"अस्थमा" के लिए 5 परिणाम मिले
सेहत
Health Tips: प्रदूषण के मौसम में ऑफिस और कॉलेज जाने वाले रहें सावधान, इन टिप्स को न करें नजरअंदाज
Health Tips: बढ़ते वायु प्रदूषण और खराब AQI के बीच ऑफिस या कॉलेज जाने वाले लोगों के लिए अपनी सेहत का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। N95 मास्क पहनना, घर के अंदर की हवा साफ रखना, संतुलित आहार लेना और प्रदूषण ज्यादा होने पर खुले में एक्सरसाइज से बचना कुछ जरूरी सावधानियां हैं।
सेहत
Cough Warning Signs: खांसी के साथ ये 5 लक्षण दिखें तो रहें सतर्क, हो सकती है गंभीर समस्या
Cough Warning Signs: बदलते मौसम में खांसी आम समस्या है, लेकिन अगर यह 3-4 हफ्ते तक बनी रहे या इसके साथ खून, सांस लेने में परेशानी, लगातार बुखार, रात में पसीना या बिना वजह वजन कम होने जैसे लक्षण दिखें, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
बस्तर संभाग
बस्तर में सोनू सूद : विकास के साथ शिक्षा और स्वास्थ्य विषय पर हुई विशेष चर्चा
बॉलीवुड अभिनेता और समाजसेवी सोनू सूद ने जामगांव स्थित माँ मातंगी दिव्य धाम के पीठाधीश्वर डॉ. प्रेमासाई महाराज से आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच बस्तर क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और जनसेवा से जुड़े कार्यों को और व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
सेहत
वायु प्रदूषण : बना साइलेंट किलर, बच्चों के फेफड़ों पर सबसे ज्यादा असर
देश में बढ़ते वायु प्रदूषण और PM2.5 के ऊंचे स्तर के कारण अस्थमा (Asthma) और COPD जैसी फेफड़ों की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। अब सिर्फ धूम्रपान करने वाले ही नहीं, बल्कि बच्चे और नॉन-स्मोकर्स भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार जहरीले प्रदूषण कण फेफड़ों में गहराई तक पहुंचकर सांस संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा कर रहे हैं। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले समय में यह बड़ा सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बन सकता है।
स्वास्थ्य क्रांति : मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान से दुर्गम गांवों तक पहुंची चिकित्सा सेवा, घर-घर जांच और जीवनरक्षक उपचार
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत दुर्गम आदिवासी क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी अब घर-घर जाकर मलेरिया, टीबी, सिकलसेल, शुगर जैसी बीमारियों की जांच और इलाज कर रहे हैं। अभियान के दौरान गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर जीवन बचाने जैसे उदाहरण सामने आए हैं, जिसमें लंबी दूरी तय कर त्वरित उपचार सुनिश्चित किया गया।