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कांकेर (उत्तर बस्तर)
विवाद : प्रसूता और नवजात की मौत से हड़कंप स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोली
भानुप्रतापपुर (कांकेर) में प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक आदिवासी महिला और उसके नवजात शिशु की मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में समय पर इलाज और उचित देखरेख नहीं मिली, साथ ही सोनोग्राफी मशीन खराब होने और एम्बुलेंस सुविधा न मिलने से उन्हें निजी केंद्र जाना पड़ा।
सेहत
स्वास्थ्य : भीषण गर्मी और गलत लाइफस्टाइल बढ़ा रही किडनी स्टोन का खतरा
देशभर में युवाओं के बीच किडनी स्टोन यानी गुर्दे की पथरी की समस्या तेजी से बढ़ रही है। डॉक्टरों के अनुसार अत्यधिक गर्मी, डिहाइड्रेशन, कम पानी पीना, जंक फूड, सॉफ्ट ड्रिंक्स और अनियमित लाइफस्टाइल इसके बड़े कारण बन रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि 20 से 40 साल की उम्र के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। पेट और कमर में दर्द, पेशाब में जलन और यूरिन इंफेक्शन जैसे लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। डॉक्टरों ने लोगों को पर्याप्त पानी पीने, संतुलित भोजन और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी है।
बीजापुर
नई रोशनी : इंद्रावती पार कर पहुंची स्वास्थ्य टीम, स्वास्थ्य सेवाओं का सफल अभियान
कलेक्टर विश्वदीप और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला बीजापुर के नेतृत्व में भैरमगढ़ विकासखंड के दुर्गम क्षेत्र नूगुर और उसके आस-पास के गांवों में यूनिवर्सल हेल्थ स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य टीम ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और इंद्रावती नदी पार कर लगभग 90 किलोमीटर की दूरी तय की।
सुकमा
सफलता : मिनपा स्वास्थ्य केंद्र बना राष्ट्रीय मानक का प्रतीक, समर्पण की नई मिसाल
सुकमा जिले के मिनपा स्वास्थ्य केंद्र ने कठिन भौगोलिक और संसाधन संबंधी चुनौतियों के बावजूद स्वास्थ्य सेवा में उत्कृष्टता हासिल की है। 2022 में सीमित संसाधनों और अस्थायी व्यवस्थाओं से शुरुआत करने वाला यह केंद्र अब राष्ट्रीय गुणवत्ता मानक (हृक्त्रस्) मूल्यांकन में मान्यता प्राप्त कर चुका है। स्वास्थ्य विभाग की टीम, मितानिन, एएनएम, सीएचओ और जिला प्रशासन के सहयोग से नियमित हेल्थ कैंप और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों के बीच विश्वास और स्वास्थ्य संस्कृति को मजबूत किया।15 अप्रैल 2026 को राष्ट्रीय गुणवत्ता मानक दल द्वारा किए गए निरीक्षण में मिनपा स्वास्थ्य केंद्र ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
रायपुर
पूर्ण प्रतिबंध : छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य संकट के बीच थाई मांगुर-बिग हेड मछली पर बैन लागू
स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए हानिकारक मानी जाने वाली थाई मांगुर और बिग हेड मछली के पालन, बिक्री और परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। कलेक्टर अभिजीत सिंह द्वारा जारी आदेश के बाद इन विदेशी प्रजातियों पर सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन मछलियों के सेवन से कैंसर और गंभीर त्वचा रोग जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है, क्योंकि ये दूषित पदार्थों को खाकर शरीर में विषैले तत्व जमा कर लेती हैं। प्रतिबंध के पालन के लिए विशेष उड़नदस्ता दल गठित किया गया है जो बाजारों, तालाबों और वाहनों की जांच करेगा।
जगदलपुर (बस्तर)
बड़ी सौगात : अब बस्तर में नहीं भटकेंगे मरीज, जगदलपुर में शुरू हुई सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवा
