"किसान" के लिए 712 परिणाम मिले
संग्राहक परिवार से IFS तक : अजय गुप्ता की प्रेरणादायक सफलता की कहानी
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के संबलपुरी गांव के तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार से आने वाले अजय गुप्ता ने कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई करते हुए भारतीय वन सेवा (IFS) में 91वीं रैंक हासिल की है। बचपन में जंगलों में तेंदूपत्ता और महुआ संग्रह करने वाले अजय ने 10वीं और 12वीं में शानदार अंक प्राप्त किए और बाद में NIT रायपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।
पशुपालन क्रांति की शुरुआत : धमतरी के भटगांव में स्थापित होगा अत्याधुनिक ब्रीडिंग एवं रिसर्च सेंटर
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के भटगांव में राज्य का पहला “रिसर्च कम इंटीग्रेटेड प्रोडक्शन एडवांसमेंट ब्रीडिंग सेंटर” स्थापित किया जा रहा है। कलेक्टर की पहल पर शुरू यह परियोजना पशुपालन को पारंपरिक तरीके से आगे बढ़ाकर वैज्ञानिक और आधुनिक व्यवसाय में बदलने का लक्ष्य रखती है। इस केंद्र में कृत्रिम गर्भाधान, पैथोलॉजी जांच, रोग निदान और उन्नत प्रयोगशाला जैसी सुविधाएँ उपलब्ध होंगी, जिससे पशुओं की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता बढ़ेगी।
जैविक खेती से बदली किस्मत : डोल नारायण पटेल बने प्रेरणा का स्रोत
डोलनारायण पटेल, रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड के प्रगतिशील किसान, ने पारंपरिक खेती छोड़कर जैविक खेती अपनाई और उल्लेखनीय सफलता हासिल की। उन्होंने मात्र 75 डिसमिल जमीन पर जैविक मिर्च की खेती करके कम समय में अच्छा मुनाफा कमाया और बिना रासायनिक खादों के गोबर खाद व आधुनिक सिंचाई तकनीक का उपयोग किया। उनकी खेती लागत कम और उत्पादन अधिक होने के कारण लाभकारी साबित हुई। अब वे 4 एकड़ में खुशबूदार जवाफूल धान की जैविक खेती की योजना बना रहे हैं। उनकी सफलता यह दिखाती है कि नवाचार और प्राकृतिक खेती अपनाकर छोटे किसान भी आर्थिक रूप से मजबूत बन सकते हैं।
रायपुर
योजनाओं का लाभ : सुशासन तिहार के अंतर्गत जनसमस्या निवारण का आयोजन
सरसीवा तहसील के ग्राम पंचायत झुमका में ‘सुशासन तिहार’ के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा शामिल हुए। शिविर में 2310 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 272 का तत्काल निराकरण किया गया। किसानों को ट्रैक्टर अनुदान, बोर खनन सहायता, राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड तथा अन्य विभागीय लाभ वितरित किए गए।
दुर्ग
सहकारी बैंक : दुर्ग बैंक ने 207 करोड़ का ऋण बांटा, पिछले साल से 72 करोड़ ज्यादा वितरण
जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक दुर्ग ने खरीफ 2026 में किसानों को राहत देते हुए अब तक 32,558 किसानों को 207 करोड़ रुपए से अधिक का नगद ऋण वितरित किया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 72 करोड़ 45 लाख रुपए ज्यादा है। सबसे अधिक ऋण वितरण बालोद जिले में हुआ, जहां 16,901 किसानों को 86.90 करोड़ रुपए मिले। बेमेतरा में 80.23 करोड़ और दुर्ग जिले में 39.87 करोड़ रुपए का ऋण बांटा गया।
सुशासन तिहार : दंतेवाड़ा में शिविरों से ग्रामीणों को त्वरित समाधान और आधुनिक उपकरणों का लाभ
दंतेवाड़ा जिले में चल रहे कलस्टर वार सुशासन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जा रहा है। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को जाल और आईस बॉक्स जैसे आधुनिक उपकरण निःशुल्क दिए जा रहे हैं, जिससे उनका जीवन और व्यवसाय आसान हो रहा है। भूसारास और हल्बारास के शिविरों में मत्स्य विभाग ने कई किसानों को लाभान्वित किया। हिड़मा मण्डावी को मछली पकड़ने के लिए जाल मिला, जिससे उनकी लागत कम होगी और आय बढ़ेगी। महादेव मरकाम को आईस बॉक्स मिला, जिससे मछलियों के खराब होने की समस्या समाप्त होगी।
समीक्षा : मुख्य सचिव विकासशील ने सिंचाई योजनाओं को समयबद्ध पूरा करने पर दिया जोर
