Religious Event: आध्यत्मिक वैभव का अनूठा संसार, आज होगा मां राजराजेश्वरी कोटि हरिद्रा कुंकुमार्चन, नेपाल से आए रुद्राक्ष और देश के कोने-कोने से पहुंची पूजन सामग्री
Religious Event: भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में शरद पूर्णिमा पर मां राजराजेश्वरी कोटि हरिद्रा कुंकुमार्चन अनुष्ठान का आयोजन किया जा रहा है। संत श्री रावतपुरा सरकार के सान्निध्य में होने वाले इस भव्य आयोजन में 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं द्वारा करीब ढाई घंटे में एक करोड़ अर्चन किए जाने का लक्ष्य है। पूजा के लिए देश के विभिन्न राज्यों और नेपाल से 238 प्रकार की पूजन सामग्री मंगाई गई है।
Religious Event: राजधानी भोपाल आज एक बेहद भव्य और अलौकिक धार्मिक आयोजन का गवाह बनने जा रहा है। शहर के लाल परेड ग्राउंड में सोमवार को मां राजराजेश्वरी कोटि हरिद्रा कुंकुमार्चन अनुष्ठान का आयोजन किया जा रहा है, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक और विशाल
धार्मिक अनुष्ठान है। शरद पूर्णिमा के पवित्र अवसर पर आयोजित होने वाले इस आयोजन को लेकर शहरवासियों और श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है।
भव्य शुरुआत और ढाई घंटे का महा-अर्चन
संत श्री रावतपुरा सरकार के पावन सान्निध्य में संपन्न होने वाले इस अनुष्ठान की शुरुआत शाम ठीक 7 बजे होगी। इस महा-अनुष्ठान की दिव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें करीब 2.30 घंटे के अल्प समय में 50 हजार से अधिक श्रद्धालु मिलकर 1 करोड़ अर्चन करेंगे। आयोजन स्थल यानी लाल परेड ग्राउंड में एक बेहद भव्य और विशाल मंच तैयार किया गया है, जहां सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
देश और विदेश से मंगाई गई है विशेष पूजन सामग्री
इस अनुष्ठान की सबसे बड़ी विशेषता इसमें उपयोग होने वाली पूजन सामग्री है, जिसे देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर
नेपाल से मंगाया गया है। कुल 238 तरह की दुर्लभ और पवित्र सामग्रियों से मां राजराजेश्वरी की आराधना की जाएगी:
- नेपाल से रुद्राक्ष: आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता (पॉजिटिव एनर्जी) के प्रसार के लिए विशेष रूप से नेपाल से रुद्राक्ष मंगाए गए हैं।
केरल के चांदी के सिक्के: समृद्धि के प्रतीकस्वरूप केरल से 1,100 चांदी के सिक्के पूजन में शामिल किए जाएंगे।
गुजरात की साड़ियां: सूरत (गुजरात) से अनुष्ठान के लिए 11,000 साड़ियां मंगाई गई हैं।
अन्य राज्यों से पहुंची सामग्रियां:
ओडिशा: 31,000 साबुत नारियल
पश्चिम बंगाल (कोलकाता): 21,000 साबुत पान के पत्ते
महाराष्ट्र (भुसावल): 21 टन केला
जम्मू: 10 क्विंटल सेब
उत्तर प्रदेश (झांसी): 1 लाख मिट्टी के दीये
छत्तीसगढ़ (रायपुर): 21 क्विंटल चावल
उत्तर प्रदेश (आगरा): 11 क्विंटल पेड़ा
मध्य प्रदेश की माटी की भी रहेगी विशेष भागीदारी
भोपाल में हो रहे इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन में मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों से भी प्रचुर मात्रा में पूजन और प्रसाद सामग्री पहुंचाई गई है, जो इस आयोजन को और अधिक खास बनाती है:
पन्ना: भगवान शिव को प्रिय 11 लाख बिल्व पत्र
टीकमगढ़: 11,000 ताजे कमल के फूल
इंदौर व खंडवा: 50 क्विंटल विभिन्न प्रकार के ताजे फूल
इंदौर: 5 क्विंटल पंचमेवा
नरसिंहपुर: 21 क्विंटल गुड़ और 11,000 गन्ने
इसके अतिरिक्त, मध्य प्रदेश के विभिन्न आंचलों से तमाम प्रकार की सब्जियां, मिठाइयां, औषधियां और अन्य पूजन सामग्रियां भी इस अनुष्ठान का हिस्सा बनेंगी।
भोपाल के इतिहास में अपने तरह के इस सबसे बड़े धार्मिक अनुष्ठान को लेकर प्रशासनिक तैयारियां और श्रद्धालुओं की भीड़ ने पूरे माहौल को पूरी तरह से भक्तिमय बना दिया है।