Scotch Whisky Price in Delhi: राजधानी दिल्ली में स्कॉच व्हिस्की के शौकीनों के लिए राहत भरी खबर है। आने वाले दिनों में दिल्ली के बाजारों में इंपोर्टेड स्कॉच की कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है। भारत और ब्रिटेन (UK) के बीच हुए ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के बाद, दिल्ली आबकारी विभाग ने शराब के नए रेट तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शराब कारोबार से जुड़े विशेषज्ञों का अनुमान है कि स्कॉच की बोतलों पर करीब 7 फीसदी तक की छूट मिल सकती है। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, नई दरों से जुड़े प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलने की तैयारी पूरी हो चुकी है।
सबसे पहले होटलों और क्लबों में घटेंगे दाम, फिर रिटेल दुकानों की बारी
आबकारी विभाग की योजना के मुताबिक, संशोधित दरों वाली स्कॉच की सप्लाई सबसे पहले एचसीआर (होटल, क्लब और रेस्तरां) सेगमेंट में शुरू की जाएगी। इसके बाद ही यह नया स्टॉक आम रिटेल शराब दुकानों तक पहुंचेगा। रिटेल काउंटरों तक नया स्टॉक पहुंचने में कुछ हफ्तों का समय लग सकता है। कीमतों में कटौती का फायदा जॉनी वॉकर ब्लैक लेबल, डबल ब्लैक, जॉनी वॉकर रेड लेबल और ग्लेनफिडिच 12 इयर्स जैसे कई लोकप्रिय और प्रीमियम ब्रांड्स पर देखने को मिलेगा।
कस्टम ड्यूटी आधी हुई: 150% से घटकर 75% पर आई
शराब के दामों में इस गिरावट की मुख्य वजह भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट है। इस समझौते के तहत यूके से सीधे बोतल बंद होकर आने वाली (Bottled-in-Origin यानी BIO) स्कॉच व्हिस्की पर आयात शुल्क (कस्टम ड्यूटी) को 150 फीसदी से घटाकर 75 फीसदी कर दिया गया है। यह नई व्यवस्था 15 जुलाई 2026 से प्रभावी हो चुकी है। इतना ही नहीं, दोनों देशों के बीच हुए करार के तहत अगले 10 वर्षों में इस ड्यूटी को धीरे-धीरे घटाकर 40 फीसदी तक लाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि भारतीय बाजार में ब्रिटिश प्रोडक्ट्स आसानी से पहुंच सकें।अन्य राज्यों में लागू हो चुके हैं नए रेट
सितंबर के महीने में ही आबकारी विभाग ने सभी थोक विक्रेताओं से कम MRP और संशोधित कॉस्ट कार्ड के आवेदन मंगा लिए थे। दिल्ली से पहले गोवा, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में नई दरें लागू की जा चुकी हैं, जिससे वहां के उपभोक्ताओं को पहले से ही सस्ती दरों पर स्कॉच मिल रही है। हालांकि, अलग-अलग राज्यों के टैक्स स्ट्रक्चर के कारण कीमतों में कमी का अंतर हर राज्य में थोड़ा अलग हो सकता है।
पुराना स्टॉक खत्म होते ही बाजार में आएगी सस्ती स्कॉच
उद्योग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि कीमतों में 7 फीसदी की यह कटौती तभी नजर आएगी जब दुकानों में पड़ा पुराना स्टॉक पूरी तरह खत्म हो जाएगा। आमतौर पर शराब की सप्लाई चेन में होलसेलर्स और रिटेलर्स के पास दो से तीन हफ्ते का पुराना स्टॉक रिजर्व रहता है। चूंकि यह पुराना स्टॉक पुरानी (अधिक) कस्टम ड्यूटी पर खरीदा गया था, इसलिए इसे पुरानी दरों पर ही बेचा जाएगा। नया स्टॉक बाजार में उतरने में कम से कम 15 से 20 दिनों का समय लगेगा।शादी के सीजन में बढ़ेगी मांग, नवंबर से मिल सकती है राहत
नवंबर का महीना आते ही दिल्ली-एनसीआर में शादियों और पार्टियों का दौर शुरू हो जाता है। ऐसे में होटलों, बैंक्वेट हॉलों और रेस्तरां में प्रीमियम शराब की मांग तेजी से बढ़ती है। इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि अगर कागजी प्रक्रिया और सप्लाई चेन बिना किसी बाधा के आगे बढ़ी, तो दिवाली के तुरंत बाद और शादी के सीजन के बीच (नवंबर के दूसरे पखवाड़े तक) दिल्ली वालों को सस्ती दरों पर स्कॉच मिलना शुरू हो जाएगी।






