2 नवंबर तक दाखिल होंगे नामांकन पत्र
निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, राज्यसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 2 नवंबर 2026 है। इसके बाद 3 नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। उम्मीदवार 5 नवंबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। यदि चुनाव कराने की स्थिति बनती है, तो 12 नवंबर 2026 को मतदान कराया जाएगा। विधानसभा में राजनीतिक दलों के मौजूदा संख्या बल को देखते हुए निर्विरोध निर्वाचन की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
BJP में कई नामों पर चर्चा, केंद्रीय नेतृत्व लेगा फैसला
राज्यसभा की इस सीट के लिए भाजपा में संभावित दावेदारों को लेकर चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व किसी अनुभवी नेता या प्रमुख राजनीतिक चेहरे को मौका दे सकता है। संभावित नामों में तमिलनाडु भाजपा की पूर्व विधायक वनथी श्रीनिवासन की चर्चा प्रमुखता से हो रही है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम भी संभावित दावेदारों में बताया जा रहा है। उनका उत्तर प्रदेश से राज्यसभा का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होना है। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के नाम को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। प्रदेश भाजपा के नेताओं में राष्ट्रीय मीडिया समन्वयक आशीष अग्रवाल, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया, पूर्व उपाध्यक्ष विनोद गोटिया, प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेंद्र बरुआ और पूर्व मंत्री रंजना बघेल के नाम भी चर्चा में हैं। हालांकि, इन नामों को लेकर अभी अंतिम फैसला सामने नहीं आया है।
विधानसभा का संख्या बल भाजपा के पक्ष में
मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं। राज्यसभा की इस सीट पर जीत के लिए आवश्यक मतों का गणित भाजपा के पक्ष में माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के चलते कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा मतदान में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। ऐसे में मतदान करने वाले विधायकों की संख्या 229 रह जाएगी। वहीं, बीना से कांग्रेस के टिकट पर निर्वाचित विधायक निर्मला सप्रे की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है। उनके भाजपा के करीब आने की चर्चाएं रही हैं, लेकिन उनकी विधायी स्थिति को लेकर राजनीतिक पेच बना हुआ है। यदि मतदान होता है, तो उनके रुख पर भी सबकी नजर रहेगी। विधानसभा में भाजपा की मजबूत स्थिति को देखते हुए पार्टी उम्मीदवार की जीत की संभावना अधिक मानी जा रही है। हालांकि, चुनाव निर्विरोध होगा या मतदान की नौबत आएगी, यह नामांकन प्रक्रिया पूरी होने और विपक्ष के रुख के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।






