"वन्यजीव" के लिए 156 परिणाम मिले
छत्तीसगढ़
टीम पर हमला : तोतों की तस्करी करने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार, मुख्य सरगना अब भी फरार
कांगेर घाटी नेशनल पार्क और वन विभाग की टीम ने संजय मार्केट (जगदलपुर) में अवैध वन्यजीव तस्करी के खिलाफ छापा मारा, जहाँ 15 दुर्लभ तोते बरामद हुए। कार्रवाई के दौरान आरोपियों ने टीम पर हमला कर कुछ तोते लेकर फरार होने की कोशिश की। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि 1 आरोपी फरार है। मामले की जांच जारी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।
छत्तीसगढ़
क्रूरता की हदें पार : तेंदुए को कुल्हाड़ी से मार कर खा गए मांस, खाल बेचने की फिराक में 5 शिकारी गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में वन विभाग ने गीदम रेंज के गुमलनार इलाके में तेंदुए के शिकार और उसकी खाल की तस्करी के मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने पहले लोहे के फंदे से तेंदुए को पकड़ा, फिर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी और मांस खा लिया, जबकि खाल बेचने की कोशिश कर रहे थे।
छत्तीसगढ़
बस्तर में अवैध तोता कारोबार पर छापा, वन रेंजर पर हमला—मचा हड़कंप
बस्तर जिले में नवजात तोता बच्चों की अवैध बिक्री की सूचना पर फ्लाइंग स्क्वॉड ने छापा मारा। कार्रवाई के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया और आरोपियों ने वन विभाग की टीम पर हमला कर दिया, जिसमें रेंजर के साथ मारपीट की गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया, घायल अधिकारी को बचाया और आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यात्रा
छत्तीसगढ़ का गौरव : बारनवापारा में काले हिरणों की वापसी को मिली राष्ट्रीय पहचान
छत्तीसगढ़ के बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में काले हिरणों (ब्लैकबक) के सफल पुनर्स्थापन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में सराहा गया, जिससे राज्य के संरक्षण प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान मिली। 1970 के दशक के बाद अतिक्रमण और आवास क्षरण के कारण यहां से काले हिरण लगभग विलुप्त हो गए थे, लेकिन 2018 में राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्वीकृति के बाद पुनर्स्थापन योजना शुरू की गई। वैज्ञानिक प्रबंधन, बेहतर आवास व्यवस्था, पशु चिकित्सा देखभाल और निरंतर निगरानी के कारण इनकी संख्या बढ़कर लगभग 200 तक पहुंच गई है।
छत्तीसगढ़
टाइगर रिजर्व में अतिक्रमण की कोशिश नाकाम : 22 गिरफ्तार, वन विभाग की सख्ती जारी
उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के सीतानदी कोर क्षेत्र में वन विभाग ने अतिक्रमण की कोशिश नाकाम करते हुए 22 लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपी जंगल की जमीन साफ कर कब्जा करने और खेती के लिए तैयार करने में जुटे थे, जिससे वन्यजीवों के आवास पर खतरा था। इससे पहले महासमुंद और धमतरी में भी वन विभाग ने बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी।
छत्तीसगढ़
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में 106 हेक्टेयर वन भूमि पर अवैध कब्जा, सैटेलाइट व ड्रोन से बड़े पैमाने पर जंगल कटाई का खुलासा
छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में सैटेलाइट और ड्रोन जांच से पता चला है कि पिछले 15 वर्षों में करीब 106 हेक्टेयर वन भूमि पर अवैध कब्जा हुआ और 1 लाख से अधिक पेड़ काटे गए। खेती के नाम पर जंगल साफ किया गया, जिससे वन्यजीवों और पर्यावरण को गंभीर नुकसान हुआ है।
देश
जंगल हादसा: बायसन के हमले में दो महिलाओं की मौत, एक गंभीर रूप से घायल
झारखंड के लातेहार जिले के बरवाडीह थाना क्षेत्र स्थित छिपादोहर पश्चिमी रेंज के गुरिकरम जंगल में जंगली बायसन के हमले में दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि एक अन्य महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। तीनों महिलाएं सोमवार को महुआ चुनने जंगल गई थीं, तभी अचानक बायसन ने उन पर हमला कर दिया। देर तक घर न लौटने पर खोजबीन की गई, जिसके बाद मंगलवार को दोनों मृतकों के शव जंगल से बरामद हुए और घायल महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इस घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई है और ग्रामीणों ने वन्यजीवों से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग की है। वन विभाग ने पीड़ित परिवारों को तत्काल सहायता राशि दी है और आगे मुआवजा देने की प्रक्रिया जारी है।
छत्तीसगढ़
गरियाबंद : उदंती के जानवरों को आग और गर्मी से बचाने ड्रोन की निगरानी, प्यास बुझाने जगह-जगह झिरिया और सोलर पंप से पानी
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व ने गर्मियों में जंगल में आग, जल संकट और मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए सभी 143 फॉरेस्ट बीट में फायर वॉचर्स और वॉटर वॉचर्स तैनात किए हैं। फायर वॉचर्स आग की शुरुआती पहचान और ड्रोन से निगरानी करते हैं, जबकि वॉटर वॉचर्स ने 750 से अधिक जल स्रोत (झिरिया) और सौर पंपों के जरिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की है। इसके साथ एंटी-पोचिंग टीमें और सैटेलाइट मॉनिटरिंग भी की जा रही है। इन प्रयासों से पिछले तीन वर्षों में किसी भी मानव या वन्यजीव हताहत की घटना नहीं हुई है।
छत्तीसगढ़
बस्तर के लिए खुलेगा वैश्विक द्वार : 4 घंटे में समुद्र तक, बदलेगी विकास की तस्वीर
रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH-130 CD) बस्तर के लिए विकास की नई राह खोलने जा रहा है। इस 6-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से जगदलपुर से विशाखापट्टनम की दूरी घटकर मात्र 3.5 से 4 घंटे रह जाएगी। इससे बस्तर सीधे समुद्री बंदरगाह और वैश्विक व्यापार नेटवर्क से जुड़ जाएगा। परियोजना के जरिए परिवहन लागत में कमी आएगी और बस्तर की कॉफी, इमली, महुआ उत्पाद व ढोकरा शिल्प जैसे स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहतर दाम मिलेंगे।
गरियाबंद
गजब का प्रस्ताव : छोटू देख नहीं सकता और विभाग कह रहा है वंश में वृद्धि करने जंगल जाओ
छोटू की कहानी दरअसल एक वन्यजीव की नहीं, उस सोच की कहानी बन गई है जहां संरक्षण और संवेदनशीलता के बीच संतुलन बार-बार डगमगाता नजर आता है। यह फैसला अगर उसे सम्मानजनक जीवन देने की कोशिश है, तो उसकी तैयारी कहीं नजर नहीं आती।
महासमुंद
झलप में बायसन अलर्ट : 4 बायसन पहुंचे रिहायशी इलाके में, ट्रैफिक रोककर सुरक्षित जंगल भेजा गया
बारनवापारा अभ्यारण्य से भटके चार जंगली बायसन झलप क्षेत्र में पहुंच गए, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। लखनपुर में किसानों ने शोर मचाकर फसल को नुकसान से बचाया। बायसनों के हाईवे की ओर बढ़ने पर वन विभाग ने ट्रैफिक रोककर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और घंटों की मशक्कत के बाद उन्हें सुरक्षित कुर्रूभाठा के जंगल में पहुंचा दिया।
रायपुर
मगरमच्छ संरक्षण से बदली कोटमीसोनार की तस्वीर
पर्यटन और रोजगार को मिला नया आयाम