Raipur News: मटिया गांव में अवैध पत्थर खनन के मामले में खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की जांच के दौरान क्षेत्र में नियमों के विपरीत पत्थर उत्खनन किए जाने का मामला सामने आया। इसके बाद विभाग ने मामले में शामिल पांच ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन पर भारी जुर्माना लगाया है। विभाग की ओर से की गई कार्रवाई के तहत सभी ठेकेदारों पर मिलाकर करीब 3 करोड़ रूपए की पेनल्टी निर्धारित की गई है। इस कार्रवाई को अवैध खनन के खिलाफ विभाग की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
सहायक खनिज अधिकारी उमेश कुमार भार्गव ने बताया कि अवैध पत्थर उत्खनन के मामले में धनेश अग्रहरि, अभयकांत सिन्हा, अम्मी रेड्डी, महेश प्रीतवानी और मनोज साहू के खिलाफ कार्रवाई की गई है। विभागीय कार्रवाई के तहत इन पांचों ठेकेदारों पर कुल 2 करोड़ 90 लाख 88 हजार 600 रूपए की पेनल्टी लगाई गई है।
मामला न्यायालय में प्रस्तुत
खनिज विभाग ने अवैध पत्थर खनन से जुड़े पूरे मामले को न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया है। अब प्रकरण में आगे की कार्रवाई न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत होगी। विभाग की ओर से की गई कार्रवाई में जहां पांच ठेकेदारों पर करोड़ों रुपये की पेनल्टी लगाई गई है, वहीं अवैध उत्खनन में इस्तेमाल सात मशीनों को भी जब्त किया गया है। खनिज विभाग की इस कार्रवाई से अवैध तरीके से खनन करने वालों पर कार्रवाई का संदेश गया है और अब मामले में न्यायालय की प्रक्रिया पर नजर रहेगी

अवैध खनन में इस्तेमाल 7 मशीनें जब्त
7 चेन माउंटेन मशीनों को जब्त किया है। इन मशीनों का इस्तेमाल पत्थर निकालने के लिए किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान मशीनों को विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया। अधिकारियों के मुताबिक, अवैध उत्खनन में मशीनों के इस्तेमाल की पुष्टि होने के बाद उन्हें जब्त करने की कार्रवाई की गई है। मामले में विभाग की ओर से आगे की प्रक्रिया भी जारी है।
खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई
मटिया गांव में अवैध पत्थर खनन के मामले में खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की जांच में अवैध उत्खनन का मामला सामने आने के बाद पांच ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की गई। विभाग ने सभी ठेकेदारों पर कुल 2 करोड़ 90 लाख 88 हजार 600 रु रूपए पेनल्टी लगाई है। इसके साथ ही अवैध उत्खनन में इस्तेमाल की जा रही 7 चेन माउंटेन मशीनों को जब्त किया गया है। सहायक खनिज अधिकारी उमेश कुमार भार्गव के अनुसार, मामले को न्यायालय में भी प्रस्तुत किया गया है। अब आगे की कार्रवाई न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत होगी।
