Navratri Fashion: नवरात्रि आते ही गरबा और डांडिया नाइट्स की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। इस दौरान लहंगा, घाघरा और चनिया चोली सबसे ज्यादा पसंद किए जाते हैं। देखने में ये तीनों काफी समान लगते हैं, लेकिन इनके डिजाइन, स्टाइल और पारंपरिक पहचान में अंतर होता है। अगर आप गरबा नाइट के लिए आउटफिट खरीदने जा रही हैं तो इन तीनों के बीच का फर्क जानना आपके लिए उपयोगी हो सकता है। सही आउटफिट चुनने से लुक खूबसूरत होने के साथ डांस के दौरान आरामदायक भी रहेगा।
लहंगा एक लंबी और घेरदार स्कर्ट होती है, जिसे आमतौर पर चोली और दुपट्टे के साथ पहना जाता है। आजकल लहंगे में ए-लाइन, फ्लेयर्ड और पैनल्ड जैसे कई डिजाइन देखने को मिलते हैं। सीक्विन, जरी, मिरर वर्क और एम्ब्रॉयडरी वाले लहंगे गरबा नाइट के लिए काफी पसंद किए जाते हैं।
चनिया चोली क्यों है गरबा के लिए खास?
चनिया चोली गुजराती परंपरा से जुड़ा पारंपरिक परिधान है। इसमें चनिया यानी घेरदार स्कर्ट और चोली यानी ब्लाउज शामिल होते हैं। इसके साथ ओढ़नी या दुपट्टा भी पहना जाता है। चनिया चोली की खास पहचान इसके रंगीन डिजाइन, मिरर वर्क, कच्छी कढ़ाई, पैचवर्क और पारंपरिक मोटिफ्स हैं। यही वजह है कि अगर आप पूरी तरह ट्रेडिशनल गुजराती गरबा लुक चाहती हैं, तो चनिया चोली अच्छा विकल्प हो सकता है।

गरबा नाइट के लिए आउटफिट चुनते समय ध्यान रखें
अगर आपको ग्लैमरस और मॉडर्न लुक पसंद है तो डिजाइनर लहंगा चुन सकती हैं। वहीं पारंपरिक और देसी अंदाज के लिए घाघरा या चनिया चोली बेहतर विकल्प हो सकता है। हालांकि गरबा में कई घंटे डांस करना होता है, इसलिए आउटफिट का वजन और फिटिंग जरूर जांचें। बहुत भारी लहंगा, ज्यादा लंबा दुपट्टा या असहज ब्लाउज डांस के दौरान परेशानी पैदा कर सकता है। इसलिए फैब्रिक, कमर की फिटिंग, घेर और दुपट्टे की लंबाई पर ध्यान देकर ऐसा आउटफिट चुनें जिसमें आप आसानी से घूम और डांस कर सकें।

तीनों में सबसे बड़ा अंतर
सीधी भाषा में कहें तो लहंगा और घाघरा मुख्य रूप से घेरदार स्कर्ट या निचले परिधान के नाम हैं, जबकि चनिया चोली एक पूरे पारंपरिक आउटफिट को कहा जाता है। हालांकि भारतीय फैशन में इन नामों का इस्तेमाल कई बार एक-दूसरे की जगह भी किया जाता है। इसलिए गरबा नाइट के लिए खरीदारी करते समय केवल आउटफिट के नाम पर निर्भर न रहें। डिजाइन, फैब्रिक, सिल्हूट, वजन और सबसे जरूरी अपनी सुविधा को ध्यान में रखकर ड्रेस चुनें।


