Truck Accident Chhattisgarh: महासमुंद-राजिम मुख्य मार्ग पर स्थित ग्राम सरगोड़ और भेंड्री के बीच का नाला एक बार फिर बड़े हादसे का गवाह बना। मंगलवार तड़के करीब 4 बजे सीमेंट से लदा एक अनियंत्रित ट्रक सड़क किनारे बनी बिना रेलिंग की पुलिया को तोड़ते हुए सीधे नरवा (नाले) में जा गिरा। गनीमत रही कि इस भीषण दुर्घटना में चालक की जान बच गई। वह हादसे के तुरंत बाद खुद ही प्राथमिक उपचार के लिए रायपुर चला गया और गाड़ी के मालिक को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीणों का हुजूम मौके पर एकत्र हो गया।
PWD के खिलाफ भारी नाराजगी
मामले में पुलिस की टीम भी पड़ताल के लिए पहुंची, लेकिन किसी भी पक्ष से लिखित शिकायत न मिलने के कारण फिलहाल मामला दर्ज नहीं किया गया है। स्थानीय लोगों में प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) के खिलाफ भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि महासमुंद की तरफ से आने वाली गाड़ियों को भेंड्री पार करते ही एक खतरनाक मोड़ का सामना करना पड़ता है।
तेज राजफ्तार गाड़ियां सीधे नाले में
इस संकरे मोड़ और पुलिया पर न तो सेफ्टी रेलिंग है, न रेडियम रिफ्लेक्टर और न ही कोई सांकेतिक चेतावनी बोर्ड। रात के अंधेरे में पर्याप्त रोशनी न होने के कारण दूर से आ रहे वाहन चालकों को अचानक आया यह मोड़ दिखाई ही नहीं देता। रफ्तार तेज होने पर गाड़ियां सीधे नाले में समा जाती हैं।हर साल जा रही जानें, फिर भी PWD बेखबर
सालाना दुर्घटनाएं: ग्रामीणों के अनुसार इस एक अकेली पुलिया पर हर साल 2 से 3 छोटे-बड़े हादसे होना आम बात हो गई है।
मौत का आंकड़ा: अब तक इस अंधे मोड़ की वजह से 3 से 4 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
विभागीय अनदेखी: PWD को कई बार सतर्क करने के बाद भी यहां सुरक्षा के न्यूनतम उपाय तक नहीं किए गए हैं।
कितनी बोरियां गायब हुई नहीं हो पाई पुष्टि
घटनास्थल पर एक और बात की काफी चर्चा रही। बताया जा रहा है कि तड़के हादसे के ठीक बाद अंधेरे का फायदा उठाकर कुछ स्थानीय असामाजिक तत्वों ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक से सीमेंट की बोरियां पार कर दीं। हालांकि, ट्रक में कुल कितना माल लोड था और कितनी बोरियां गायब हुईं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। गांव के निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस 'ब्लैक स्पॉट' का तत्काल निरीक्षण किया जाए। पुलिया के दोनों तरफ मजबूत रेलिंग, चमकीले रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड और हाई-मास्ट या स्ट्रीट लाइट लगाई जाए, ताकि आने वाले समय में किसी और परिवार का चिराग न बुझे।

