"धान की फसल" के लिए 50 परिणाम मिले
रायपुर संभाग
लगातार बारिश से आरंग के किसानों की बढ़ी परेशानी, तीसरी बार बोवनी के बाद भी नहीं उगी धान
आरंग तहसील में लगातार हो रही तेज बारिश से धान की फसल प्रभावित हो रही है। कई गांवों में किसानों को तीसरी बार बोवनी करने के बाद भी खेतों में पौधे तैयार नहीं हो पा रहे हैं। जलभराव के कारण बीज और अंकुर खराब होने से किसानों की लागत बढ़ गई है। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से सर्वे कराकर बीज सहायता और फसल बीमा के तहत मुआवजा देने की मांग की है।
रायगढ़
जंगलों से गांव तक पहुंचे हाथी : रात में गांव पहुंच रहा हाथियों का दल, राइस मिल में घुसकर खाया धान
रायगढ़ जिले के छाल, बोरो, धरमजयगढ़ और कापू वन क्षेत्रों में हाथियों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। औरानारा गांव की एक राइस मिल में लगातार दूसरी रात हाथी घुसकर धान खा गया और बाउंड्रीवाल तोड़ दी।
धमतरी
हड़कंप : सिंचाई विभाग की लापरवाही से टूटी नहर, दमकाडीह के किसानों पर टूटा संकट
धमतरी जिले के दमकाडीह गांव में माइनर नहर टूटने से करीब 80 से 100 एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई, जिससे किसानों को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे और नहर की स्थायी मरम्मत की मांग की है, जबकि विभाग ने बारिश थमने के बाद मरम्मत कराने की बात कही है।
धमतरी
खरीफ सीजन : मगरलोड के दमकाडीह में टूटी सिंचाई नहर, खेत जलमग्न किसानों की बढ़ी चिंता
धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड के ग्राम दमकाडीह में सिंचाई विभाग की माइनर नहर टूटने से खेतों में पानी भर गया है। नहर में कटाव के कारण खरीफ फसल प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। किसानों ने बताया कि समय पर मरम्मत नहीं होने से धान की बुवाई पर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग से जल्द नहर सुधारने और पानी के बहाव को नियंत्रित करने की मांग की है।
महासमुंद
खाद नहीं, चक्कर ही चक्कर... किसान लाइन में, गोदाम में 30 टन पोटाश 20 दिन से पड़ा
ऑनलाइन एंट्री नहीं होने से वितरण अटका; DAP की कमी से बढ़ी मुश्किल, 15 सोसायटियों के किसान प्रभावित
रायगढ़
जंगल से गांव तक पहुंचे हाथी : खेतों में घुसे हाथियों के दल ने मचाया उत्पात, 6 किसानों की फसल चौपट
रायगढ़ जिले में हाथियों के दल ने रात के समय गांवों और खेतों में पहुंचकर 6 किसानों की धान फसल को नुकसान पहुंचाया। एक कच्चे मकान को भी हाथी ने क्षतिग्रस्त कर दिया। वन विभाग ड्रोन से निगरानी कर प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों को सतर्क कर रहा है।
महासमुंद
महासमुंद में बदली खेती की तस्वीर : धान छोड़ मूंगफली की खेती की ओर बढ़े किसान, बढ़ी कमाई की उम्मीद
महासमुंद जिले में खरीफ सीजन के दौरान करीब 1,000 हेक्टेयर क्षेत्र में मूंगफली की खेती की जा रही है। कृषि विभाग के प्रोत्साहन से किसान धान की जगह कम पानी और कम लागत वाली फसलें अपना रहे हैं, जिससे बेहतर आय और टिकाऊ खेती की उम्मीद बढ़ी है।
रायपुर संभाग
रथयात्रा पर इंद्रदेव मेहरबान, बारिश से किसानों को बड़ी राहत
रथयात्रा पर्व पर आरंग क्षेत्र में हुई अच्छी बारिश से किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। ग्रामीण मान्यता के अनुसार इस दिन की वर्षा को शुभ माना जाता है। खेतों में नमी बढ़ने से धान सहित खरीफ फसलों की बेहतर पैदावार की उम्मीद जगी है।
रायगढ़
हाथियों ने मचाया आतंक : ग्रामीणाें के 8 घर तोड़े और फसलों को भी किया बर्बाद
रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल क्षेत्र में हाथियों के झुंड ने दो दिनों में 8 ग्रामीणों के मकान क्षतिग्रस्त कर दिए। हाथियों ने धान की फसल और नर्सरी को भी नुकसान पहुंचाया है। वन विभाग ने प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाते हुए मुआवजे के लिए नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।
राज्य सरकार
आधुनिक कृषि : कम खर्च में बेहतर पैदावार की ओर किसान, नैनो डीएपी से मिला लाभ
पिथौरा विकासखंड के ग्राम सलडीह के प्रगतिशील किसान धनेश्वर साव ने धान की फसल में नैनो डीएपी और नैनो यूरिया प्लस का वैज्ञानिक उपयोग कर बेहतर परिणाम प्राप्त किए हैं। बीज उपचार, पौधों की जड़ों के उपचार और अलग-अलग अवस्थाओं में छिड़काव से फसल अधिक हरी-भरी, स्वस्थ और मजबूत हुई। रोग-कीट का प्रकोप कम होने से कीटनाशकों, मजदूरी और खेती की लागत में भी बचत हुई।
राज्य सरकार
उत्पादन : नैनो उर्वरकों से किसान को मिला बेहतर उत्पादन, लागत में आई कमी
ग्राम कोसरंगी के प्रगतिशील किसान भूषण साहू ने अपनी धान की फसल में नैनो डीएपी और नैनो यूरिया प्लस का उपयोग कर बेहतर परिणाम प्राप्त किए हैं। कृषि विभाग और इफको महासमुंद के सहयोग से किए गए डेमोंस्ट्रेशन के बाद उन्होंने पाया कि इन तरल उर्वरकों से फसल स्वस्थ रही और उत्पादन पारंपरिक खेती के समान रहा, जबकि दानेदार खाद की खपत में कमी आई।
बालोद
पुनरुद्धार महाअभियान : बालोद में भारी बवाल, नदी किनारे अवैध कब्जों पर चला प्रशासन का बुलडोजर
बालोद जिले में तांदुला नदी के जलग्रहण क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन ने भारी पुलिस बल के साथ बड़ी कार्रवाई की। ड्रोन सर्वे में नदी की चौड़ाई 220 मीटर से घटकर 80-90 मीटर होने का खुलासा हुआ था। प्रशासन ने अवैध खेती और कब्जों पर बुलडोजर चलाया, जिसके विरोध में किसानों और क्षेत्रीय संगठनों ने प्रदर्शन किया।