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बस्तर संभाग
Road Accident: केशकाल में अनियंत्रित बोलेरो पेड़ से भिड़ी, एक जवान की मौत, पांच घायल
Road Accident: छत्तीसगढ़ के केशकाल क्षेत्र में गट्टीपलना मोड़ के पास दशहरा उत्सव देखने जा रही बोलेरो पेड़ से टकरा गई। हादसे में सेना के जवान सुंदरलाल नेताम की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक अन्य जवान मनीष नेताम समेत पांच लोग घायल हो गए।
बस्तर संभाग
Forest Department: 15 साल पुराने 50 नीलगिरी पेड़ काटने का आरोप, FIR की मांग
Forest Department: केशकाल के बड़े राजपुर वन परिक्षेत्र के बांसकोट में सरकारी जमीन पर लगे 45 से 50 नीलगिरी पेड़ों की अवैध कटाई और बिक्री का आरोप लगा है। पूर्व विधायक कृष्ण कुमार ध्रुव ने करीब 3 लाख रुपये में लकड़ी बेचे जाने का दावा करते हुए उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ FIR की मांग की है।
राष्ट्रीय
Road Accident: सगाई से लौट रहे 3 युवकों की मौत, बुलडोजर से निकाले गए शव
Road Accident: हरियाणा के नूंह में भीषण सड़क हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई। तीनों फिरोजपुर झिरका में सगाई समारोह से लौट रहे थे, तभी तेज रफ्तार ट्रॉले ने उनकी इको कार को टक्कर मार दी।
बालोद
Road Accident: कार-बाइक की टक्कर में महिला की मौत, दो बच्चों समेत 3 घायल
Road Accident: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में बालोद-झलमला मुख्य मार्ग पर हीरापुर मोड़ के पास कार और बाइक की टक्कर हो गई। हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि एक युवक और दो बच्चे घायल हो गए। घायलों का जिला अस्पताल में इलाज जारी है।
राज्य सरकार
Road Construction: कुँएमारी से भण्डारपाल तक बनेगी 4.5 किमी पक्की सड़क, मार्च 2027 तक पूरा होगा काम
Road Construction: केशकाल विकासखंड में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कुँएमारी से भण्डारपाल तक 4.5 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण जारी है। सड़क निर्माण मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इससे ग्रामीणों को आवागमन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।
यात्रा
बदला कोंडागांव का नजारा : मॉनसून में जन्नत सी सज गई है बस्तर की ये खूबसूरत जगह
मॉनसून के आगमन के साथ छत्तीसगढ़ का कोंडागांव प्राकृतिक खूबसूरती से भर उठा है। केशकाल घाटी, टाटामारी, मांझीनगढ़ और खूबसूरत झरने पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। बारिश के मौसम में यहां घूमने से पहले जरूरी सावधानियों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
कोंडागांव
टला हादसा : ब्रेक फेल होने से पलटा ऑक्सीजन टैंकर, ड्राइवर की सूझबूझ ने बचाई सैकड़ों जानें
हादसा और मार्ग: सोमवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-30 (NH-30) पर स्थित बस्तर के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले संवेदनशील केशकाल घाट में एक भीषण सड़क दुर्घटना टल गई। जगदलपुर से लिक्विड ऑक्सीजन लोड करके ओडिशा के झारसुगुड़ा की ओर जा रहा एक भारी-भरकम टैंकर घाट के मोड़ पर पलट गया।
रायपुर
विकास की रफ्तार तेज : बस्तर में सड़क-पुल निर्माण को रफ्तार, पीडब्ल्यूडी सचिव ने अफसरों-ठेकेदारों को दिए सख्त निर्देश
लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने कोंडागांव में बीजापुर, दंतेवाड़ा और कोंडागांव जिलों में चल रहे सड़क एवं पुल निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों और ठेकेदारों को तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बारिश में संपर्क से कटने वाले गांवों के लिए बारहमासी सड़क और पुल निर्माण को प्राथमिकता देने, लंबित भुगतान जल्द जारी करने तथा लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई करने को कहा।
सुशासन तिहार : बस्तर में विकास और सुशासन की नई तस्वीर, अड़ेंगा शिविर में करोड़ों के कार्यों का भूमिपूजन
सुशासन तिहार के तहत कोंडागांव जिले के केशकाल विकासखंड के ग्राम अड़ेंगा में समाधान शिविर आयोजित किया गया, जिसमें प्रभारी मंत्री लखनलाल देवांगन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। शिविर में लगभग 1.06 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत बड़ी संख्या में हितग्राहियों को लाभ वितरित किया गया।
छत्तीसगढ़
बड़ा इजाफा : छत्तीसगढ़ में तेंदूपत्ता संग्राहकों की आय बढ़ी, 920 करोड़ रुपये भुगतान का अनुमान
छत्तीसगढ़ में तेंदूपत्ता संग्रहण को लेकर सरकार ने संग्राहकों की आय बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। प्रति मानक बोरा दर 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये कर दी गई है, जिससे लाखों आदिवासी और वनवासी परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। इस वर्ष लगभग 15 लाख मानक बोरा संग्रहण का अनुमान है और करीब 920 करोड़ रुपये का भुगतान संग्राहकों को डीबीटी के माध्यम से किया जाएगा।
छत्तीसगढ़
बस्तर के लिए खुलेगा वैश्विक द्वार : 4 घंटे में समुद्र तक, बदलेगी विकास की तस्वीर
रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH-130 CD) बस्तर के लिए विकास की नई राह खोलने जा रहा है। इस 6-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से जगदलपुर से विशाखापट्टनम की दूरी घटकर मात्र 3.5 से 4 घंटे रह जाएगी। इससे बस्तर सीधे समुद्री बंदरगाह और वैश्विक व्यापार नेटवर्क से जुड़ जाएगा। परियोजना के जरिए परिवहन लागत में कमी आएगी और बस्तर की कॉफी, इमली, महुआ उत्पाद व ढोकरा शिल्प जैसे स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहतर दाम मिलेंगे।