PM Modi Bastar Visit: देश की सीमाओं और संवेदनशील इलाकों में तैनात जवानों के बीच त्योहार मनाने की अपनी पुरानी परंपरा को कायम रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार दिवाली छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षाबलों के साथ मनाएंगे। प्रधानमंत्री ने खुद सोशल मीडिया के जरिए इस बात के संकेत दिए हैं। हालांकि, बस्तर में प्रधानमंत्री के इस दौरे की भनक स्थानीय भाजपा नेताओं और प्रशासनिक अफसरों को भी नहीं थी, जिससे यह दौरा अचानक बेहद अहम हो गया है।
माना जा रहा है कि पीएम मोदी बस्तर स्थित किसी सीआरपीएफ (CRPF) कैंप में जवानों के बीच पहुंचेंगे। यह पहला मौका होगा जब प्रधानमंत्री दिवाली का त्योहार मनाने के लिए छत्तीसगढ़ की धरा पर कदम रखेंगे। लंबे समय से बस्तर का इलाका नक्सलवाद के खिलाफ कड़े अभियानों का गवाह रहा है। ऐसे विषम माहौल में देश के शीर्ष नेता का जवानों के बीच पहुंचना न केवल उनके संघर्षों को सम्मान देना है, बल्कि बस्तर में मुस्तैद सुरक्षाबलों का मनोबल कई गुना बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है।
13वीं बार जवानों संग दीप जलाएंगे प्रधानमंत्री
साल 2014 में देश की सत्ता संभालने के बाद से ही नरेंद्र मोदी हर साल दिवाली सरहद पर तैनात देश के रक्षकों के साथ ही मनाते आए हैं। इस बार यह लगातार 13वां मौका होगा जब वे सरहद के प्रहरियों के बीच मौजूद रहकर मिठाइयां बांटेंगे और खुशियां साझा करेंगे।
बीते वर्षों की झलक: आईएनएस विक्रांत से लेकर कच्छ की खाड़ी तक
वर्ष 2025: पिछले साल प्रधानमंत्री ने गोवा में स्वदेशी विमानवाहक पोत 'INS विक्रांत' पर नौसेना के वीर जवानों के बीच दिवाली मनाई थी।
वर्ष 2024: इससे पूर्व वे गुजरात के कच्छ पहुंचे थे, जहां उन्होंने थलसेना, वायुसेना, नौसेना और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों के साथ त्योहार की खुशियां बांटी थीं।
जम्मू-कश्मीर रहा है पसंदीदा गंतव्य
साल 2014 से 2025 के बीच प्रधानमंत्री देश के अलग-अलग सीमावर्ती और रणनीतिक रूप से संवेदनशील इलाकों का दौरा कर चुके हैं। इस दौरान वे सबसे ज्यादा तीन बार जम्मू-कश्मीर के मोर्चे पर पहुंचे हैं। इसके अलावा उन्होंने दो बार हिमाचल प्रदेश और दो बार लद्दाख की बर्फीली चोटियों पर जवानों के साथ दीप जलाए हैं। अब बस्तर का यह दौरा उनके इस सिलसिले में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है।