छत्तीसगढ़ में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भू-अर्जन और वन स्वीकृति जैसी प्रक्रियाओं को समय पर पूरा कर परियोजनाओं में तेजी लाई जाए ताकि किसानों को जल्द लाभ मिल सके। बैठक में पैरी-कोडार लिंक नहर, मोहमेला-सिरपुर बैराज और मटनार बहुउद्देशीय परियोजना सहित कई योजनाओं की समीक्षा की गई।
समाधान शिविर : सुशासन तिहार के तहत जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण, हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभ
महासमुंद जिले के ग्राम पंचायत लोहारीडीह में प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत समाधान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी शामिल हुए। शिविर में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा प्राप्त आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई की गई। विधायक ने कहा कि राज्य सरकार गांव, गरीब और किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता है। उन्होंने महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और क्षेत्रीय विकास कार्यों की प्रगति का उल्लेख करते हुए बताया कि हजारों हितग्राहियों को लाभ मिल रहा है।
चोरों का तांडव : कहीं सूने मकानों पर वार, तो कहीं छड़-सीमेंट के नाम पर दिनदहाड़े ठगी
महासमुंद जिले में चोरी और ठगी की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में चोरों ने किसानों, व्यापारियों और ग्रामीणों को निशाना बनाया है। घोघरा गांव में किसान टेमन साहू के घर से करीब 3 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर, नकदी और दस्तावेज चोरी हो गए। कोकनाझर में किराना दुकान का ताला तोड़कर 37 हजार रुपये और सामान चोरी कर लिया गया। सांकरा थाना क्षेत्र में एक ठग ने सस्ते छड़-सीमेंट का लालच देकर 70 हजार रुपये नकद ठग लिए।
यात्रा
Malda : क्यों कहलाता है मैंगो सिटी ऑफ इंडिया, जहां हवा में घुली रहती है पके आमों की खुशबू
Malda को “मैंगो सिटी ऑफ इंडिया” कहा जाता है, जहां मई के महीने में आमों की खुशबू और बागानों की रौनक देखने लायक होती है। यहां के Fazli Mango, Himsagar Mango और Lakshmanbhog Mango अपने स्वाद और मिठास के लिए प्रसिद्ध हैं। ग्रामीण जीवन, ताजे आम तोड़ने का अनुभव और प्राकृतिक माहौल इसे गर्मियों में घूमने के लिए खास बनाते हैं।
हरदा में समाधान शिविर : ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही किया गया निराकरण
महासमुंद जिले के बसना विकासखंड के ग्राम हरदा में सुशासन तिहार 2026 के तहत समाधान शिविर आयोजित किया गया, जिसमें महिला आयोग की सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया मुख्य अतिथि रहीं। शिविर में ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं और अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण के निर्देश दिए गए। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया। शिविर में आयुष्मान कार्ड, आधार, जाति प्रमाण पत्र, ऋण पुस्तिका सहित कई दस्तावेजों का वितरण किया गया तथा विभिन्न ग्राम पंचायतों के लोगों ने अपनी मांगें और शिकायतें प्रस्तुत कीं। आगामी शिविर 8 मई को लोहारडीह में आयोजित किया जाएगा।
राज्य सरकार
मोटरसाइकिल पर कलेक्टर-एसपी : गोंडेरास-नीलावाया में जमीनी चौपाल से बदली प्रशासन की तस्वीर
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुशासन तिहार 2026 के तहत कलेक्टर अमित कुमार और एसपी किरण चव्हाण ने 30 किमी दुर्गम और जंगली रास्ता मोटरसाइकिल से तय कर गोंडेरास और नीलावाया गांवों का दौरा किया। उन्होंने इमली के पेड़ के नीचे और जमीन पर बैठकर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और समस्याओं का तत्काल समाधान किया। कई योजनाओं के तहत दस्तावेज मौके पर ही जारी किए गए, सोलर सिस्टम मरम्मत के आदेश दिए गए और विकास कार्यों की स्वीकृति दी गई। नीलावाया में पुलिया निर्माण और स्वास्थ्य सुविधाओं के निर्देश भी दिए गए। यह दौरा “कागजी नहीं, धरातली सुशासन” की पहल का प्रतीक बना।