"जल योजना" के लिए 23 परिणाम मिले
महासमुंद
पेयजल व्यवस्था फेल : महिलाओं ने नगर पंचायत घेराव की दी चेतावनी
भीषण गर्मी के बीच पिथौरा नगर के वार्ड 1, 2 और 3 में गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है। पानी की समस्या से परेशान महिलाओं ने SDM कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और तत्काल व्यवस्था सुधारने की मांग की। महिलाओं ने नगर पंचायत प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन कर नगर पंचायत कार्यालय का घेराव करेंगी।
राज्य सरकार
विकास कार्यों की समीक्षा : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दिए सख्त निर्देश
सुकमा में आयोजित समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सड़क, पुल, भवन निर्माण, जल जीवन मिशन, पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और जवाबदेह कार्यशैली अपनाने तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
राज्य सरकार
विकास सौगात : 7 करोड़ से अधिक के लोकार्पण और भूमिपूजन
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किरंदुल में 7 करोड़ 19 लाख रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। उन्होंने जिला खनिज न्यास निधि से विकसित ऑक्सीजोन पार्क का उद्घाटन किया और नगर पालिका को स्वच्छता तथा आधारभूत सुविधाओं के लिए मशीनरी और वाहन सौंपे।
राष्ट्रीय
दावों की खुली पोल : मुरैना के आदिवासी गांवों में बूंद-बूंद को तरस रहे लोग, 45°C की तपिश में घड़ा ढो रही हैं महिलाएं
मुरैना के बहेरी समेत आसपास के पांच गांवों में जल संकट गंभीर रूप ले चुका है। गर्मी और मानसून दोनों मौसमों में ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। कई बार उन्हें गंदे गड्ढों और नालों का पानी पीने को मजबूर होना पड़ता है, जिससे डायरिया और टाइफाइड जैसी बीमारियां फैल रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
रायपुर
भीषण गर्मी : ग्रामीणों के लिए राहत बनी पीएचई टीम, गांव-गांव पहुंचा रहा स्वच्छ पेयजल
जल संकट के बीच लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की टीम ग्रामीण क्षेत्रों में सुचारू पेयजल व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार सक्रिय है। विभाग द्वारा खराब हैंडपंपों और पाइपलाइन समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। जल जीवन मिशन के तहत दूरस्थ गांवों तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाने के साथ-साथ ग्रामीणों को जल संरक्षण और जनभागीदारी के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।
देश
प्यासे वादों की बलि चढ़ते रिश्ते : कोढ़वा गांव में जल संकट ने उजाड़े हँसते-खेलते परिवार, बहुओं ने किया मायके पलायन
मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले के कोढ़वा गांव में भीषण जल संकट ने लोगों का जीवन संकट में डाल दिया है। गांव के करीब 200 परिवार रोजाना पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जहां महिलाओं और बच्चों को सुबह 4 बजे से कई किलोमीटर दूर जाकर घंटों लाइन में लगना पड़ता है। पानी की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, महिलाएं बीमारियों का शिकार हो रही हैं और गांव का तालाब भी दूषित हो चुका है। हालात इतने खराब हैं कि कई बहुएं पानी की समस्या से परेशान होकर ससुराल छोड़ मायके लौट गई हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल टैंकर और नए बोरवेल की मांग की है, वरना गांव के खाली होने का खतरा बढ़ता जा रहा है।
भाजपा
लोखान में सुशासन तिहार के दौरान सीएम का श्रमिकों के बीच भोजन सहभागिता
कबीरधाम जिले के ग्राम लोखान में सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने निर्माणाधीन पंचायत भवन का औचक निरीक्षण किया और श्रमिकों के बीच पहुंचकर उनके साथ आत्मीय संवाद किया। महिला श्रमिकों के आमंत्रण पर उन्होंने पारंपरिक भोजन (बोरे बासी, भाजी, आमा चटनी आदि) उनके साथ जमीन पर बैठकर ग्रहण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने श्रमिकों से सरकारी योजनाओं जैसे महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना के बारे में फीडबैक लिया तथा गांव की पेयजल समस्या को गंभीरता से सुना। कलेक्टर द्वारा 26 गांवों के लिए तैयार पेयजल योजना की जानकारी दिए जाने पर मुख्यमंत्री ने इसे शीघ्र स्वीकृति देकर लागू करने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों को जल्द राहत मिल सके।
छत्तीसगढ़
देवलभांठा बना ‘हर घर जल’ गांव, 301 घरों तक पहुंचा शुद्ध पेयजल, जल संकट का स्थायी समाधान
महासमुंद जिले के ग्राम देवलभांठा में हर घर जल योजना के तहत 301 घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाकर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया गया। लगभग 79.68 लाख रुपये की लागत से पानी टंकी और 2960 मीटर पाइपलाइन का निर्माण किया गया, जिससे गांव को जल संकट से स्थायी राहत मिली। 10 दिसंबर 2025 को गांव को “हर घर जल प्रमाणित” घोषित किया गया। योजना की सफलता में सरपंच और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण रही, जिससे अब लोगों का जीवन आसान हुआ है।
छत्तीसगढ़
मैराथन समीक्षा बैठक : पेयजल, अवैध निर्माण और पीएम आवास पर सख्ती
उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने प्रदेश के नगर निगमों और नगर पालिकाओं की व्यापक समीक्षा बैठक ली। उन्होंने पेयजल आपूर्ति में लगातार शिकायतों, अवैध प्लॉटिंग और निर्माण पर सख्त नाराजगी जताते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। धमतरी की पेयजल योजना में देरी पर अधिकारी को निलंबित करने और ठेकेदार पर पेनाल्टी लगाने के आदेश भी दिए गए। उन्होंने सभी निकायों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य करने, नालों की सफाई 31 मई तक पूरी करने और बरसात में जलभराव रोकने के लिए तैयारी करने को कहा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपूर्ण आवासों को सितंबर 2026 तक पूरा करने और नए स्वीकृत आवासों का काम तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा पीएम स्वनिधि, स्वच्छ भारत मिशन, अमृत मिशन, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और अन्य शहरी विकास योजनाओं की भी समीक्षा की गई। बैठक में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई और जवाबदेही तय करने पर जोर दिया गया।
छत्तीसगढ़
गर्मी में पानी को तरस रहे लोग, लाखों के वाटर एटीएम सालों से ठप
महासमुंद में 2017 में नगर पालिका द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर लगाए गए आरओ वाटर एटीएम आज पूरी तरह बंद पड़े हैं। कचहरी चौक, बस स्टैंड और बाजार क्षेत्रों में लगाई गई ये मशीनें शुरुआत से ही नियमित रूप से संचालित नहीं हो सकीं और अब जंग खाकर खराब हो चुकी हैं। भीषण गर्मी में आम लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है, जबकि इस योजना का उद्देश्य सस्ती दरों पर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना था। रखरखाव और निगरानी की कमी के कारण पूरा सिस्टम विफल हो गया है।
स्थानीय लोगों में नाराजगी है और वे प्रशासन से मशीनों को पुनः चालू करने तथा जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़
हर घर जल से बदली छिबर्रा की तस्वीर, हर घर तक पहुँचा स्वच्छ पानी
महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखंड के ग्राम छिबर्रा में हर घर जल योजना के तहत 278 घरों में नल कनेक्शन देकर सभी परिवारों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाया गया।