"बीज उत्पादन" के लिए 14 परिणाम मिले
राज्य सरकार
Chhattisgarh Agriculture: किसानों की बदली किस्मत, बीज उत्पादन से 75% बढ़ी आय
Chhattisgarh Agriculture: बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम ढाबाडीह के किसानों ने उन्नत बीज उत्पादन और अनुबंध खेती अपनाकर अपनी आय में 75 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है। 25 एकड़ में सामूहिक रूप से बीज उत्पादन कर रहे किसानों को उद्यानिकी विभाग से दो क्रॉप सोलर ड्रायर भी मिले हैं।
राज्य सरकार
Agricultural Development: महिला स्व-सहायता समूह की बड़ी सफलता, 733 किलो से अधिक ककून का उत्पादन
Agricultural Development: बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम ढाबाडीह के किसानों ने उन्नत बीज उत्पादन और अनुबंध खेती अपनाकर अपनी आय में 75% तक की बढ़ोतरी की है। 25 एकड़ में बीज उत्पादन के साथ किसानों को उद्यानिकी विभाग से दो क्रॉप सोलर ड्रायर भी मिले हैं।
दुर्ग
Durg University News: विश्वविद्यालय में मिलेंगे पढ़ाई के नए विकल्प AI, कृषि और रक्षा अध्ययन पर फोकस
Durg University News: हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग में AI, कृषि विज्ञान, रक्षा अध्ययन और भाषा केंद्र शुरू करने की तैयारी है। सत्र 2027-28 से नए पाठ्यक्रमों के साथ निःशुल्क प्रतियोगी कोचिंग और एमएससी प्रयोगशालाओं के लिए 4 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई।
राज्य सरकार
krishi vigyan kendra: सरगुजा में अरहर उत्पादन बढ़ाने की पहल, 55 हेक्टेयर में उन्नत खेती का प्रदर्शन
krishi vigyan kendra: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए आत्मनिर्भरता दलहन मिशन के तहत अरहर की उन्नत खेती का प्रदर्शन किया जा रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा 55 हेक्टेयर क्षेत्र में छत्तीसगढ़ अरहर-1 और छत्तीसगढ़ अरहर-2 किस्मों का प्रत्यक्ष प्रदर्शन कराया गया है। वैज्ञानिक किसानों को फसल प्रबंधन, कीट नियंत्रण और गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन की जानकारी दे रहे हैं।
राज्य सरकार
IGKV Raipur: कृषि कौशल से जुड़ेगा ग्रामीण युवा और किसान, IGKV में मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण शुरू
IGKV Raipur: रायपुर में कृषि कौशल परिषद, भारत के सहयोग से प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण एवं प्रमाणन कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस पहल के तहत प्रदेश के 27 कृषि विज्ञान केन्द्रों के प्रतिनिधियों को मास्टर प्रशिक्षक के रूप में तैयार किया जा रहा है। प्रमाणित प्रशिक्षक आगे ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और किसानों को मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, जैविक खेती, बीज उत्पादन, वर्मी कम्पोस्ट, कृषि यंत्रीकरण सहित विभिन्न रोजगारपरक क्षेत्रों में प्रशिक्षण देंगे।
राज्य सरकार
Chhattisgarh Agriculture: बीज निगम में वित्तीय अनुशासन और गुणवत्ता सुधार को प्राथमिकता, अधिकारियों को मिले निर्देश
Chhattisgarh Agriculture: बीज एवं कृषि विकास निगम की समीक्षा बैठक में निगम अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर ने आत्मनिर्भर दलहन योजना, बीज उत्पादन कार्यक्रम, किसान पंजीयन और वित्तीय स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने किसानों तक गुणवत्तापूर्ण बीज पहुंचाने, समयबद्ध कार्यप्रणाली अपनाने और निगम को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
राज्य सरकार
बिहान योजना की पहल : अमारू में मत्स्य पालन से खुलेंगे रोजगार और आय के नए रास्ते
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत अमारू को इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर (आईएफसी) के तहत मत्स्य उत्पादन क्लस्टर के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिला प्रशासन और बिहान मिशन की पहल से तालाब में 10 से 12 हजार मत्स्य स्पॉन का संचयन किया गया है। इससे स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज उपलब्ध होंगे और किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों व मत्स्य पालकों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
राज्य सरकार
आय का नया जरिया : छत्तीसगढ़ में मखाना खेती को मिलेगा बढ़ावा, 80 किसानों ने लिया प्रशिक्षण
महासमुंद और पिथौरा के 80 किसानों ने आरंग के लिंगाडीह में आयोजित प्रशिक्षण में मखाना की वैज्ञानिक खेती, बीज उत्पादन और प्रसंस्करण की जानकारी प्राप्त की। विशेषज्ञों ने बताया कि मखाना कम जोखिम और अधिक लाभ वाली फसल है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने की अच्छी संभावनाएं हैं।
रायपुर
पूर्ण प्रतिबंध : छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य संकट के बीच थाई मांगुर-बिग हेड मछली पर बैन लागू
स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए हानिकारक मानी जाने वाली थाई मांगुर और बिग हेड मछली के पालन, बिक्री और परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। कलेक्टर अभिजीत सिंह द्वारा जारी आदेश के बाद इन विदेशी प्रजातियों पर सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन मछलियों के सेवन से कैंसर और गंभीर त्वचा रोग जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है, क्योंकि ये दूषित पदार्थों को खाकर शरीर में विषैले तत्व जमा कर लेती हैं। प्रतिबंध के पालन के लिए विशेष उड़नदस्ता दल गठित किया गया है जो बाजारों, तालाबों और वाहनों की जांच करेगा।
कृषि विभाग की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न, रबी 2025-26 एवं खरीफ 2026 की तैयारियों पर मंथन
महासमुंद कृषि विभाग में संयुक्त संचालक कृषि श्री गयाराम की अध्यक्षता में रबी 2025-26 और खरीफ 2026 की तैयारियों को लेकर जिला स्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में बीज व उर्वरक की गुणवत्ता जांच, फार्मर आईडी (एग्रीस्टैक) के लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे और किसानों को डिजिटल उर्वरक सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। साथ ही हरी खाद, मूंग, ढेंचा, सनई, नील हरित काई और नैनो उर्वरकों जैसे वैकल्पिक एवं जैविक साधनों को बढ़ावा देने की रणनीति पर चर्चा हुई। जिले में नील हरित काई उत्पादन को बढ़ाने के लिए नए टैंकों में कार्य शुरू करने और प्रगतिशील किसानों के प्रयासों की जानकारी साझा की गई।
छत्तीसगढ़ में 3556 बीज उत्पादक किसानों को 8 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि सीधे खातों में ट्रांसफर
छत्तीसगढ़ में कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री राम विचार नेताम ने नवा रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में 3556 बीज उत्पादक किसानों को 8.01 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खातों में भेजी। इस अवसर पर उन्होंने किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया और धान के बजाय दलहन, तिलहन, मिलेट्स जैसी कम पानी वाली फसलों को अपनाने की सलाह दी।
बीज समिति की बैठक में दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की कार्ययोजना को मिली मंजूरी
जिला स्तरीय बीज समिति की बैठक में दलहन और तिलहन फसलों के उत्पादन, वितरण और भंडारण को बढ़ाने पर समीक्षा की गई। बैठक में आत्मनिर्भर दलहन मिशन और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत अरहर, उड़द, मूंग और चना के बीज वितरण एवं उत्पादन लक्ष्यों को मंजूरी दी गई। किसानों को प्रमाणित बीज पर 50% या अधिकतम ₹6000 तक अनुदान देने का निर्णय लिया गया।