Student Protest Chhattisgarh: डौंडीलोहारा एकलव्य कॉलेज में छात्रों का प्रदर्शन, प्राचार्य हटाने की मांग पर सड़क से कॉलेज गेट तक आंदोलन
Student Protest Chhattisgarh: डौंडीलोहारा के शासकीय एकलव्य कॉलेज में खराब सुविधाओं और प्रशासनिक रवैये के विरोध में छात्रों ने प्रदर्शन किया। प्राचार्य हटाने की मांग पर धरना दिया गया।
क
कीर्तिमान न्यूज
10 Sep 2026, 12:12 PM
बालोद
Student Protest Chhattisgarh:शासकीय एकलव्य महाविद्यालय डौंडीलोहारा में बदहाल व्यवस्थाओं और कॉलेज प्रशासन के कथित अड़ियल रवैये के खिलाफ बुधवार को छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। कॉलेज परिसर से शुरू हुआ विरोध देखते ही देखते सड़क पर आ गया। मूलभूत सुविधाओं की किल्लत और शिकायत करने पर टीसी थमाने की धमकी से नाराज छात्र-छात्राओं ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर दल्लीराजहरा-राजनांदगांव मार्ग पर जोरदार प्रदर्शन किया। सुबह करीब 11 बजे विद्यार्थियों ने मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जिससे करीब 10 मिनट तक यातायात बाधित रहा। बाद में मौके पर पहुंची पुलिस की समझाइश पर छात्र सड़क से हटे, लेकिन उनका आक्रोश शांत नहीं हुआ।
पढ़ाई का माहौल पूरी तरह बिगड़ा
विद्यार्थी सीधे कॉलेज के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए और प्राचार्य रोशन आरा को हटाने की मांग को लेकर शाम 5 बजे तक कड़कती धूप में डटे रहे। इस दौरान छात्रों ने प्राचार्य का पुतला भी दहन किया। धरने पर बैठी छात्रा मनीषा साहू, देविका, लोकंछा और नारायण का कहना है कि कॉलेज में पढ़ाई का माहौल पूरी तरह बिगड़ चुका है। उन्होंने बताया कि कक्षाओं में बीते दो सालों से बिजली और पंखों का अता-पता नहीं है। भीषण गर्मी में बिना पंखे के बैठना पड़ता है, वहीं बारिश के दिनों में छतों से पानी टपकता है।
फीस पूरी पर सुविधाएं शून्य
छात्राओं ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले ही क्लास की छत का प्लास्टर और पंखा अचानक नीचे गिर गया था, जिससे बड़ा हादसा होते-होते बचा। इसके अलावा, शौचालयों में गंदगी का अंबार है और पीने के पानी तक की उचित व्यवस्था नहीं है। रोशनी शर्मा और ट्विंकल देवांगन जैसी छात्राओं का कहना है कि हर साल जनभागीदारी के नाम पर उनसे फीस तो वसूली जाती है, लेकिन सुविधाएं शून्य हैं। छात्रों का सबसे गंभीर आरोप प्राचार्य रोशन आरा के रवैये को लेकर है।
डौंडीलोहारा कॉलेज में छात्रों का प्रदर्शनदो वर्षों से झेल रहे प्रताड़ना
विद्यार्थियों ने बताया कि जब भी वे अपनी समस्याओं की शिकायत लेकर प्राचार्य के पास जाते हैं, तो उन्हें सहानभूति मिलने के बजाय टीसी काटने और करियर बर्बाद करने की धमकी दी जाती है। छात्रों का कहना है कि वे बीते दो वर्षों से इन प्रताड़नाओं को झेल रहे हैं और अब उन्हें ऐसा नेतृत्व चाहिए जो विद्यार्थियों के हित में काम करे। एबीवीपी प्रतिनिधि मनीषा राणा, दीपेश और विद्या साहू ने बताया कि कॉलेज की दुर्दशा को लेकर पूर्व में भी कलेक्टर और मुख्यमंत्री स्तर तक शिकायतें भेजी जा चुकी हैं। इसके बावजूद शासन-प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिसके कारण छात्रों को मजबूरन दोबारा उग्र आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा।
छात्रों को शांत करने के बजाय टीसी की धमकी
प्रदर्शन के दौरान जब प्राचार्य रोशन आरा मौके पर पहुंचीं, तो माहौल और गरमा गया। आरोप है कि उन्होंने छात्रों को शांत कराने के बजाय फिर से कक्षाओं में न लौटने पर टीसी थमाने की बात दोहरा दी। इतना ही नहीं, उन्होंने एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर छात्रों को भड़काने का आरोप भी लगाया। पूरे घटनाक्रम के बीच प्राचार्य रोशन आरा का एक बयान चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रदर्शनकारियों के बीच उन्होंने दावा किया कि वे खुद छात्रों की समस्याओं को लेकर कलेक्टर के पास गई थीं, लेकिन वहां उनकी बात नहीं सुनी गई और कलेक्टर के गार्ड ने उनके सामने ही दरवाजा बंद कर बाहर कर दिया।
लिखित आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त
वहीं, दूसरी ओर मीडिया से बातचीत में प्राचार्य रोशन आरा ने सफाई देते हुए कहा, "हम कॉलेज की मूलभूत सुविधाओं में सुधार के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। जल्द ही बिजली और पंखों की व्यवस्था कर ली जाएगी। छात्राएं खुद आंदोलन नहीं कर रहीं, बल्कि 2-3 छात्र नेताओं के बहकावे में आकर अपनी पढ़ाई का नुकसान कर रही हैं।" प्रदर्शन की उग्रता को देखते हुए एसडीएम, तहसीलदार और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने कई दौर की वार्ता के बाद विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि उनकी जायज मांगों पर जल्द से जल्द प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के लिखित व मौखिक आश्वासन के बाद ही शाम को विद्यार्थियों ने अपना आंदोलन समाप्त किया।