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Dispute among party workers (Image Source: social media)
Dispute among party workers (Image Source: social media)
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UP Congress: नई नियुक्तियों की खुशी के बीच कांग्रेस दफ्तर में मारपीट

UP Congress: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी में नए पदाधिकारियों के पदभार ग्रहण कार्यक्रम से पहले पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं के बीच विवाद और मारपीट की खबर सामने आई। बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के समर्थकों और ममता चौधरी के समर्थकों के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में धक्का-मुक्की में बदल गई। नाराज अजय राय पार्टी कार्यालय में धरने पर बैठ गए। वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी और सांसद इमरान मसूद ने हस्तक्षेप कर स्थिति संभालने की कोशिश की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 12 Oct 2026, 08:45 AM · 3 मिनट पढ़ने का समय
लखनऊ
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

UP Congress: बड़े बदलाव और नई नियुक्तियों के जश्न का माहौल उस वक्त धुआं-धुआं हो गया, जब पार्टी दफ्तर के भीतर ही कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। रविवार, 11 अक्टूबर को नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद के पदभार ग्रहण का कार्यक्रम रखा गया था। लेकिन मंच पर तालियों की गड़गड़ाहट गूंजती, उससे पहले ही दफ्तर के गलियारों में जूते-चप्पल और लात-घूसे चलने लगे। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पार्टी की अंदरूनी कलश को एक बार फिर सड़क पर ला दिया है।

आखिर क्यों सुलग उठा कांग्रेस दफ्तर?

सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे बवाल की जड़ें पिछले तीन सालों से चले आ रहे आपसी मनमुटाव में टटोलती हैं। विवाद की शुरुआत तब हुई जब पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और ममता चौधरी के समर्थक आमने-सामने आ गए।

चर्चा है कि ममता चौधरी के समर्थकों ने पूर्व अध्यक्ष अजय राय के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा और अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया। आरोप यह भी है कि अजय राय को देखकर यहाँ तक कह दिया गया कि "तुम्हारी शक्ल नहीं देखनी, यहाँ से चले जाओ।" बस, फिर क्या था; बात इतनी बढ़ी कि देखते ही देखते माहौल रणक्षेत्र में बदल गया। अजय राय के समर्थक गुस्से में इस कदर आपा खो बैठे कि विरोधियों को सबक सिखाने के लिए उन्होंने अपने जूते तक उतार लिए। जमकर धक्का-मुक्की और मारपीट के इस खेल ने करीब आधे घंटे तक पार्टी दफ्तर को अखाड़ा बनाए रखा।

धरने पर बैठे अजय राय, प्रमोद तिवारी ने जोड़े हाथ

इस बेकाबू हंगामे और अपने अपमान से आहत होकर पूर्व अध्यक्ष अजय राय तुरंत पार्टी कार्यालय में ही धरने पर बैठ गए। मामला बिगड़ता देख वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने आगे आकर स्थिति संभालने की कोशिश की। उन्होंने हाथ जोड़कर अजय राय को मनाने का प्रयास किया, लेकिन अजय राय अपनी जिद पर अड़े रहे और साफ कहा कि उन्हें सरेआम गालियां दी गई हैं।

हंगामे की यह आग तब ठंडी हुई जब सांसद इमरान मसूद खुद बीच-बचाव करने उतरे। मसूद ने नाराज अजय राय को काफी समझाया, उन्हें धरने से उठाया और खुद उनका हाथ पकड़कर गाड़ी तक छोड़कर आए। हालांकि, अंदरखाने की खबर यह है कि अजय राय तब तक टस से मस नहीं हुए, जब तक उनकी सीधी बात पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी से नहीं करा दी गई।

क्या है पुरानी रंजिश की कहानी?

ममता चौधरी और अजय राय के बीच तनातनी कोई नई नहीं है। दोनों के बीच पिछले करीब तीन साल से शीत युद्ध चल रहा है। पिछले कार्यकाल के दौरान अजय राय ने ममता चौधरी के पार्टी कार्यालय में प्रवेश पर भी रोक लगा दी थी।

अब जब आराधना मिश्रा को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, तो सियासी गलियारों में चर्चा है कि ममता चौधरी उनकी करीबी मानी जाती हैं। माना जा रहा है कि यही पुरानी धमक और नई नियुक्तियों के समीकरण इस भिड़ंत की मुख्य वजह बने। बहरहाल, जिस दिन पार्टी को एकजुट होकर नई शुरुआत का संदेश देना था, उस दिन हुई इस किरकिरी ने यूपी कांग्रेस के सामने अनुशासन और गुटबाजी को लेकर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।

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