Mahasamund News: सरस्वती शिशु मंदिर में प्रांतीय गणित मेला का उद्घाटन संपन्न हुआ, पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर गणित सीखेंगे विद्यार्थी
Mahasamund News: सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में प्रांतीय गणित मेले का उद्घाटन हुआ। मेले में विद्यार्थी वैदिक गणित, प्रश्न मंच, गणितीय प्रयोग और मॉडल निर्माण के जरिए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम में गणितीय कौशल, तार्किक चिंतन और व्यावहारिक शिक्षा के महत्व पर जोर दिया गया।
प्रकाशित: 11 Oct 2026, 05:40 PM· 4 मिनट पढ़ने का समय
महासमुंद
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Mahasamund News: भलेसर मार्ग स्थित सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में प्रांतीय गणित मेले का उद्घाटन किया गया। इस आयोजन में छत्तीसगढ़ के विभिन्न विभागों से आए विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। मेले के माध्यम से विद्यार्थियों को वैदिक गणित, गणितीय प्रयोगों और मॉडल निर्माण के जरिए अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम में शिक्षा, भारतीय संस्कृति और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर भी चर्चा हुई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रांतीय संगठन मंत्री देवनारायण साहू थे। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स संघ छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष और विद्यालय के पूर्व छात्र इंद्रजीत सिंह खालसा तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बम्हनी, महासमुंद के प्राचार्य चमन चंद्राकरविशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता आदर्श शिक्षा मंडल समिति की उपाध्यक्ष संध्या शर्मा ने की। इस अवसर पर समिति के सचिव घनश्याम सोनी, सदस्य भारती गुप्ता और विद्यालय के प्राचार्य देवराज वर्मा भी उपस्थित रहे।
मां सरस्वती की पूजा के साथ कार्यक्रम की शुरुआत
गणित मेले का शुभारंभ मां सरस्वती, ओम और भारत माता के छायाचित्रों पर तिलक लगाने, पुष्प अर्पित करने और दीप प्रज्वलित करने के साथ हुआ। इसके बाद विद्यालय की वरिष्ठ आचार्या मनोज साहू ने अतिथियों का परिचय कराया। अतिथियों के साथ ही मेले में विभिन्न विभागों से पहुंचे निर्णायकों का भी तिलक और पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम के प्रभारी गोविंद चौधरी ने मेले की रूपरेखा और उद्देश्य की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वैदिक गणित की विधियों से विद्यार्थी कम समय में गणित के सवाल हल करने का अभ्यास करते हैं। इस तरह की गतिविधियां गणित को समझने और उसके प्रति रुचि बढ़ाने में मदद करती हैं। प्रांतीय गणित मेले में विद्यार्थी गणित पत्रवाचन, वैदिक गणित प्रश्न मंच, गणित प्रयोग और गणितीय प्रदर्श यानी मॉडल निर्माण जैसी प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
गणित मेले से विद्यार्थियों को मिलेगा नया मंच क्षेत्रीय और अखिल भारतीय स्तर पर भी होंगे आयोजन
कार्यक्रम के दौरान गणित मेले के आगामी चरणों की जानकारी भी दी गई। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, क्षेत्रीय गणित मेला 23 से 25 अक्टूबर तक सरस्वती शिशु मंदिर, सरस्वती विहार, रायपुर में आयोजित होगा। इसके बाद अखिल भारतीय गणित मेला 21 से 24 नवंबर तक सरस्वती विद्या मंदिर, अशोक नगर धनसार, धनबाद (झारखंड) में प्रस्तावित है। इन आयोजनों के जरिए विद्यार्थियों को अपनी गणितीय समझ और कौशल को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
पूर्व छात्र इंद्रजीत सिंह खालसा ने साझा किए अनुभव
विद्यालय के पूर्व छात्र इंद्रजीत सिंह खालसा ने अपने विद्यार्थी जीवन से जुड़े संस्मरण साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ-साथ स्काउट्स एवं गाइड्स से जुड़ने और अपनी प्रतिभा को निखारने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को अपनी क्षमताओं को पहचानते हुए उन्हें आगे बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए, ताकि वे अपनी कला और कौशल को देशभर में प्रदर्शित कर सकें। विशेष अतिथि चमन चंद्राकर ने गणित और विज्ञान मेलों की उपयोगिता पर विचार रखे। उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उन्हें प्रयोग करने, मॉडल तैयार करने और विषयों को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर देते हैं। इससे बच्चों में तार्किक चिंतन, विश्लेषण करने और समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता विकसित होती है।
मेले मे दिखी विद्यार्थियों की प्रतिभा भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने पर जोर
मुख्य अतिथि देवनारायण साहू ने अपने संबोधन में सरस्वती शिशु मंदिर की शैक्षणिक और सांस्कृतिक भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य आधुनिक शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, संस्कारों और राष्ट्रप्रेम से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि सरस्वती शिशु मंदिर वर्ष 2026 में अपनी स्थापना के 74 वर्ष पूरे कर चुका है और 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक यात्रा और निर्धारित लक्ष्य के साथ आगे बढ़ने की परंपरा का उल्लेख किया। कार्यक्रम की अध्यक्ष संध्या शर्मा ने महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन को समर्पित अपनी स्वरचित कविता ‘रामानुजन को नमन, गणितज्ञ को नमन’ प्रस्तुत की। उनकी प्रस्तुति के माध्यम से गणित के क्षेत्र में रामानुजन के योगदान को याद किया गया।
गणितीय मॉडल और प्रयोगों की प्रदर्शनीअतिथियों के प्रति जताया आभार
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय के प्राचार्य देवराज वर्मा ने अतिथियों, निर्णायकों और आयोजन में सहयोग देने वाले सभी आचार्य-दीदियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ आचार्या मनोज साहू ने किया। गणित मेले के उद्घाटन अवसर पर वार्ड पार्षद मनीष शर्मा, शासकीय विद्यालय लाफिनखुर्द के प्राचार्य भारत साहू, अखिल भारतीय वैदिक गणित के संयोजक देवेंद्र राव देशमुख और राजिम विभाग समन्वयक नरेश यादव भी उपस्थित रहे। इसके अलावा निर्णायकों में गोविंद चौधरी (प्रांत प्रमुख), ललित सिंह सेंगर (प्रांत प्रमुख), मुकेश निर्मलकर और मलिक राम वर्मा (मार्गदर्शक), उत्तम कुमार साहू (विभाग प्रमुख, राजिम), भरत लाल श्रीवास (विभाग प्रमुख, बिलासपुर), पवन गौतम (विभाग प्रमुख, राजनांदगांव), प्यारेलाल वर्मा (विभाग प्रमुख, रायपुर) और शिव कुमार कन्नौजे (वैदिक गणित जिला प्रमुख, महासमुंद) सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न विभागों से आए आचार्य-दीदियां और विद्यालय के शिक्षक उपस्थित रहे।