Vande Mataram Campaign: ‘नमामि भारतम् वंदे मातरम्’ अभियान के तहत गुरुवार को बागबाहरा के सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में राष्ट्रभक्ति का माहौल नजर आया। सुबह 11 बजे विद्यालय परिसर में सैकड़ों कंठों से एक साथ ‘वंदे मातरम्’ गूंजा। स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर सहित नगर के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के कुल 2038 प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत का गायन किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एसडीएम शुभम देव, अध्यक्ष पूर्व सांसद चुन्नीलाल साहू तथा विशेष अतिथि जिला पंचायत उपाध्यक्ष भीखम ठाकुर एवं विद्यालय संचालन समिति के सदस्य अनिल पुरोहित उपस्थित रहे।
11 बजे एक स्वर में गूंजा वंदे मातरम्
विद्या भारती से संबद्ध देशभर के विद्यालयों में एक साथ सुबह 11 बजे आयोजित इस समवेत गायन में बागबाहरा के विद्यालय परिवार ने भी सहभागिता की। निर्धारित समय पर विद्यालय परिसर राष्ट्रगीत के स्वरों से गूंज उठा। विद्यालय के भैया-बहनों, आचार्यों, संचालन समिति के पदाधिकारियों, प्रबुद्ध नागरिकों, अभिभावकों एवं मातृशक्ति ने एक स्वर और एक लय में ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया। इस दौरान परिसर में राष्ट्रप्रेम और एकता का वातावरण बना रहा।
छह संस्थानों से 2038 प्रतिभागी शामिल
कार्यक्रम में सरस्वती शिशु मंदिर के 849, शासकीय महाविद्यालय बागबाहरा के 622, शासकीय कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय के 111, कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल के 230, प्रतिभा पब्लिक स्कूल के 110 तथा शासकीय उच्च प्राथमिक शाला खुसरुपाली (चंडी) के 116 प्रतिभागी शामिल हुए। इस प्रकार कुल 2038 प्रतिभागियों ने सामूहिक गायन में भाग लिया।
वंदे मातरम् ने जगाई राष्ट्रीय चेतना
मुख्य अतिथि एसडीएम शुभम देव ने वंदे मातरम् के गायन से अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि पराधीनता के दौर में वंदे मातरम् ने भारतीयों में राष्ट्रीय चेतना और एकता की भावना को मजबूत किया। उन्होंने बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की रचना से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन तक वंदे मातरम् की ऐतिहासिक भूमिका का उल्लेख किया।
स्वतंत्रता संग्राम में बनी राष्ट्रीय जागरण की आवाज
कार्यक्रम के अध्यक्ष पूर्व सांसद चुन्नीलाल साहू ने वंदे मातरम् को स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणादायी आवाज बताया। उन्होंने कहा कि 1905 के बंग-भंग आंदोलन के दौरान वंदे मातरम् राष्ट्रीय जागरण का प्रमुख स्वर बन गया था। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने इसे देशभक्ति और संघर्ष की प्रेरणा के रूप में अपनाया।
नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने का प्रयास
विशेष अतिथि विद्यालय संचालन समिति के सदस्य अनिल पुरोहित ने वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के संदर्भ में इसके वर्तमान महत्व पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व और स्वतंत्रता संग्राम में इसके योगदान से परिचित कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सांस्कृतिक जड़ों से जुड़कर आने वाली पीढ़ी देश के प्रति अपने दायित्व को बेहतर ढंग से समझ सकती है।आयोजन को बताया अनुकरणीय पहल
युवा समाजसेवी एवं एल्डरमैन सुरेश महंती ने कहा कि ‘नमामि भारतम्’ अभियान भावी पीढ़ी को देश की सांस्कृतिक विरासत, मातृभूमि के प्रति कर्तव्य-बोध और स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानियों की स्मृति से जोड़ने की पहल है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारतीय राष्ट्रीय चेतना से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रतीक है। कार्यक्रम का संचालन कान्हा वर्मा एवं साधना देवांगन ने किया। विद्यालय संचालन समिति के सचिव राहुल अग्रवाल ने आभार व्यक्त किया।
ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर विद्यालय संचालन समिति के सह सचिव जोगेंद्र सिंह, सदस्य नरेश जैन, अलका चंद्राकर, भाजपा मंडल अध्यक्ष डॉली ध्रुव, जसराज चंद्राकर, भोजनाथ देवांगन, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष भेखलाल साहू, बृजेश गुप्ता, एल्डरमैन मोतीलाल पुजारा, मदन देवांगन, राजेंद्र बाजपेयी, देवकुमार पटेल, कृष्णालाल साहू, हरिराम चंद्राकर, नरेंद्र बग्गा,सहित समिति के सदस्य, नगरवासी, अभिभावक, माताएं-बहनें एवं आचार्य परिवार उपस्थित रहा।

