"ग्रामीण अर्थव्यवस्था" के लिए 109 परिणाम मिले
लौटी रौनक : नक्सल मुक्त होते ही बदली तस्वीर, बीजापुर के बंद पड़े बाजारों में लौटी चहल-पहल
बीजापुर जिले के उसूर ब्लॉक अंतर्गत पुजारी कांकेर और कोण्डापल्ली के साप्ताहिक हाट-बाजार लगभग 40 वर्षों बाद फिर से गुलजार होने लगे हैं। माओवादी प्रभाव और भय के कारण लंबे समय तक बंद पड़े ये बाजार अब नक्सल मुक्त वातावरण में ग्रामीणों, आदिवासियों और व्यापारियों की चहल-पहल से जीवंत हो उठे हैं। वनोपज आधारित स्थानीय अर्थव्यवस्था को इससे नई गति मिल रही है। बाजारों के पुनर्जीवित होने से छोटे व्यापारियों, किसानों और वनोपज संग्राहकों को सीधा लाभ मिल रहा है, वहीं क्षेत्र में शांति, विकास और आत्मनिर्भरता की नई तस्वीर भी उभरकर सामने आ रही है।
देश
सुपर अलनीनो का खतरा : 2026 में रिकॉर्ड गर्मी, कमजोर मानसून, प्राकृतिक आपदाओं का बढ़ संकट
National Oceanic and Atmospheric Administration यानी NOAA ने चेतावनी दी है कि 2026 में “सुपर अलनीनो” विकसित हो सकता है, जिसका असर भारत समेत पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। इसके कारण भारत में मानसून कमजोर होने, रिकॉर्ड गर्मी, सूखा, जल संकट और कृषि उत्पादन में गिरावट का खतरा बढ़ सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि प्रशांत महासागर का तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो 2026-27 दुनिया के सबसे गर्म और चुनौतीपूर्ण वर्षों में शामिल हो सकते हैं।
किसानों के प्रेरणास्रोत : मेहनत का कमाल, छबी लाल ने लिखी सफलता की नई कहानी
ग्राम बेलौदी निवासी किसान छबी लाल ने वाटरशेड विकास योजना की मदद और वैज्ञानिक खेती अपनाकर अपनी 1.5 एकड़ भूमि को सफल सब्जी उत्पादन मॉडल में बदल दिया है। कभी पानी की कमी और सीमित संसाधनों से जूझने वाले छबी लाल आज बरबट्टी, भिंडी, करेला, बैंगन और तोरई जैसी सब्जियों की खेती कर अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। उनकी सफलता से प्रभावित होकर ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव नरेन्द्र भूषण ने भी उनके खेत का दौरा कर सराहना की। छबी लाल की उपलब्धि अब क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा बन गई है।
आजीविका मॉडल : सेरीखेड़ी पहुंचे केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान, महिला समूहों के नवाचार की सराहना
केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने रायपुर के सेरीखेड़ी स्थित मल्टी यूटिलिटी सेंटर का दौरा कर अजा परियोजना, पिंक दीदी ई-ऑटो सेवा और महिला स्व-सहायता समूहों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने छत्तीसगढ़ के ग्रामीण आजीविका मॉडल को देशभर के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
कारोबार
सरकार का बड़ा तोहफा : 14 खरीफ फसलों की MSP में भारी बढ़ोतरी, अब धान ₹2,441 के पार
केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन 2026-27 के लिए धान समेत 14 फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। सामान्य धान का MSP ₹72 बढ़ाकर ₹2,441 प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जबकि सूरजमुखी बीज और कपास में सबसे अधिक बढ़ोतरी हुई है। सरकार का कहना है कि सभी फसलों का MSP उत्पादन लागत से कम से कम 50% अधिक तय किया गया है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने और खाद्य तेल-दालों के आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
छत्तीसगढ़
विकास की सौगात : कुनकुरी को मुख्यमंत्री ने 16.05 करोड़ के 12 कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन
मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने जशपुर के कुनकुरी क्षेत्र के कलिबा में 16.05 करोड़ रुपए की लागत से 12 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें उच्च स्तरीय पुल, आधुनिक हाट बाजार, फल-सब्जी मंडी, स्कूल भवन और महतारी सदन शामिल हैं।
जशपुर
सरकार की प्राथमिकता : कलिबा में मुख्यमंत्री ने किया विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण
