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धर्म
सनातन संस्कृति महोत्सव : लखनऊ में होगी पद्मविभूषण रामभद्राचार्य जी की श्रीराम कथा
पद्मविभूषण जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज की भव्य नौ दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन 1 से 9 जून 2026 तक लखनऊ के सीतापुर रोड स्थित सेवा अस्पताल परिसर में किया जाएगा। प्रतिदिन शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक होने वाली इस कथा में भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, धर्म, संस्कृति और जीवन मूल्यों पर विस्तृत प्रवचन होंगे। देशभर से हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है, जिससे राजधानी लखनऊ नौ दिनों तक भक्ति और आध्यात्मिकता के रंग में रंगी रहेगी।
फिल्में
एस.एस. राजामौली : भव्य सेट, बड़ा बजट और ग्लोबल विजन, ‘वाराणसी’ से फिर इतिहास रचेंगे राजामौली
एस.एस. राजामौली की आगामी मेगा बजट फिल्म ‘वाराणसी’ इन दिनों लगातार चर्चा में बनी हुई है। फिल्म में महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा और पृथ्वीराज सुकुमारन जैसे बड़े सितारे नजर आएंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म को बड़े स्तर पर तैयार किया जा रहा है और इसमें एडवेंचर, माइथोलॉजी और फैंटेसी का अनोखा मिश्रण देखने को मिलेगा। हैदराबाद में वाराणसी के घाटों जैसे विशाल सेट बनाए गए हैं, जबकि फिल्म के विजुअल्स और एक्शन सीक्वेंस को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ‘वाराणसी’ भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी और ग्लोबल फिल्मों में शामिल हो सकती है।
मनोरंजन
सुर्खियों में अभिनेता : ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद रणवीर सिंह की बढ़ी डिमांड, अपकमिंग फिल्मों को लेकर तेज हुई चर्चा
Ranveer Singh अपनी हालिया ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद लगातार चर्चा में हैं। उनकी फिल्म धुरंधर ने दुनियाभर में 300 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की है। इसी बीच Amish Tripathi ने साफ किया कि उनकी किताब The Immortals of Meluha के फिल्म राइट्स अब तक किसी को नहीं दिए गए हैं, जिससे रणवीर के भगवान शिव का किरदार निभाने की खबरों पर विराम लग गया।
छत्तीसगढ़
मां कौशल्या धाम : जहां श्रद्धा में मिलता है ममता का सुकून, शांति में बसती है आस्था
मदर्स डे के अवसर पर चंदखुरी स्थित मां कौशल्या धाम मातृत्व, श्रद्धा और शांति का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। तालाब के बीच स्थित यह ऐतिहासिक मंदिर भगवान श्रीराम की माता कौशल्या का मायका माना जाता है, जहां पहुंचकर श्रद्धालुओं को मानसिक सुकून और दिव्य अनुभूति का अहसास होता है। यहां हर व्यक्ति समान भाव से मां की आराधना करता है और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करता है।
संपादकीय
डॉ. नीरज गजेंद्र : सूर्यवंशम से शादी में जरूर आना तक त्याग, सफलता और बदलते रिश्ते की कहानी
गोंडा की एक सच्ची घटना इन दिनों चर्चा में है, जहां एक मजदूर पति ने अपनी पत्नी को एएनएम बनाने के लिए मजदूरी की, मवेशी और फसल तक बेच दी, लेकिन नौकरी लगने के बाद पत्नी ने साथ रहने से इनकार कर दिया। यह घटना बदलते रिश्तों और समाज की सोच पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। लेख में इस घटना की तुलना “सूर्यवंशम” और “शादी में जरूर आना” जैसी फिल्मों से करते हुए बताया गया है कि सफलता के बाद रिश्तों में सम्मान और संवेदनशीलता बची रहना कितना जरूरी है।
यात्रा
तुंगनाथ धाम : बादलों के बीच बसा वह दिव्य स्थान जहाँ प्रकट हुई थीं महादेव की भुजाएं
Tungnath Temple उत्तराखंड के हिमालय में स्थित भगवान शिव का एक अत्यंत पवित्र और ऊँचाई पर स्थित मंदिर है, जो लगभग 3,680 मीटर की ऊँचाई पर है। इसे पंच केदार में तीसरा केदार माना जाता है और यह विश्व के सबसे ऊँचे शिव मंदिरों में से एक है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, महाभारत काल में पांडवों ने अपने पापों से मुक्ति पाने के लिए भगवान शिव की खोज की थी। शिवजी ने बैल का रूप धारण किया और उनके शरीर के विभिन्न भाग पाँच स्थानों पर प्रकट हुए, जिनमें तुंगनाथ में उनकी भुजाएँ (हाथ) प्रकट हुई थीं। इसके साथ ही इस स्थान का संबंध रामायण काल की मान्यताओं से भी जोड़ा जाता है और पास स्थित Chandrashila को भगवान राम के ध्यान स्थल के रूप में भी माना जाता है।
