Italy Military Drone: इटली अपने नए एस्टोर लेवांते (Astore Levante) ड्रोन की हथियार प्रणाली को लेकर विकल्प तलाश रहा है। तुर्की की बायकर (Baykar) और इटली की लियोनार्डो (Leonardo) मिलकर इस ड्रोन को विकसित कर रही हैं। अब इसमें यूरोपीय रक्षा कंपनी MBDA के हथियारों को शामिल करने की संभावना पर परीक्षण किए जा रहे हैं। इतालवी वायु सेना के प्रमुख जनरल एंटोनियो कंजर्वा ने बताया कि ड्रोन के लिए हथियारों का चयन अभी अंतिम रूप से नहीं किया गया है। तुर्की के हथियारों के साथ-साथ यूरोपीय कंपनी MBDA और इटली के छोटे रक्षा उद्योगों के विकल्पों पर भी काम चल रहा है।
बायकर के TB3 पर आधारित है नया ड्रोन
एस्टोर लेवांते को तुर्की के बायकर TB3 ड्रोन के आधार पर तैयार किया जा रहा है। इसका निर्माण बायकर और लियोनार्डो के संयुक्त उद्यम LBA Systems के जरिए इटली में किया जा रहा है। शुरुआती योजना के अनुसार, इतालवी वायु सेना को छह ड्रोन उपलब्ध कराए जाएंगे। इस ड्रोन में लियोनार्डो के सेंसर लगाए जाने की उम्मीद है। हालांकि, जुलाई में फार्नबरो एयर शो के दौरान इसके अनावरण के समय इसे तुर्की के हथियारों के साथ प्रदर्शित किया गया था। इनमें रोकेत्सान के MAM परिवार के गाइडेड बम और बायकर की Kemankes-1 मिनी क्रूज मिसाइल शामिल हैं। अब MBDA के हथियारों को भी इसमें शामिल करने की संभावना पर विचार किया जा रहा है। इससे ड्रोन के लिए यूरोपीय हथियार प्रणालियों के इस्तेमाल का विकल्प खुल सकता है।
2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में मिल सकता है प्रमाणन
जनरल कंजर्वा के मुताबिक, एस्टोर लेवांते को 2026 के अंत तक या 2027 की शुरुआत में प्रमाणित करने का लक्ष्य रखा गया है। यूरोपीय बाजार में इस ड्रोन की बिक्री के लिए प्रमाणन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इतालवी वायु सेना शुरुआत में तीन सिस्टम का ऑर्डर देने की योजना बना रही है। प्रत्येक सिस्टम में दो ड्रोन होंगे। आगे चलकर इनकी संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है। यूरोपीय हथियारों को शामिल करने की संभावनाएं इस परियोजना को यूरोप के अन्य संभावित ग्राहकों के लिए भी उपयोगी बना सकती हैं। हालांकि, हथियारों के अंतिम चयन और भविष्य में होने वाले अतिरिक्त ऑर्डर को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।पुराने MQ-1 ड्रोन की जगह लेंगे एस्टोर लेवांते
इतालवी वायु सेना इस नए ड्रोन का इस्तेमाल मौजूदा Predator MQ-1 ड्रोन की जगह करने की योजना बना रही है। इसका उपयोग मुख्य रूप से खुफिया जानकारी जुटाने, निगरानी और टोही यानी ISR मिशनों में किया जाएगा। इसके अलावा, जरूरत पड़ने पर सैनिकों को सशस्त्र हवाई सहायता देने और ड्रोन पायलटों को प्रशिक्षण प्रदान करने में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। इस तरह एस्टोर लेवांते को केवल निगरानी के लिए ही नहीं, बल्कि विभिन्न सैन्य अभियानों में सहयोग देने वाले प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है।







