World Bowls 2026: पुतुल सोनोवाल ने कांस्य पदक जीतकर भारतीय खेल जगत को गौरवान्वित किया। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के इतिहास में भारत का यह पहला पदक है। भारत के 43 वर्षीय खिलाड़ी पुतुल सोनोवाल का सफर सेमीफाइनल में समाप्त हुआ। शनिवार को खेले गए मुकाबले में उन्हें स्कॉटलैंड के इयान मैकलीन के खिलाफ 5-8 और 4-8 से हार का सामना करना पड़ा। मैकलीन मौजूदा विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर हैं। सेमीफाइनल में हार के बावजूद सोनोवाल कांस्य पदक जीतने में सफल रहे।
सात में से छह मुकाबले जीतकर ग्रुप में रहे शीर्ष पर
पुतुल सोनोवाल ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने सात ग्रुप मुकाबलों में से छह में जीत दर्ज की और ग्रुप में पहला स्थान हासिल किया। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में सिंगापुर के हैरिमन युएन के खिलाफ कड़ा मुकाबला खेलते हुए जीत हासिल की। इस सफलता के साथ उन्होंने भारत के लिए पदक पक्का कर लिया। पिछले संस्करण में सोनोवाल क्वार्टर फाइनल से आगे नहीं बढ़ पाए थे। इस बार कांस्य पदक जीतकर उन्होंने अपने प्रदर्शन में सुधार किया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय बाउल्स के लिए एक नई उपलब्धि दर्ज की।
राष्ट्रमंडल खेलों में चूके, अब विश्व स्तर पर मिली सफलता
इससे पहले पुतुल सोनोवाल ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने से चूक गए थे। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया में उनके प्रदर्शन ने भारतीय बाउल्स को नई पहचान दिलाई है। उनका यह पदक देश में इस खेल को आगे बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्या है वर्ल्ड बाउल्स चैंपियन ऑफ चैंपियंस?
वर्ल्ड बाउल्स चैंपियन ऑफ चैंपियंस एक वार्षिक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता है। इसमें वर्ल्ड बाउल्स से संबद्ध देशों के राष्ट्रीय एकल चैंपियन हिस्सा लेते हैं। इस टूर्नामेंट में पदक जीतना खिलाड़ियों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है।महिला एकल में बंगिता हजारिका नहीं बना सकीं जगह
महिला एकल वर्ग में भारत की प्रतिनिधि बंगिता हजारिका नॉकआउट चरण तक नहीं पहुंच सकीं। उन्होंने अपने सात ग्रुप मुकाबलों में से चार में जीत दर्ज की और ग्रुप में चौथा स्थान हासिल किया। पुतुल सोनोवाल की ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ भारत ने विश्व बाउल्स चैंपियन ऑफ चैंपियंस में पहली बार पदक जीतने का गौरव हासिल किया है।







