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रायपुर
ऑन द स्पॉट एक्शन : तिल्दा-नेवरा में बिफरे मंत्री और सांसद, किसान को परेशान करने पर पटवारी 1 घंटे में सस्पेंड
तिल्दा-नेवरा में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ समाधान शिविर में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने एक किसान की शिकायत पर सख्त कार्रवाई करते हुए दोषी पटवारी को एक घंटे के भीतर निलंबित करने के निर्देश दिए। किसान को अपनी जमीन के रिकॉर्ड सुधारने के लिए लंबे समय से दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि जनता की समस्याओं में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
किसान कल्याण : जैविक एवं वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा, आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश
खरीफ 2026 के लिए कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा सहकारी क्षेत्र में उर्वरक वितरण संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। वैज्ञानिक अनुशंसाओं के अनुसार एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन को बढ़ावा देते हुए रासायनिक उर्वरकों के साथ जैव उर्वरक, जैविक खाद एवं हरी खाद के उपयोग पर जोर दिया गया है।
रायपुर
किसानों की तकदीर : फलोत्पादन से समृद्ध हो रहा जशपुर, नाशपाती बनी किसानों की नई पहचान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में उद्यान विभाग, नाबार्ड और रीड्स एनजीओ के सहयोग से किसानों को आधुनिक फलोत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिले में 3500 हेक्टेयर में नाशपाती के बाग विकसित किए गए हैं, जिससे 3500 से अधिक किसान जुड़े हैं। हर साल लगभग 1.75 लाख क्विंटल नाशपाती का उत्पादन हो रहा है, जिसकी मांग दिल्ली, उत्तरप्रदेश और ओडिशा समेत कई राज्यों में बढ़ी है। नाशपाती की खेती से किसानों को प्रति एकड़ 1 से 1.5 लाख रुपये तक की आय हो रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।
रायपुर संभाग
धरना प्रदर्शन : प्रति एकड़ खाद सीमा घटाने पर भड़के किसान, सोसायटी मैदान में प्रदर्शन
नारा, संडी और डिधारी गांवों के किसानों ने प्रति एकड़ रासायनिक खाद की मात्रा में कटौती के विरोध में सोसायटी मैदान में धरना प्रदर्शन किया। किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर पुरानी खाद वितरण व्यवस्था बहाल करने, पर्याप्त डीजल उपलब्ध कराने और नैनो खाद व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग की। किसानों का कहना है कि कम खाद मिलने से उत्पादन घटेगा और खेती की लागत बढ़ेगी।
महासमुंद
किसान की सफलता : आधुनिक तकनीक अपनाकर महिला किसान ने रचा सफलता का नया मॉडल
महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखंड के बरनाईदादर गांव की कृषक श्रीमती मीना पटेल ने आधुनिक उद्यानिकी खेती अपनाकर बड़ी सफलता हासिल की है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत ग्राफ्टेड टमाटर की खेती, ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक के उपयोग से उन्होंने एक एकड़ में लगभग 400 क्विंटल उत्पादन प्राप्त किया।
छत्तीसगढ़
किसानों का फूटा गुस्सा : खाद कटौती पर रीवा में धरना, बोले- “कम खाद से घटेगी पैदावार”
रीवा, कुकरा और रसनी के किसानों ने खाद की मात्रा में कटौती के विरोध में शांतिपूर्ण धरना देकर पूर्ववत उर्वरक वितरण की मांग की। किसानों का कहना है कि नई व्यवस्था से उत्पादन घटेगा और खेती की लागत बढ़ेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम ज्ञापन सौंपते हुए किसानों ने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।
रायपुर