छत्तीसगढ़ के कुनकुरी विकासखंड के ग्राम पंचायत कलिबा में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने लगभग 16.05 करोड़ रुपये की लागत से 12 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। इनमें सड़क, पुल, स्कूल भवन और हाट बाजार जैसे कई बुनियादी ढांचे शामिल हैं। मुख्य रूप से 12.86 करोड़ रुपये के 8 नए विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया, जिनमें दो बड़े पुल, हाट बाजार और विद्यालय भवन शामिल हैं।
पशुपालन क्रांति की शुरुआत : धमतरी के भटगांव में स्थापित होगा अत्याधुनिक ब्रीडिंग एवं रिसर्च सेंटर
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के भटगांव में राज्य का पहला “रिसर्च कम इंटीग्रेटेड प्रोडक्शन एडवांसमेंट ब्रीडिंग सेंटर” स्थापित किया जा रहा है। कलेक्टर की पहल पर शुरू यह परियोजना पशुपालन को पारंपरिक तरीके से आगे बढ़ाकर वैज्ञानिक और आधुनिक व्यवसाय में बदलने का लक्ष्य रखती है। इस केंद्र में कृत्रिम गर्भाधान, पैथोलॉजी जांच, रोग निदान और उन्नत प्रयोगशाला जैसी सुविधाएँ उपलब्ध होंगी, जिससे पशुओं की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता बढ़ेगी।
ग्रीन गोल्ड : हर्बल समृद्धि से आत्मनिर्भरता की ओर, वन संपदा से समृद्धि की नई कहानी
छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध वन संपदा और दूरदर्शी नीतियों के माध्यम से “हर्बल स्टेट” के रूप में नई पहचान बना रहा है। तेंदूपत्ता, बांस, लाख, शहद और औषधीय पौधों जैसे वनोपज, जिन्हें “ग्रीन गोल्ड” कहा जाता है, राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। जामगांव की केंद्रीय प्रसंस्करण इकाई और “छत्तीसगढ़ हर्बल्स” ब्रांड के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाया जा रहा है। आधुनिक प्रसंस्करण, वैज्ञानिक भंडारण और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स ने इन उत्पादों की मांग को बढ़ाया है।
छत्तीसगढ़
बस्तर की नई वैश्विक पहचान : जंगल के छिंद बीजों से तैयार हुई कैफीन-फ्री हर्बल कॉफी, कचरे से कंचन की अनोखी मिसाल
दंतेवाड़ा के युवा उद्यमी विशाल हालदार ने बस्तर के जंगलों में बेकार माने जाने वाले छिंद (खजूर प्रजाति) के बीजों से कैफीन-फ्री हर्बल कॉफी विकसित कर अनोखा नवाचार किया है। यह कॉफी एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर और स्वास्थ्यवर्धक है, जो अनिद्रा, हाई ब्लड प्रेशर और एसिडिटी के मरीजों के लिए उपयोगी मानी जा रही है। इस नवाचार को इनोवेशन महाकुंभ में प्रथम स्थान मिला है और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भी इसे सराहा है। यह प्रोजेक्ट न केवल पर्यावरण संरक्षण का उदाहरण है, बल्कि बस्तर में ग्रामीण रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई संभावनाएं भी खोल रहा है।
छत्तीसगढ़
महिलाओं को सौगात : जमीन रजिस्ट्री पर 50% छूट, संपत्ति में बढ़ेगा महिला स्वामित्व
छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं के नाम पर संपत्ति रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क में 50% की छूट देने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai की पहल और वित्त मंत्री O. P. Choudhary के नेतृत्व में लागू इस योजना का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण और संपत्ति में उनकी भागीदारी बढ़ाना है।
धान से गेंदा तक : छत्तीसगढ़ के किसान की बदली तकदीर, लाखों में कमाई
छत्तीसगढ़ में किसान अब पारंपरिक धान की खेती छोड़कर फूलों की खेती की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। रायगढ़ जिले के किसान आनंदराम सिदार ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन और उद्यानिकी विभाग के सहयोग से गेंदा की वैज्ञानिक खेती अपनाई। पहले जहां धान से सीमित मुनाफा मिलता था, वहीं अब गेंदा की खेती से उन्होंने कम क्षेत्र में लाखों रुपये की आमदनी हासिल की। उनकी सफलता से प्रेरित होकर अन्य किसान भी नगदी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।