"सौर सुजला योजना" के लिए 6 परिणाम मिले
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सौर सुजला योजना से बदली वनांचल की खेती, 4,722 किसानों के खेतों तक पहुंची सिंचाई सुविधा
छत्तीसगढ़ की सौर सुजला योजना नारायणपुर और बस्तर जैसे वनांचल क्षेत्रों के किसानों के लिए उपयोगी साबित हो रही है। योजना के तहत रियायती दरों पर सोलर सिंचाई पंप मिलने से किसानों की बिजली पर निर्भरता कम हुई है। अब वे बिना बिजली बिल और कटौती की चिंता के खेतों तक पानी पहुंचा रहे हैं।
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Solar Sujala Yojana: 2 एकड़ खेत में सोलर पंप से आया बदलाव, अब साल में दो से तीन फसलें
Solar Sujala Yojana: कोरिया जिले के कादमनारा के किसान करण साय को सौर सुजला योजना के तहत 3 एचपी का सोलर पंप मिलने से खेती में बड़ा बदलाव आया। पहले सिंचाई के अभाव में वे साल में केवल एक फसल लेते थे, लेकिन अब धान, मूंग, सरसों, उड़द और गेहूं जैसी फसलें लेकर दो से तीन फसलें उगा रहे हैं। इससे उनकी वार्षिक आमदनी बढ़कर करीब 2 लाख रुपये तक पहुंच गई है।
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Seva Sankalp Abhiyan: सुशासन से संवर रहा छत्तीसगढ़, जनकल्याण से बदल रही तस्वीर
Seva Sankalp Abhiyan: सुशासन और जनकल्याण की योजनाओं से छत्तीसगढ़ में गांव, गरीब, किसान, महिला, बच्चे और युवाओं के जीवन में बदलाव की तस्वीर सामने आ रही है। सुरक्षित आवास, डिजिटल सेवाएं, महिला सशक्तिकरण, सुपोषण, कृषि और पशुपालन जैसी पहलें लोगों को बेहतर सुविधाओं के साथ आत्मनिर्भरता और सम्मान का अवसर दे रही हैं।
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Solar Sujala Yojana: सौर ऊर्जा से बदल रही गांवों की तस्वीर, 71 हाईमास्ट, 672 पम्प और 4300 किसानों को मिला लाभ
Solar Sujala Yojana: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा विकास और सुविधाओं का नया आधार बन रही है। सोलर हाईमास्ट से गांवों की गलियां रोशन हो रही हैं, वहीं सोलर पम्पों के जरिए पेयजल और सिंचाई व्यवस्था मजबूत हो रही है। नियद नेल्लानार योजना के तहत जिले में 71 सोलर हाईमास्ट स्थापित किए गए हैं, जबकि जल जीवन मिशन के तहत 672 सोलर पम्प ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए गए हैं।
सुशासन तिहार : बस्तर में विकास और सुशासन की नई तस्वीर, अड़ेंगा शिविर में करोड़ों के कार्यों का भूमिपूजन
सुशासन तिहार के तहत कोंडागांव जिले के केशकाल विकासखंड के ग्राम अड़ेंगा में समाधान शिविर आयोजित किया गया, जिसमें प्रभारी मंत्री लखनलाल देवांगन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। शिविर में लगभग 1.06 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत बड़ी संख्या में हितग्राहियों को लाभ वितरित किया गया।
सफलता : धान से आगे बढ़कर मिर्च, मक्का और मछली पालन से किसान बना रहा मॉडल
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के ग्राम फुतकेल के किसान गोपाल एर्रागोला ने आधुनिक और बहुफसली खेती अपनाकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। वर्षा आधारित धान खेती से आगे बढ़ते हुए उन्होंने मक्का, मूंगफली, मिर्च, सब्जी उत्पादन, पशुपालन और मछली पालन को अपनाया। कृषि विभाग, आत्मा योजना, ड्रिप सिंचाई, सौर सुजला योजना और प्राकृतिक खेती तकनीकों की मदद से उनकी वार्षिक शुद्ध आय लगभग 3.94 लाख रुपये तक पहुंच गई है। उनकी सफलता अब क्षेत्र के अन्य किसानों और युवाओं को भी वैज्ञानिक खेती की ओर प्रेरित कर रही है।