"औद्योगिक विकास" के लिए 33 परिणाम मिले
राष्ट्रीय
बड़ा ऐलान : 15 जून से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानें शुरू, इंडिगो की पहली फ्लाइट लखनऊ से पहुंचेगी
जेवर में बना नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट 15 जून 2026 से कमर्शियल उड़ानों के लिए पूरी तरह शुरू होने जा रहा है। इंडिगो एयरलाइंस पहली उड़ान लखनऊ से संचालित करेगी। पहले चरण में एयरपोर्ट की क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों की होगी और इसमें रनवे, टर्मिनल व एटीसी टावर शामिल हैं। यह एयरपोर्ट देश के 16 से अधिक शहरों से जुड़ेगा और क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करेगा।
राज्य सरकार
विकास को नई गति : कोयला उत्पादन, सौर ऊर्जा और निवेश पर फोकस
कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास, ऊर्जा सुरक्षा, कोयला उत्पादन, खनन क्षेत्र के विस्तार और आधारभूत संरचना को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में रेल एवं लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी बढ़ाने, स्वच्छ ऊर्जा, सौर ऊर्जा, कोयला गैसीकरण और निवेश व रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर विशेष जोर दिया गया।
मनोरंजन
वेब सीरीज : भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास पर आधारित नई सीरीज का ट्रेलर रिलीज
मेड इन इंडिया – एक टाइटन की कहानी” का ट्रेलर रिलीज हो गया है, जिसमें भारत के प्रतिष्ठित ब्रांड टाइटन कंपनी की प्रेरणादायक सफलता की कहानी दिखाई जाएगी। सीरीज में नसीरुद्दीन शाह जेआरडी टाटा और जिम सर्भ ज़ेरक्सेस देसाई की भूमिका निभा रहे हैं। यह 6 एपिसोड की सीरीज टाइटन ब्रांड के संघर्ष, नेतृत्व, नवाचार और भारत के औद्योगिक विकास की कहानी को दर्शाएगी।
राज्य सरकार
विकास की नई उड़ान : मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विकास पथ पर तेजी से दौड़ता छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में आवास, सड़क, डिजिटल कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य सुशासन, जनकल्याण और आत्मनिर्भरता के मॉडल के रूप में उभर रहा है।
रायपुर
भारत की नई रफ्तार : रायपुर से विशाखापट्टनम तक विकास का मेगा कॉरिडोर
रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जो उद्योग, व्यापार, पर्यटन और रोजगार को नई गति देगी। इस कॉरिडोर से छत्तीसगढ़ को विशाखापट्टनम पोर्ट तक सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे निर्यात बढ़ेगा और किसानों, उद्योगों तथा स्थानीय व्यवसायों को बड़ा लाभ होगा।
भाजपा
मन की बात : प्रधानमंत्री मोदी ने सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम को बताया राष्ट्र निर्माण का आधार, कलपक्कम की सफलता पर जताया गर्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में भारत की वैज्ञानिक प्रगति और ऊर्जा सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम को देश के विकास, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और तकनीकी उन्नति का महत्वपूर्ण आधार बताया। तमिलनाडु के Kalpakkam स्थित फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) के ‘क्रिटिकैलिटी’ हासिल करने को एक बड़ी उपलब्धि बताया गया, जिससे भारत की परमाणु ऊर्जा क्षमता को नई दिशा मिली है। ब्रीडर रिएक्टर की खासियत है कि यह बिजली उत्पादन के साथ-साथ भविष्य के लिए नया ईंधन भी तैयार करता है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से जापानी प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात, निवेश और तकनीकी सहयोग पर जोर
विष्णु देव साय ने रायपुर में जापानी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर राज्य में निवेश, औद्योगिक विकास और तकनीकी सहयोग पर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति की सराहना करते हुए निवेश बढ़ाने की इच्छा जताई, जिससे रोजगार और विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी।
देश
शिखर बैठक : ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी को नया आयाम देने की तैयारी
भारत मई के अंत में चौथी भारत–अफ्रीका शिखर बैठक आयोजित करने जा रहा है, जिसमें अफ्रीका के सभी 54 देशों के शामिल होने की संभावना है। यह बैठक लगभग 10 साल बाद हो रही है, जिसका उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को फिर से मजबूत करना है। अफ्रीका भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक संसाधनों (तेल, गैस, यूरेनियम और रेयर अर्थ मिनरल्स) का महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है, जिससे पश्चिम एशिया पर निर्भरता कम होगी। भारत अपनी बड़ी तेल जरूरतों के लिए अभी भी मुख्यतः आयात पर निर्भर है, इसलिए अफ्रीका एक वैकल्पिक और स्थिर आपूर्ति क्षेत्र के रूप में उभर सकता है।
छत्तीसगढ़
मंत्री देवांगन ने कहा : गोपालपुर औद्योगिक क्षेत्र से कोरबा के विकास को मिलेगी नई दिशा, निवेश और रोजगार के बढ़ेंगे अवसर बढ़ेंगे
गोपालपुर में नवीन औद्योगिक क्षेत्र के अधोसंरचना विकास कार्यों का भूमिपूजन केवल एक परियोजना की शुरुआत नहीं, बल्कि कोरबा के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। कोरबा के लिए गर्व की बात है, वर्ष 1980 के बाद आज जिले में नवीन औद्योगिक क्षेत्र का विकास किया जा रहा है। लगभग 10.900 हेक्टेयर (27 एकड़) भूमि पर 10.59 करोड़ की लागत से विकसित होने वाला यह औद्योगिक क्षेत्र कोरबा जिले के औद्योगिक विकास को नई दिशा देगा।