तैयारी तेज : नवापारा-राजिम में किसानों को मिल रहा खाद-बीज और कृषि ऋण
नवापारा-राजिम अंचल में किसान खरीफ सीजन की तैयारियों में जुट गए हैं। खेतों की साफ-सफाई, मेढ़ सुधार और जुताई का कार्य तेज हो गया है। सहकारी समितियों में किसानों को खाद, बीज और कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। समिति प्रबंधन के अनुसार किसानों को डीएपी, यूरिया, पोटाश, राखड़ और प्रमाणित धान बीज निर्धारित दर पर दिए जा रहे हैं।
किसानों के प्रेरणास्रोत : मेहनत का कमाल, छबी लाल ने लिखी सफलता की नई कहानी
ग्राम बेलौदी निवासी किसान छबी लाल ने वाटरशेड विकास योजना की मदद और वैज्ञानिक खेती अपनाकर अपनी 1.5 एकड़ भूमि को सफल सब्जी उत्पादन मॉडल में बदल दिया है। कभी पानी की कमी और सीमित संसाधनों से जूझने वाले छबी लाल आज बरबट्टी, भिंडी, करेला, बैंगन और तोरई जैसी सब्जियों की खेती कर अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। उनकी सफलता से प्रभावित होकर ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव नरेन्द्र भूषण ने भी उनके खेत का दौरा कर सराहना की। छबी लाल की उपलब्धि अब क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा बन गई है।
सफलता : धान से आगे बढ़कर मिर्च, मक्का और मछली पालन से किसान बना रहा मॉडल
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के ग्राम फुतकेल के किसान गोपाल एर्रागोला ने आधुनिक और बहुफसली खेती अपनाकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। वर्षा आधारित धान खेती से आगे बढ़ते हुए उन्होंने मक्का, मूंगफली, मिर्च, सब्जी उत्पादन, पशुपालन और मछली पालन को अपनाया। कृषि विभाग, आत्मा योजना, ड्रिप सिंचाई, सौर सुजला योजना और प्राकृतिक खेती तकनीकों की मदद से उनकी वार्षिक शुद्ध आय लगभग 3.94 लाख रुपये तक पहुंच गई है। उनकी सफलता अब क्षेत्र के अन्य किसानों और युवाओं को भी वैज्ञानिक खेती की ओर प्रेरित कर रही है।
छत्तीसगढ़
खाद-बीज संकट : किसानों का हल्लाबोल, भानसोज सोसायटी का घेराव
खाद, बीज और डीजल की किल्लत से नाराज किसानों ने शुक्रवार को भानसोज सोसायटी का घेराव कर भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों ने आरोप लगाया कि खेती के समय सोसायटियों में पर्याप्त खाद-बीज उपलब्ध नहीं है, जिससे बोआई प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। प्रदर्शन के बाद किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर खाद-बीज और डीजल की तत्काल व्यवस्था करने की मांग की।
कृषि जागरूकता : किसानों को आधुनिक खेती एवं संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए किया गया जागरूक
विकसित कृषि संकल्प अभियान एवं सुशासन तिहार के अंतर्गत जिले के पांचों विकासखंडों के 10 ग्रामों में जागरूकता एवं समाधान शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में कृषि विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा किसानों को शासन की योजनाओं, संतुलित उर्वरक उपयोग, आधुनिक खेती की तकनीकों एवं जैविक खेती के संबंध में जानकारी दी गई।
बड़ा इजाफा : गेंदा खेती ने बदली किसान गितेश्वर टण्डन की तकदीर, धान से दोगुनी हुई आय
महासमुंद विकासखंड के ग्राम फूलवारी (बावनकेरा) के किसान श्री गितेश्वर टण्डन ने पारंपरिक धान खेती छोड़ आधुनिक तकनीकों के साथ गेंदा फूल की खेती अपनाकर सफलता हासिल की। राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत 2 एकड़ में गेंदा उत्पादन शुरू कर उन्होंने ड्रिप सिंचाई और यांत्रिकरण का उपयोग किया, जिससे लागत घटी और उत्पादन बढ़ा। अब उन्हें धान की तुलना में दोगुने से अधिक लाभ मिल रहा है और उनकी सफलता आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा बन गई है।