धर्म
आस्था की पराकाष्ठा : तपती सड़क पर दंडवत प्रणाम करते पुत्र और नंगे पैर अखंड ज्योत थामे मां की अनूठी नर्मदा परिक्रमा
बालकदास बाल ब्रह्मचारी अपनी मां चंद्रकली के साथ भीषण गर्मी में नर्मदा नदी की कठिन दंडवत परिक्रमा कर रहे हैं। वे रोज़ 5–7 किमी जमीन पर लेटकर बिना किसी सहारे के यात्रा करते हैं और केवल एक बार फलाहार लेते हैं। उनकी मां नंगे पैर साथ चलती हैं और अखंड ज्योत संभालती हैं। यह उनकी दूसरी परिक्रमा है और वे समाज को नशामुक्ति, स्वच्छता और नैतिक मूल्यों का संदेश भी दे रहे हैं।
छत्तीसगढ़
लोक कलाकार संरक्षण समिति बागबाहरा की तैयारी बैठक सम्पन्न, पंचम संगीत कार्यशाला को लेकर बनी कार्ययोजना
लोक कलाकार संरक्षण समिति, ब्लॉक बागबाहरा की कार्यकारिणी की तैयारी बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें 18 से 25 मई तक सरस्वती शिशु मंदिर बागबाहरा में होने वाली पंचम आवासीय संगीत कार्यशाला की व्यवस्थाओं और कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। इस कार्यशाला में प्रदेशभर से प्रतिभागी गायन, वादन, नृत्य और रामायण व्याख्यान प्रशिक्षण के लिए शामिल होंगे और अनुभवी गुरुओं से प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। यह आयोजन स्थानीय कलाकारों और कला प्रेमियों के सहयोग से लगातार पाँचवें वर्ष आयोजित हो रहा है। कार्यशाला से जुड़े कई छात्र-छात्राओं का खैरागढ़ संगीत महाविद्यालय में चयन भी इसकी सफलता को दर्शाता है।
धर्म
29-30 अप्रैल को पिथौरा बनेगा आस्था का केंद्र, परशुराम जन्मोत्सव पर शोभायात्रा और जनेऊ संस्कार
पिथौरा में सर्व ब्राह्मण समाज द्वारा भगवान परशुराम जन्मोत्सव और उपनयन (जनेऊ) संस्कार का दो दिवसीय भव्य आयोजन 29 और 30 अप्रैल को परशुराम चौक स्थित ब्राह्मण समाज भवन में किया जाएगा। पहले दिन विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान जैसे पूजन, यज्ञोपवीत संस्कार के साथ बच्चों और महिलाओं की सांस्कृतिक प्रतियोगिताएँ तथा रात्रि में रामायण पाठ होगा। दूसरे दिन भगवान परशुराम के जीवन पर व्याख्यान, वेदारंभ व समावर्तन संस्कार के बाद शोभायात्रा, कीर्तन और आतिशबाजी का आयोजन किया जाएगा।
धर्म
सीता नवमी : दांपत्य सुख, संतान प्राप्ति और पारिवारिक समृद्धि के लिए क्या करें, पढ़िए यहां
वैशाख कृष्ण नवमी को मनाई जाने वाली सीता नवमी माता सीता के प्राकट्य का पावन पर्व है। यह दिन विशेष रूप से दांपत्य सुख, संतान प्राप्ति और पारिवारिक समृद्धि के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मिथिला के राजा जनक जब खेत में हल चला रहे थे, तब धरती से एक दिव्य कलश प्रकट हुआ, जिसमें से एक कन्या का जन्म हुआ वही कन्या थीं माता सीता।
छत्तीसगढ़
महासमुंद में पांडुलिपि संरक्षण को बढ़ावा, “ज्ञान भारतम” ऐप से जुड़ने की अपील
महासमुंद जिला में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आर्ष ज्योति गुरुकुल कोसरंगी में संरक्षित प्राचीन पांडुलिपियों का निरीक्षण किया। यहाँ रामायण, चार वेद और आयुर्वेद से जुड़ी महत्वपूर्ण पांडुलिपियाँ सुरक्षित हैं। उन्होंने “ज्ञान भारतम” ऐप के जरिए इन धरोहरों के डिजिटलीकरण पर जोर देते हुए नागरिकों से जुड़ने की अपील की। इस पहल के तहत पांडुलिपियों को जमा करने की जरूरत नहीं, केवल उनकी फोटो अपलोड करनी होती है, जिससे संरक्षण और दस्तावेजीकरण आसान हो सके।
छत्तीसगढ़
गड़बेड़ा में द्विदिवसीय भव्य मानस गान समारोह का भक्तिमय समापन, भंडारे के साथ हुआ आयोजन सम्पन्न
ग्राम गड़बेड़ा (पिथौरा के समीप) में आयोजित द्विदिवसीय भव्य मानस गान समारोह का समापन भक्तिमय वातावरण में हुआ। इस आयोजन में कई मानस परिवारों ने रामायण के प्रसंगों की मनोहरी प्रस्तुतियाँ दीं, जिनके माध्यम से भक्ति, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण, गौ-रक्षा और सामाजिक मूल्यों का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में पूर्व सांसद चुन्नीलाल साहू सहित कई अतिथि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। समापन अवसर पर महाभंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन को सफल बनाने में ग्रामवासियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों का विशेष योगदान रहा।