Rajpal Yadav: शारदीय नवरात्रि के पहले दिन महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को लेकर एक अहम सवाल उठाया। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट के जरिए समाज के उस रवैये पर सवाल किया, जिसमें एक ओर कन्याओं को देवी का रूप मानकर पूजा जाता है, तो दूसरी ओर महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ी घटनाएं सामने आती रहती हैं। अभिनेता की इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई है।
बेटियों की सुरक्षा को लेकर राजपाल यादव ने जताई चिंता ‘चुप चुपके’ जैसी फिल्मों में नजर आ चुके राजपाल यादव ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि नवरात्रि के नौ दिनों में शक्ति की आराधना की जाती है। अष्टमी और नवमी के दिन कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनकी पूजा की जाती है और उनसे आशीर्वाद लिया जाता है।
हर पिता चाहता है कि उसकी बेटी बिना डर के जिए
राजपाल यादव ने अपनी पोस्ट में बेटियों के भविष्य और उनके अधिकारों की बात भी रखी। उन्होंने लिखा कि हर पिता चाहता है कि उसकी बेटी बिना किसी डर के अपने सपने पूरे करे, अपनी पसंद से जिंदगी जिए और उसे हर जगह सम्मान मिले। उनके मुताबिक, कन्या पूजन केवल एक दिन की परंपरा बनकर नहीं रहना चाहिए। इसके साथ बेटियों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझना जरूरी है।
कन्या पूजन केवल एक रस्म नहीं
अभिनेता ने अपनी पोस्ट में यह संदेश दिया कि देवी की आराधना तभी सार्थक है, जब महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को भी उतनी ही अहमियत दी जाए। उन्होंने लोगों से इस नवरात्रि में ऐसा समाज बनाने का संकल्प लेने की अपील की, जहां बेटियों को अपने अधिकारों और सुरक्षा के लिए हर दिन संघर्ष न करना पड़े। राजपाल यादव के मुताबिक, कन्या पूजन केवल एक धार्मिक रस्म नहीं, बल्कि हर बेटी के सम्मान और अधिकारों के प्रति अपनी जिम्मेदारी याद करने का अवसर भी है।पोस्ट पर यूजर्स ने दी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं
राजपाल यादव की बात से कई सोशल मीडिया यूजर्स सहमत नजर आए। एक यूजर ने लिखा कि वह अभिनेता की बात से पूरी तरह सहमत हैं। वहीं, कुछ लोगों ने पोस्ट पर टिप्पणी करते हुए अलग पक्ष रखा। एक यूजर ने लिखा कि वे महिलाओं को देवी मानते हैं, लेकिन कुछ नारों और व्यवहार को लेकर उनकी अपनी आपत्तियां हैं। इसी तरह, एक अन्य यूजर ने भी महिलाओं और पुरुषों के बीच संबंधों को लेकर अपनी राय रखी।
यूजर्स ने महिलाओं के व्यवहार पर भी उठाए सवाल
पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कुछ यूजर्स ने फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं की प्रस्तुति और उनके व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए। एक टिप्पणी में कहा गया कि अभिनेता को फिल्म उद्योग में अश्लीलता के मुद्दे पर भी बोलना चाहिए। वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा कि हर लड़की को कन्या मानना सही नहीं है और महिलाओं को भी अपने व्यवहार में सुधार करने की जरूरत है।







