"शिक्षा" के लिए 1062 परिणाम मिले
तकनीक
नौकरियां नहीं, काम करने का तरीका बदलेगा AI वर्ल्ड बैंक की नई रिपोर्ट
वर्ल्ड बैंक की नई रिपोर्ट के अनुसार, AI से नौकरियों पर उतना बड़ा खतरा नहीं है जितना पहले माना जा रहा था। विकसित देशों की तुलना में भारत जैसे विकासशील देशों में AI का असर कम रहने की संभावना है। रिपोर्ट में बताया गया है कि AI रोजगार खत्म करने के बजाय काम की उत्पादकता बढ़ाने और खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा व सरकारी सेवाओं में सुधार का माध्यम बन सकता है।
महासमुंद
पिथौरा में दिव्यांगजन को मिला सहारा, संतुराम ध्रुव को प्रदान की गई ट्रायसाइकिल
पिथौरा जनपद पंचायत में आयोजित कार्यक्रम में ग्राम गड़बेड़ा निवासी दिव्यांग संतुराम ध्रुव को ट्रायसाइकिल सहायक उपकरण प्रदान किया गया। जनप्रतिनिधियों ने दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शासन की योजनाओं को महत्वपूर्ण बताया।
गरियाबंद
मंजूरी के बाद भी नहीं बदली तस्वीर, गरियाबंद में विकास कार्यों पर उठे सवाल
आदिवासी अंचलों में विकास योजनाओं के बावजूद जमीनी समस्याएं बनी हुई हैं। मैनपुर क्षेत्र में झोपड़ी में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहा है, जबकि कई केंद्र अब भी जुगाड़ व्यवस्था पर निर्भर हैं। वहीं सड़क बनने के बाद भी पुल नहीं होने से ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को बारिश में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
राज्य सरकार
महासमुंद में 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारी तेज, कलेक्टर ने मिनी स्टेडियम का किया निरीक्षण
महासमुंद। 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने शुक्रवार को मिनी स्टेडियम पहुंचकर आयोजन स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने मंच व्यवस्था, मैदान की स्थिति, बेरिकेटिंग सहित अन्य तैयारियों का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
राज्य सरकार
धमतरी के भोथापारा में जल संरक्षण और मत्स्य पालन से ग्रामीण परिवार बने आत्मनिर्भर
धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के भोथापारा गांव में आजीविका डबरी योजना ने आदिवासी परिवारों को आर्थिक मजबूती दी है। वर्षा जल संचयन, सिंचाई सुविधा और मत्स्य पालन के जरिए परिवारों की आय बढ़ी और पलायन पर रोक लगी।
बीजापुर
बीजापुर में शराब दुकान का विरोध तेज, महिलाओं-बच्चों ने सड़क पर उतरकर किया प्रदर्शन
बीजापुर जिले के भोपालपटनम विकासखंड अंतर्गत ग्राम संगमपल्ली (मद्देड) में प्रस्तावित सरकारी अंग्रेजी शराब दुकान को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे सड़क पर उतर आए और दुकान हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
बलरामपुर-रामानुजगंज
महिला शिक्षिकाओं की शिकायत पर प्रभारी प्रधान पाठक निलंबित
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के भरूहीबांस पूर्व माध्यमिक शाला के प्रभारी प्रधान पाठक मनोज कुमार गुप्ता को दो महिला शिक्षिकाओं की गंभीर शिकायतों के बाद निलंबित कर दिया गया है। शिक्षिकाओं ने अनुचित व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। जिला शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर संभागीय संयुक्त संचालक ने कार्रवाई की।
शिक्षा
श्रमिकों के बच्चों के लिए बड़ी सौगात, NEET-JEE की तैयारी होगी नि:शुल्क
छत्तीसगढ़ सरकार ने अटल करियर निर्माण योजना के तहत निर्माण श्रमिकों के 1,000 प्रतिभावान बच्चों को NEET और JEE की निश्शुल्क कोचिंग देने का फैसला किया है। साथ ही अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत चयनित 20 विद्यालयों में 200 बच्चों को कक्षा 6वीं से मुफ्त शिक्षा दी जाएगी।
महासमुंद
विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य को लेकर एकलव्य विद्यालय भोरिंग पालक संघ की बैठक आयोजित
महासमुंद जिले के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय भोरीग में पालक संघ की बैठक आयोजित हुई। बैठक में छात्रावास, भोजन व्यवस्था, शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर चर्चा की गई।
राज्य सरकार
निर्माण श्रमिकों के कल्याण पर सरकार का फोकस, योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश
छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की बैठक में निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में श्रमिक बच्चों को बेहतर शिक्षा देने, उच्च शिक्षा के लिए सहायता बढ़ाने और NEET-JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 1,000 बच्चों को निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया।
महासमुंद
महासमुंद छात्रावास में बच्चों को मिला सहयोग, बांटी गई दैनिक उपयोग की सामग्री
महासमुंद के प्री-मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास में विद्यार्थियों को लोअर, टी-शर्ट और दैनिक उपयोग की सामग्री वितरित की गई। छात्रावास में बेहतर सुविधाओं, पौष्टिक भोजन और अध्ययन व्यवस्था से बच्चों को शिक्षा के लिए अनुकूल माहौल मिल रहा है।
दुर्ग
डिजिटल दौर में भी कायम है लिथोग्राफी की पहचान, खैरागढ़ में आज भी जिंदा है पत्थरों की छपाई कला
छत्तीसगढ़ के राजकुमारी इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में 230 साल पुरानी लिथोग्राफी कला आज भी जीवित है। यहां विद्यार्थी जर्मनी से लाए गए लाइमस्टोन और ब्रिटिशकालीन प्रेस की मदद से पत्थर पर चित्र बनाकर प्रिंट तैयार करना सीखते हैं। लिथोग्राफी ने कभी अखबार, पोस्टर, कैलेंडर और धार्मिक चित्रों की छपाई में बड़ी भूमिका निभाई थी। यही तकनीक आगे चलकर ऑफसेट प्रिंटिंग की नींव बनी।