक बुलाने की मांग तेज हो गई है। अखिल भारतीय गोंड समाज 18 गढ़ रानीमहल पिथौरा महासभा ने महासमुंद कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर 12 अक्टूबर 2026 तक बैठक आयोजित करने की मांग की है। समाज ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय तक मांग पूरी नहीं होने पर 13 अक्टूबर को कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। केंद्रीय अध्यक्ष बसंता ठाकुर द्वारा जारी पत्र के अनुसार, समाज में सामाजिक प्रतिबंध, आर्थिक लेन-देन के हिसाब-किताब और लोगों की आवाजाही पर रोक जैसे मुद्दों को लेकर विवाद बना हुआ है। ज्ञापन में मुंशीलाल ठाकुर पर सामाजिक पदाधिकारियों को जान से मारने की साजिश से संबंधित कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग प्रस्तुत किए जाने का भी उल्लेख किया गया है। समाज का आरोप है कि इन मामलों में अब तक उचित कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे समाज में अशांति और आपसी वैमनस्यता बढ़ रही है।
पहले भी हो चुकी हैं संयुक्त बैठकें
ज्ञापन के मुताबिक, प्रशासनिक आदेश पर 4 जुलाई 2026 को जनपद पंचायत बागबाहरा और 10 जुलाई 2026 को कलेक्टर कार्यालय महासमुंद में दोनों महासभाओं की संयुक्त बैठक आयोजित की गई थी। इनमें अखिल भारतीय गोंड समाज 18 गढ़ रानीमहल पिथौरा महासभा और सरायपाली बसना महासभा के प्रतिनिधियों को शामिल होना था। हालांकि, सरायपाली महासभा के अध्यक्ष देवेन्द्र बहादुर सिंह की अनुपस्थिति के कारण बैठक में कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका। इसके बाद समाज के प्रतिनिधियों ने 13 अगस्त, 7 सितंबर, 23 सितंबर और 25 सितंबर को कलेक्टर से लिखित और मौखिक रूप से संपर्क किया। इसके बावजूद अब तक नई संयुक्त बैठक आयोजित नहीं की गई है।
12 अक्टूबर तक बैठक बुलाने की मांग
गोंड समाज ने मांग की है कि सरायपाली महासभा के अध्यक्ष देवेन्द्र बहादुर सिंह की अनिवार्य उपस्थिति में 12 अक्टूबर 2026 तक कलेक्टर के संरक्षण और मध्यस्थता में संयुक्त बैठक बुलाई जाए। समाज का कहना है कि बैठक के जरिए विवाद से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर समाधान निकालने की पहल की जानी चाहिए।10 हजार लोगों के जुटने का दावा
समाज ने चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं होने पर 13 अक्टूबर को महासमुंद में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। ज्ञापन के अनुसार, महासमुंद, गरियाबंद, बलौदाबाजार-भाटापारा, बिलासपुर और रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों तथा ओडिशा के नुआपाड़ा से करीब 10 हजार समाजजन महासमुंद पहुंच सकते हैं। इस दौरान कलेक्टर कार्यालय का घेराव और धरना-प्रदर्शन करने की बात कही गई है। ज्ञापन की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक महासमुंद और छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा, रायपुर के अध्यक्ष को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