जगदलपुर में बस्तर संभाग के लिए अत्याधुनिक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल शुरू किया गया, जिसका वर्चुअल उद्घाटन Amit Shah ने Vishnu Deo Sai की मौजूदगी में किया। यह अस्पताल प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत विकसित हुआ है और इसमें आधुनिक उपकरण, विशेषज्ञ डॉक्टर तथा उन्नत इलाज सुविधाएं उपलब्ध होंगी। NMDC Limited ने इसके संचालन के लिए ₹25 करोड़ की सहायता दी है और अगले पांच वर्षों तक आर्थिक सहयोग देने का वादा किया है। अस्पताल की खास बात यह है कि बस्तर के गरीब, आदिवासी और जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क इलाज मिलेगा। इससे लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए रायपुर या अन्य बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता कम होगी। यह परियोजना बस्तर के स्वास्थ्य ढांचे और समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
बीजापुर
स्वास्थ्य महाअभियान : दूर-दराज गांवों तक पहुंच रही स्वास्थ्य सुविधाएं, गमपुर में सफल रहा यूनिवर्सल हेल्थ सर्वेक्षण
दूरस्थ ग्राम गमपुर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा यूनिवर्सल हेल्थ स्क्रीनिंग सर्वेक्षण अभियान चलाकर 771 ग्रामीणों की जांच की गई। अभियान के दौरान 05 मलेरिया मरीज, 02 संभावित टीबी मरीज और 01 हाई रिस्क प्रेग्नेंसी केस की पहचान कर उपचार एवं रेफरल की कार्रवाई की गई। साथ ही बीपी और एनीमिया मरीजों को दवाएं व स्वास्थ्य परामर्श दिया गया। स्वास्थ्य टीम ने ग्रामीणों को साफ-सफाई, पोषण और बीमारियों से बचाव के प्रति भी जागरूक किया।
अंबिकापुर (सरगुजा)
निजी कंपनी का प्रचार : स्वास्थ्य विभाग के मार्केटिंग वाले RHO सस्पेंड, CMHO को भी नोटिस
सरगुजा जिले के धौरपुर क्षेत्र में एक उप स्वास्थ्य केंद्र के RHO स्वयंवर सिंह का वीडियो सामने आया, जिसमें वे ड्यूटी के दौरान एक निजी कंपनी के उत्पादों का प्रचार करते दिखे। जांच के बाद उन्हें तत्काल निलंबित कर दिया गया। उनकी पत्नी, जो महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता हैं, को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
सेहत
विश्व स्वास्थ्य संगठन : ब्लड प्रेशर ,कमजोर इम्यूनिटी तक, जानिए कौन सी चीजें पहुंचाती हैं नुकसान
World Health Organization यानी WHO के अनुसार ज्यादा नमक, चीनी, जंक फूड, धूम्रपान, शराब, तनाव और शारीरिक गतिविधि की कमी शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। ये तत्व हाई ब्लड प्रेशर, कमजोर हड्डियां, कम इम्यूनिटी, मोटापा और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ाते हैं। विशेषज्ञों ने संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने की सलाह दी है।
सेहत
पेरिमेनोपॉज : महिलाओं में बदलते पीरियड्स और मानसिक स्वास्थ्य पर बड़ा असर
40 की उम्र के बाद महिलाओं में पेरिमेनोपॉज के कारण पीरियड्स अनियमित होने लगते हैं। इस दौरान हार्मोनल बदलाव के चलते हॉट फ्लैश, मूड स्विंग, नींद की समस्या और मानसिक तनाव जैसे कई लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
देश
बदहाल व्यवस्था : स्वास्थ्य केंद्र पर फिर उठे सवाल, इलाज से ज्यादा अव्यवस्थाओं से जूझ रहे मरीज
छतरपुर जिले के बक्सवाहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अव्यवस्थाओं और मरीजों से कथित वसूली के आरोपों ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 39 पंचायतों के लोगों के लिए प्रमुख सरकारी अस्पताल माने जाने वाले इस केंद्र में मरीजों को दवा, सलाइन और अन्य जरूरी सामान के लिए बाहर भटकना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने सलाइन चढ़ाने के नाम पर पैसे वसूले जाने का आरोप लगाया है। वहीं भीषण गर्मी में साफ पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर भी नाराजगी है। मामले पर बीएमओ डॉ. सत्यम असाटी ने शिकायत मिलने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
बदलता बस्तर : अब जंगलों के बीच पहुंच रही स्वास्थ्य और विकास की रोशनी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर बस्तर में चल रहे तेज विकास और बदलते हालात की जानकारी दी। बैठक में विशेष रूप से ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ पर चर्चा हुई, जिसके तहत दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं अब सीधे गांवों तक पहुंच रही हैं और एक महीने में 21.86 लाख से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है।