"ग्रामीण विकास" के लिए 116 परिणाम मिले
राज्य सरकार
तकनीकी व्यवस्था पर सवाल : मनरेगा टीए को आरईएस की 57 पंचायतें, उप अभियंता खाली हाथ
बसना जनपद पंचायत में तकनीकी जिम्मेदारियों के आबंटन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जारी आदेश के अनुसार मनरेगा तकनीकी सहायक संदीप कुमार को मनरेगा में कोई पंचायत नहीं मिली, लेकिन आरईएस विभाग की 57 ग्राम पंचायतों का तकनीकी प्रभार सौंप दिया गया। वहीं आरईएस उप अभियंता विष्णु नारायण नाथ सिंह राठौर को किसी भी पंचायत की जिम्मेदारी नहीं दी गई।
महासमुंद
आधार बायोमेट्रिक अपडेट को लेकर कलेक्टर ने दिए निर्देश, 30 सितंबर तक मिलेगी मुफ्त सुविधा
महासमुंद में आधार बायोमेट्रिक अपडेट अभियान को लेकर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं। 30 सितंबर 2026 तक 5 और 15 वर्ष की आयु पूरी कर चुके बच्चों का आधार अपडेट मुफ्त किया जाएगा। जिले में 23,583 बच्चों का अपडेट अभी बाकी है।
राज्य सरकार
नई उड़ान : नारायणपुर बना रेशम उत्पादन का मॉडल, महिलाओं को मिला रोजगार का सहारा
नारायणपुर जिले में मलबरी और टसर रेशम योजनाएं ग्रामीणों के लिए आजीविका का मजबूत साधन बन रही हैं। महिला स्व-सहायता समूहों और स्थानीय हितग्राहियों को रोजगार के साथ आर्थिक मजबूती मिल रही है। रेशम उत्पादन में बेहतर प्रदर्शन के साथ जिला आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रहा है।
महासमुंद
समीक्षा बैठक : महासमुंद में पंचायत योजनाओं की समीक्षा, सीईओ ने दिए तेजी से काम के निर्देश
महासमुंद जिला पंचायत सीईओ अनुपमा आनंद ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को विकास कार्यों में तेजी लाने, गुणवत्ता बनाए रखने और लंबित कार्यों को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन और एनआरएलएम सहित कई योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई।
राज्य सरकार
बंजर जमीन बनी कमाई का जरिया : धमतरी में औषधीय खेती से बदली महिलाओं की किस्मत
धमतरी जिले में औषधीय खेती ग्रामीण महिलाओं के लिए आय और आत्मनिर्भरता का नया माध्यम बन रही है। खस, लेमनग्रास, ब्राह्मी, बच और अश्वगंधा जैसे पौधों की खेती से महिलाओं ने अनुपयोगी जमीन को कमाई के स्रोत में बदल दिया है। प्रशासन, बिहान मिशन और औषधीय पादप बोर्ड की मदद से शुरू हुए इस अभियान से सैकड़ों महिला किसान जुड़ी हैं और अब इसे 500 एकड़ तक विस्तार देने की तैयारी है।
राज्य सरकार
निरीक्षण : नाबार्ड अधिकारी ने महासमुंद में पैक्स संचालन और वित्तीय योजनाओं की समीक्षा की
नाबार्ड के उप प्रबंध निदेशक गोवर्धन सिंह रावत ने महासमुंद जिले का दौरा कर भोरिंग और रायतुम पैक्स का निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों को समय पर केसीसी ऋण उपलब्ध कराने और पैक्स के कम्प्यूटरीकरण को गति देने के निर्देश दिए। सिरपुर में आयोजित वित्तीय साक्षरता शिविर में उन्होंने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी दी, विभिन्न ऋणों का वितरण किया तथा छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की नई शाखा का लोकार्पण भी किया।
रायपुर
बड़ा खुलासा : छत्तीसगढ़ की पंचायती राज व्यवस्था पर CAG की सख्त टिप्पणी, कई बड़ी खामियां उजागर
भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ की पंचायती राज व्यवस्था और स्थानीय निकायों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पंचायतों में 61% स्वीकृत पद खाली हैं, स्थानीय निकायों को 3,243 करोड़ रुपये कम मिले और कई जगह ई-ग्राम स्वराज पोर्टल के बावजूद मैनुअल हिसाब-किताब रखा जा रहा है। साथ ही 2018 से 2023 तक जिला योजना समितियों की बैठकें नहीं होने का भी खुलासा हुआ है।
महासमुंद
मुलाकात : जिला पंचायत की नई CEO अनुपमा आनंद से मिला जिला सचिव संघ, विभागीय मुद्दों पर चर्चा
महासमुंद जिला पंचायत की नव पदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) अनुपमा आनंद (आईएएस) से छत्तीसगढ़ जिला सचिव संघ के पदाधिकारियों ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर शुभकामनाएं दी गईं तथा विभागीय गतिविधियों, ग्रामीण विकास कार्यों और संगठनात्मक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
राज्य सरकार
बड़ी कामयाबी : मोर गांव-मोर पानी अभियान ने बदली गांवों की तस्वीर, जल संचयन से बढ़ेगी किसानों खुशहाली
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान जल संरक्षण का बड़ा उदाहरण बनकर उभरा है। जनभागीदारी से 2.85 लाख जल संरचनाओं का निर्माण और पुनर्जीवन किया गया, जिससे 19.23 लाख घनमीटर अतिरिक्त जल संचयन क्षमता विकसित हुई। इस पहल से भूजल स्तर सुधार, किसानों को सिंचाई सुविधा और ग्रामीण क्षेत्रों में जल सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
राज्य सरकार
छोटी डबरी, बड़ा बदलाव : किसान को मिली सिंचाई, मछली पालन और रोजगार का नया सहारा
बस्तर के खोटलापाल गांव में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन के तहत बनी डबरी ने किसान सोनधर की जिंदगी बदल दी है। जल संरक्षण से सिंचाई सुविधा बढ़ी, मछली पालन से अतिरिक्त आय मिली और गांव में भूजल स्तर भी सुधरा।
रायपुर
बड़ा खुलासा : सरकारी विभागों पर बिजली कंपनी का 3035 करोड़ बकाया, नगरीय निकायों पर सबसे बड़ा भार
छत्तीसगढ़ के सरकारी विभागों पर बिजली बिल का बड़ा बकाया सामने आया है। जून 2026 तक शासकीय विभागों, निगमों, मंडलों और आयोगों पर कुल ₹3035.37 करोड़ की बिजली बिल राशि लंबित है। इसमें नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग पर सबसे ज्यादा ₹1525.18 करोड़ और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग पर ₹1057.56 करोड़ बकाया है।
राज्य सरकार
अभियान : रोजगार के साथ जल संरक्षण पर जोर, विकसित भारत मिशन से गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मोर गांव-मोर पानी अभियान के तहत प्रदेश में जल संरक्षण, वृक्षारोपण और ग्रामीण रोजगार के कार्यों को गति दी जा रही है। एमसीबी जिले के ग्राम बरदर में 52 एकड़ क्षेत्र में जल संरक्षण एवं हरित विकास मॉडल तैयार किया जा रहा है, जिससे करीब 200 लाख लीटर भू-जल रिचार्ज क्षमता विकसित होगी।