27 टीमों ने एक साथ दी दबिश
रिमोट से कटता है कनेक्शन, फिर भी निकाला चोरी का रास्ता
उल्लेखनीय है कि स्मार्ट मीटर तकनीक लागू होने के बाद अब बकाया भुगतान न होने पर बिजली विभाग को मौके पर जाने की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि दफ्तर से ही रिमोट के जरिए कनेक्शन डिस्कनेक्ट कर दिया जाता है। कनेक्शन काटने के बाद विभाग यह सुनिश्चित करने के लिए औचक निरीक्षण करता है कि कहीं उपभोक्ता अवैध रास्ता तो नहीं अपना रहे। इसी मॉनिटरिंग के दौरान यह पूरी चोरी पकड़ी गई।
बिजली अधिनियम की धारा 135 और 138 के तहत होगी कार्रवाई
अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि डिस्कनेक्शन के बाद अनधिकृत रूप से बिजली जलाना एक संगीन अपराध है। पकड़े गए उपभोक्ताओं से न केवल बकाया बिल और चोरी की गई बिजली का हरजाना वसूला जाएगा, बल्कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 व 138 के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर मामले को विशेष न्यायालय में भेजा जाएगा।
16 अक्टूबर को कटे थे 2,559 कनेक्शन, अगले महीने फिर होगी चेकिंग
कार्रवाई की कड़ी में 16 अक्टूबर को महासमुंद वृत्त के भीतर 2,559 बकायादारों के स्मार्ट मीटर कनेक्शन रिमोट से काटे गए हैं। विभाग ने साफ किया है कि अगले महीने इन सभी 2,559 ठिकानों की दोबारा औचक जांच की जाएगी। अगर इनमें से कोई भी बाईपास या केबल में कट लगाकर बिजली जलाता मिला, तो सीधे कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।
एसएमएस से दी जा रही पूर्व सूचना
बिजली काटने से पहले विभाग उपभोक्ताओं के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर अलर्ट मैसेज भी भेज रहा है। अधिकारियों के मुताबिक इस व्यवस्था का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। कई उपभोक्ता मैसेज मिलते ही तुरंत बकाया भुगतान कर रहे हैं, जिससे उनका कनेक्शन कटने से बच जाता है। हालांकि, चेतावनी के बावजूद बिल न भरने वालों पर कार्रवाई जारी है।31 मार्च 2028 तक चलेगा विशेष चेकिंग अभियान
CSPDCL महासमुंद वृत्त ने जानकारी दी है कि स्मार्ट मीटर से काटे गए कनेक्शनों पर निगरानी रखने का यह विशेष अभियान 31 मार्च 2028 तक लगातार जारी रहेगा। इसका मुख्य उद्देश्य बिजली चोरी पर पूरी तरह लगाम लगाना और राजस्व नुकसान को रोकना है।
उपभोक्ताओं से अपील: 'समाधान योजना' का उठाएं लाभ
विद्युत विभाग ने महासमुंद और गरियाबंद जिले के घरेलू, कृषि पंप तथा बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे छत्तीसगढ़ शासन की 'समाधान योजना' का लाभ उठाएं। पात्र उपभोक्ता इस योजना के तहत मिलने वाली छूट और सहूलियत का उपयोग कर अपने पुराने बकाया बिलों का निपटारा करें और केवल वैध कनेक्शन से ही बिजली का उपयोग करें। अनधिकृत तरीकों से बिजली जलाने पर भविष्य में कोई रियायत नहीं दी जाएगी।







