"विष्णु देव साय" के लिए 297 परिणाम मिले
राज्य सरकार
ITI में पहली बार शुरू हुआ इलेक्ट्रिक व्हीकल ट्रेड, युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए अवसर
जिले में युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। नवीन शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई), जीजामगांव में सत्र 2026-27 से पहली बार मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल (Mechanic Electric Vehicle) ट्रेड का प्रथम बैच प्रारंभ किया गया है। यह संस्था का भी पहला प्रशिक्षण सत्र होगा।
राज्य सरकार
छत्तीसगढ़ में 8 लाख करोड़ के निवेश का वादा, 1.6 लाख रोजगार की उम्मीद
नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ में पिछले 18 महीनों में 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इससे विभिन्न क्षेत्रों में 1.6 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। डेटा सेंटर, आईटी, फार्मा, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिकल-इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में निवेश से राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की संभावना है।
रायपुर
छत्तीसगढ़ को मिला GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड, सरकारी खरीदी पहुंची ₹3,935 करोड़
छत्तीसगढ़ को GeM के 10वें स्थापना दिवस समारोह में ‘सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में GeM के जरिए सरकारी खरीदी 113% बढ़कर ₹3,935 करोड़ पहुंची और राज्य को ₹130 करोड़ की बचत हुई। MSE, महिला उद्यमियों और स्टार्टअप से खरीदी में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज हुई।
राज्य सरकार
हरेली तिहार : गेड़ी की खट-खट, खेतों की हरियाली और छत्तीसगढ़ी परंपराओं से सजा गांव
छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में खेती-किसानी की अहम भूमिका है। प्रदेश सरकार का कहना है कि गांव, गरीब और किसान उसकी प्राथमिकताओं में हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बीते ढाई वर्षों में किसानों के हित में कई फैसले लिए गए हैं।
रायपुर
बंदूकों की गूँज से हथकरघा के मंच तक : रायपुर में जब बस्तर की 9 पूर्व नक्सलियों ने रैंप वॉक कर रचा इतिहास
सुकमा की नौ आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों ने रायपुर में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस कार्यक्रम के दौरान कोसा सिल्क परिधानों में रैंप वॉक किया। यह छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति और बस्तर में बदलाव की प्रेरक तस्वीर बनी।
राज्य सरकार
आधुनिक तकनीक से खेती में बदलाव, जशपुर के किसान अनारथ साय की मेहनत बनी प्रेरणा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में किसानों को पारंपरिक धान की खेती के साथ उद्यानिकी, संरक्षित खेती और फसल विविधीकरण अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। शासन की योजनाओं का लाभ लेकर किसान अब आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाते हुए आय के नए स्रोत तैयार कर रहे हैं।
राज्य सरकार
नक्सल प्रभावित गांव में पहुंची स्वास्थ्य टीम, बुजुर्ग महिला को मिला आयुष्मान योजना का सहारा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए आयुष्मान भारत संतृप्ति अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत सुकमा जिले के ग्राम पुनपल्ली (दुब्बाटोटा), विकासखंड कोंटा में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक बुजुर्ग महिला के घर पहुंचकर उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ दिलाया।
राज्य सरकार
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में AI निगरानी शुरू, अब कैमरे करेंगे जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा
छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए एआई आधारित स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम का ट्रायल शुरू किया गया है। AI कैमरे, ड्रोन और वायरलेस तकनीक की मदद से जंगलों में 24 घंटे निगरानी होगी और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत अलर्ट मिलेगा।
रायपुर
छत्तीसगढ़ कर्मचारियों को बड़ी सुविधा, ई-कोष से मिलेगा वेतन के बदले ऑनलाइन ऋण
छत्तीसगढ़ सरकार ने जुलाई 2026 से शासकीय कर्मचारियों के लिए ई-कोष पोर्टल के माध्यम से अल्पावधि ऋण सुविधा शुरू की है। कर्मचारी अब चिकित्सा, शिक्षा और अन्य जरूरी जरूरतों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सीधे बैंक खाते में ऋण राशि प्राप्त कर सकेंगे।
रायपुर
छत्तीसगढ़ के कोसा को मिली नई पहचान, सीएम साय ने लॉन्च किया ‘कोशल फैब’
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा संघ के प्रीमियम ब्रांड ‘कोशल फैब’ का शुभारंभ किया। इस पहल के जरिए छत्तीसगढ़ के कोसा और हथकरघा उत्पादों को आधुनिक डिजाइन, बेहतर पैकेजिंग और नए बाजारों से जोड़कर बुनकरों को आर्थिक मजबूती देने का प्रयास किया जाएगा।
राज्य सरकार
अदरक की खेती ने बदली किसान की तकदीर, पौन एकड़ में कमाए 4.5 लाख रुपए
सरगुजा जिले के दरिमा गांव के किसान संतोष कुमार सिंह ने फसल विविधीकरण अपनाकर पौन एकड़ जमीन में अदरक की खेती से करीब साढ़े चार लाख रुपए का शुद्ध लाभ कमाया। बेहतर बाजार भाव और वैज्ञानिक तकनीक के उपयोग से उनकी आय बढ़ी, जिसके बाद उन्होंने इस वर्ष अदरक की खेती का रकबा बढ़ाकर एक एकड़ कर लिया है।
राज्य सरकार
जल संरक्षण से आत्मनिर्भर बना कालामांजल, 250 से अधिक लोगों को मिला रोजगार
सूरजपुर जिले के कालामांजल गांव में जल संरक्षण कार्यों से बड़ा बदलाव आया है। कंटूर ट्रेंच और गेबियन चेक डैम के निर्माण से बारिश का पानी सहेजा गया, जल स्रोत सालभर उपलब्ध हुए और खेती, मत्स्य पालन व ग्रामीण रोजगार के नए अवसर बढ़े।