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Urea subsidy for farmers in India (Image Source: AI Photo)
Urea subsidy for farmers in India (Image Source: AI Photo)
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Farmer News: यूरिया की बढ़ती कीमतों के बीच किसानों को राहत, सरकार दे रही ₹2,700 तक की सब्सिडी

Farmer News: भारत दुनिया के प्रमुख उर्वरक आयातक देशों में शामिल है। देश में खेती के लिए बड़ी मात्रा में यूरिया और दूसरे उर्वरकों की जरूरत होती है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों की कीमतों में होने वाला उतार-चढ़ाव सीधे तौर पर आयात लागत और घरेलू सप्लाई व्यवस्था को प्रभावित करता है।

रोशनी पटेल | कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 04 Oct 2026, 03:05 PM · 4 मिनट पढ़ने का समय
नई दिल्ली
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Farmer News: भारत दुनिया के प्रमुख उर्वरक आयातक देशों में शामिल है। देश में खेती के लिए बड़ी मात्रा में यूरिया और दूसरे उर्वरकों की जरूरत होती है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों की कीमतों में होने वाला उतार-चढ़ाव सीधे तौर पर आयात लागत और घरेलू सप्लाई व्यवस्था को प्रभावित करता है। पिछले कुछ समय में वैश्विक स्तर पर यूरिया की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते इसकी लागत को लेकर दबाव बढ़ा है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आंध्र प्रदेश के मदनपल्ले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यूरिया की कीमत और सरकार की सब्सिडी व्यवस्था को लेकर जानकारी दी।  

किसानों को सस्ती दर पर यूरिया उपलब्ध कराने की कोशिश

सरकार का कहना है कि खेती की लागत में उर्वरक एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यदि खाद की कीमत अचानक बढ़ती है तो इसका सीधा असर किसानों के खर्च और कृषि उत्पादन की लागत पर पड़ सकता है। इसी वजह से केंद्र सरकार यूरिया को किसानों के लिए किफायती दर पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था बनाए हुए है।  

आयात लागत कई बार पहुंच गई थी ₹3,000 प्रति बैग तक

वित्त मंत्री ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान वैश्विक सप्लाई चेन पर असर पड़ा था। इसके अलावा पश्चिम एशिया में जारी तनाव का भी अंतरराष्ट्रीय बाजार और आयात लागत पर प्रभाव पड़ा। इन परिस्थितियों में यूरिया की आयात लागत कई मौकों पर करीब ₹3,000 प्रति बैग तक पहुंच गई थी।

किसानों को कैसे मिलती है यूरिया सब्सिडी?

यूरिया सब्सिडी की व्यवस्था के तहत सरकार यूरिया की वास्तविक लागत और किसानों से वसूली जाने वाली कीमत के बीच के अंतर को सब्सिडी के जरिए पूरा करती है। यानी अंतरराष्ट्रीय बाजार में यूरिया महंगा होने या उत्पादन लागत बढ़ने की स्थिति में उस अतिरिक्त बोझ का एक बड़ा हिस्सा सरकार वहन करती है। 

45 किलो यूरिया बैग का MRP कितना है?

सरकार के अनुसार, 45 किलोग्राम यूरिया के एक बैग का निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य यानी MRP ₹242 है। इस कीमत में नीम कोटिंग शुल्क और लागू टैक्स शामिल नहीं होते हैं। सरकार की सब्सिडी व्यवस्था के कारण किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार की वास्तविक लागत के मुकाबले काफी कम कीमत पर यूरिया उपलब्ध होता है।  

किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने पर जोर

सिर्फ सस्ती कीमत पर यूरिया उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि किसानों तक इसकी पर्याप्त मात्रा में समय पर पहुंच सुनिश्चित करना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। खेती के सीजन में खाद की मांग अचानक बढ़ जाती है। ऐसे में किसी क्षेत्र में सप्लाई प्रभावित होने पर किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।  

आंध्र प्रदेश में कृषि और बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने की तैयारी

मदनपल्ले में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आंध्र प्रदेश के कृषि और बागवानी क्षेत्र से जुड़ी कई पहलों पर भी चर्चा हुई। केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कृषि आधारित गतिविधियों में निवेश बढ़ाने, किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और कृषि क्षेत्र से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।  

नई परियोजनाओं से किसानों की आय बढ़ाने की उम्मीद

वित्त मंत्री ने भरोसा जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से शुरू की जा रही नई परियोजनाओं से आंध्र प्रदेश के कृषि और बागवानी क्षेत्र को नई गति मिलेगी। बेहतर सुविधाओं, निवेश और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों की आय में सुधार की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।  
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