Student Protest: घर से दूर रहकर बेहतर भविष्य का सपना संजोने वाले आदिवासी बच्चों को छात्रावास में कैसी सुविधाएं मिल रही हैं, इसका मामला कोंडागांव जिले के एकलव्य आवासीय विद्यालय शामपुर से सामने आया है। यहां विद्यार्थियों ने भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और प्रबंधन के व्यवहार को लेकर गंभीर शिकायतें की हैं। छात्रों का आरोप है कि एक्सपायरी खाद्य सामग्री पर सवाल उठाने पर प्राचार्या चंद्रकिरण तिवारी ने कहा, 'आदिवासी हैं, एक्सपायरी खा लेंगे।' इस टिप्पणी से नाराज छात्र-छात्राएं और उनके पालक शनिवार को अपनी शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया।
भोजन में कीड़े मिलने का आरोप, पोहे में धान की शिकायत
विद्यार्थियों ने छात्रावास में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि खाने में कई बार कीड़े मिले हैं, जबकि पोहे में साबुत धान भी पाया गया। इसके अलावा भोजन तैयार करने वाली जगह पर साफ-सफाई की उचित व्यवस्था नहीं होने की बात कही गई है। छात्रों का कहना है कि उन्होंने कई बार इन समस्याओं की शिकायत की, लेकिन इसके बावजूद भोजन की गुणवत्ता में कोई खास सुधार नहीं हुआ। छात्र श्याम ने भी भोजन और विद्यालय प्रबंधन के व्यवहार को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
शौचालयों की बदहाल स्थिति पर पालकों ने जताई चिंता
छात्रावास की व्यवस्थाओं को लेकर पालकों ने शौचालयों की स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि शौचालयों में दरवाजे तक नहीं लगे हैं, जिससे विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही परिसर में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की दिशा को लेकर भी आपत्ति जताई गई है। पालकों ने आशंका व्यक्त की है कि कुछ कैमरे शौचालयों की ओर लगे हो सकते हैं। उन्होंने इस मामले की जांच कराने और छात्र-छात्राओं की निजता व सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
प्राचार्या और छात्रावास अधीक्षकों को हटाने की मांग
लगातार मिल रही शिकायतों से नाराज विद्यार्थियों और पालकों ने विद्यालय प्रबंधन में बदलाव की मांग उठाई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि छात्रावास में रहने वाले बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन, स्वच्छता, सुरक्षित माहौल और सम्मानजनक व्यवहार बुनियादी जरूरतें हैं। घर से दूर रहकर पढ़ाई करने वाले बच्चों के लिए छात्रावास ही दूसरा घर होता है, ऐसे में उनकी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन के दौरान उन्होंने प्राचार्या चंद्रकिरण तिवारी, छात्रावास अधीक्षक राजवीर यादव और अधीक्षिका निशु पंगाल को पद से हटाकर नई जिम्मेदारी सौंपने की मांग की।







