CG Forest Department: जिले के बागबाहरा वन परिक्षेत्र में बेखौफ हो चुके अतिक्रमणकारियों के हौसले इस कदर बढ़ गए हैं कि उन्होंने ड्यूटी पर तैनात वन विभाग की टीम पर जानलेवा हमला कर दिया। तमोरा गांव के पास आरक्षित वन कक्ष क्रमांक 95-96 में गश्त पर निकले वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) नवीन वर्मा और उपवनक्षेत्रपाल (डिप्टी रेंजर) नवीन शर्मा को दर्जनों लोगों ने चारों तरफ से घेर लिया और करीब चार घंटे तक बंधक बनाकर लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई की। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
जंगली सुअर के शिकार की खबर पर गई थी टीम
मिली जानकारी के अनुसार, 6 अक्टूबर की रात लगभग 7:30 बजे वन परिक्षेत्र अधिकारी नवीन वर्मा अपनी टीम—जिसमें डिप्टी रेंजर नवीन शर्मा, वनरक्षक टोमन दीवान, वॉचर और चालक शामिल थे—के साथ ढोड परिसर के जंगल में गश्त पर थे। टीम को सूचना मिली थी कि इलाके में जंगली सुअर का अवैध शिकार और वन्य मांस की बिक्री की कोशिश की जा रही है। इसी दौरान तमोरा क्षेत्र में वन भूमि पर अवैध कब्जा करने वाले दर्जनों लोग इकट्ठा होकर आए और वन कर्मियों को गालियां देने लगे।
कर्मचारियों को घेरा, अफसरों को बनाया बंधक
अतिक्रमणकारियों की तादाद ज्यादा होने के कारण मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हमले के डर से कुछ कर्मचारी अपनी जान बचाकर भागने में सफल रहे, लेकिन रेंजर नवीन वर्मा और डिप्टी रेंजर नवीन शर्मा को भीड़ ने चारों तरफ से घेर लिया। आरोप है कि हमलावर दोनों अधिकारियों को घसीटते हुए पास ही खेत में बने एक छोटे से मकान में ले गए। वहां उन्हें बंधक बना लिया गया और लगभग 4 घंटे तक लाठी-डंडों से पीटा गया।
मारपीट में गंभीर चोटें, रात में पहुंची पुलिस
हमले में रेंजर नवीन वर्मा की पीठ, कंधे, हाथ, जांघ और आंख में गंभीर चोटें आई हैं। वहीं डिप्टी रेंजर नवीन शर्मा के कान के पीछे से खून बहने लगा और शरीर के अन्य हिस्सों में गहरी चोटें पहुंचीं। बंधक बनाए जाने के दौरान रेंजर ने किसी तरह अपने मोबाइल से व्हाट्सएप के जरिए उच्च अधिकारियों और पुलिस को स्थिति की जानकारी भेजी। सूचना मिलते ही पुलिस बल और अतिरिक्त वन अमला मौके पर पहुंचा। शुरुआत में आरोपियों ने पुलिस से भी बहस की और अधिकारियों को छोड़ने से साफ इनकार कर दिया। बाद में सुरक्षा घेरा बनाकर दोनों गंभीर रूप से घायल अधिकारियों को किसी तरह वहां से सुरक्षित निकाला गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया।
आरोपियों में ये नाम मुख्य रूप से शामिल
रेंजर नवीन वर्मा की शिकायत के आधार पर पुलिस ने लक्ष्मी ध्रुव, प्रदीप ध्रुव, सुखराम खैरवार, गणेश यादव, हेमिन बाई, चंदन निषाद, कलाबाई, लक्ष्मीबाई और संतकुमार समेत अन्य स्थानीय अतिक्रमणकारियों के खिलाफ नामजद और अन्य अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज किया है। खल्लारी थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 115(2), 351(3), 221, 132, 127(2) और 191(2) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।बार-बार कानून को चुनौती दे रहे अतिक्रमणकारी
यह पहला मौका नहीं है जब तमोरा के इस आरक्षित वन क्षेत्र में ऐसी दबंगई देखी गई हो:
26 दिसंबर 2025: महासमुंद कलेक्टर, डीएफओ और पुलिस की संयुक्त टीम ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों की मौजूदगी में समझाइश दी थी कि बिना वैध दस्तावेजों के वन भूमि पर कब्जा न करें।
25 मार्च 2026: अतिक्रमणकारियों ने जंगल में पेड़ काटकर खेत बनाने, मुनारा तोड़ने और फेंसिंग पोल को नुकसान पहुंचाने का काम किया, जिस पर 52 लोगों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया था।
13 मई 2026: पौधारोपण की तैयारी के दौरान भी वन अमले पर हमला और बदसलूकी की गई थी, जिसकी एफआईआर दर्ज है।
अदालत से मिली अस्थायी जमानत का उल्लंघन करते हुए अतिक्रमणकारी लगातार विभागीय पौधारोपण को नुकसान पहुंचा रहे थे। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी खुलेआम धमकी देते हैं कि वे कब्जा नहीं छोड़ेंगे। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट, व्हाट्सएप संदेश और मौके के साक्ष्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

