शुक्रवार, 9 अक्टूबर को आयोजित उद्घाटन समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए, जबकि अध्यक्षता तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने की। इस मौके पर अभनपुर विधायक इंद्रकुमार साहू और अनुसूचित जाति सलाहकार परिषद के सदस्य देवराज जांगड़े समेत कई गणमान्य लोग विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
लोककला को शिखर तक पहुंचाने का संकल्प
समारोह को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के 'हमने बनाया है, हम ही संवारेंगे' के संकल्प के तहत छत्तीसगढ़ की संस्कृति को नई ऊंचाइयां दी जा रही हैं। रायपुर संभाग के नवा रायपुर में इस महाविद्यालय की स्थापना इसी सोच का हिस्सा है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि अच्छे नैतिक मूल्य अपनाएं और देश के विकास में अपनी हिस्सेदारी सुनिश्चित करें। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कॉलेज के विकास में हरसंभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए जल्द से जल्द एक आधुनिक और नया कॉलेज भवन तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा। साथ ही, संस्थान की अन्य जरूरतों पर भी सकारात्मक रूप से विचार करने का आश्वासन दिया।
स्वागत भाषण और विकास के प्रस्ताव
संस्था प्रमुख जीपी यदु ने स्वागत भाषण देते हुए कॉलेज की अब तक की यात्रा, विद्यार्थियों की संख्या और नवागांव सेक्टर-28 स्थित नवीन महाविद्यालय की सफलताओं के बारे में बताया। इस दौरान कॉलेज के विकास के लिए कुछ प्रमुख मांगें भी रखी गईं:
- नवागांव और संगीत महाविद्यालय के अधोसंरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) विकास के लिए 15-15 लाख रूपए।
- नवागांव कॉलेज में एक भव्य सभागार (ऑडिटोरियम) निर्माण के लिए 1 करोड़ रूपए।
- कॉलेज परिसर के लिए 74 लाख रूपए की लागत से बाउंड्रीवाल निर्माण।
- इसके अलावा स्नातकोत्तर (पीजी) स्तर पर समाजशास्त्र, राजनीति विज्ञान, भूगोल, प्राणीशास्त्र, रसायनशास्त्र और एमकॉम की कक्षाएं शुरू करने के साथ-साथ स्नातक स्तर पर अर्थशास्त्र और अंग्रेजी साहित्य को नए विषय के रूप में जोड़ने का आग्रह किया गया।







