रिपोर्ट- मोहनदास मानिकपुरी
Arang News: ग्राम पंचायत परसकोल, देवरी और अकोलीकला में आयोजित ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम में बच्चों के साथ जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने समय बिताया। रंग-बिरंगे गुब्बारों और बच्चों की चहक से आंगनबाड़ी केंद्रों का माहौल उत्सव जैसा नजर आया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों का उत्साह बढ़ाने के साथ उनके पोषण और स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाना रहा।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनपद सदस्य प्रीतम साहू, मंडल अध्यक्ष देवनाथ साहू और जिला पंचायत सदस्य वतन चंद्राकर मौजूद रहे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अतिथियों का स्वागत किया। जनप्रतिनिधियों ने बच्चों से बातचीत की और उनके साथ कुछ समय बिताकर उन्हें खेल-खेल में सीखने के लिए प्रोत्साहित किया।
बच्चों और समाज के बीच मजबूत होता जुड़ाव
वक्ताओं ने कहा कि ‘आंगन मिलन’ जैसे आयोजनों से बच्चों का मनोबल बढ़ता है और ग्रामीणों का शासन-प्रशासन से जुड़ाव भी मजबूत होता है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों के विकास से जुड़े विषयों पर समुदाय की भागीदारी बढ़ाने का अवसर मिलता है।
स्थानीय पौष्टिक आहार को प्राथमिकता देने की अपील
प्रीतम साहू ने माताओं और ग्रामीणों से बच्चों के भोजन में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक चीजों को शामिल करने की अपील की। उन्होंने हरी सब्जियों और संतुलित आहार को बच्चों के लिए उपयोगी बताते हुए समय पर टीकाकरण और नियमित स्वास्थ्य जांच कराने पर भी जोर दिया।कुपोषण दूर करने में जागरूकता जरूरी
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के साथ परिवार और समाज में जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका इस दिशा में महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों और माताओं तक पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पहुंचाने का काम करती हैं।
बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य पर दिया जोर
जनपद सदस्य प्रीतम साहू ने कहा कि बच्चों का स्वस्थ और सुपोषित होना समाज के बेहतर भविष्य के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र सिर्फ बच्चों के बैठने की जगह नहीं हैं, बल्कि यहां बच्चों के पोषण, शुरुआती शिक्षा और उनके सर्वांगीण विकास की नींव तैयार होती है।
जनपद सदस्य प्रीतम साहू ने कहा कि बच्चों का स्वस्थ और सुपोषित होना समाज के बेहतर भविष्य के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र सिर्फ बच्चों के बैठने की जगह नहीं हैं, बल्कि यहां बच्चों के पोषण, शुरुआती शिक्षा और उनके सर्वांगीण विकास की नींव तैयार होती है।
ग्रामीणों और विभागीय कर्मचारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच, पंच, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं मौजूद रहीं। बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ नन्हें-मुन्ने बच्चों ने भी आयोजन में हिस्सा लिया। बच्चों की मौजूदगी और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से पूरे कार्यक्रम का माहौल खुशनुमा बना रहा।

