"बारिश" के लिए 565 परिणाम मिले
बिलासपुर
बरसात में बढ़ा सांप-बिच्छू का खतरा : बिलासपुर सिम्स में पहुंचे 78 सर्पदंश और 12 बिच्छू के मरीज
बिलासपुर में मानसून के बाद सर्पदंश और जहरीले जीवों के काटने के मामले बढ़ गए हैं। जुलाई के शुरुआती 14 दिनों में सिम्स में सांप काटने के 78 और बिच्छू डंक के 12 मरीज इलाज के लिए पहुंचे हैं। डॉक्टरों ने लोगों से सावधानी बरतने और सर्पदंश की स्थिति में तुरंत अस्पताल पहुंचने की अपील की है।
जगदलपुर (बस्तर)
पर्यटकों की लापरवाही : तीरथगढ़ जलप्रपात में बढ़ा पानी, नियम तोड़ने वाले पर्यटकों को रोकने पर हुआ विवाद
बस्तर के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान स्थित तीरथगढ़ जलप्रपात में बढ़ते जलस्तर के बीच कुछ पर्यटक प्रतिबंधित क्षेत्र में पहुंचकर नहाते नजर आए। उन्हें रोकने पहुंचे वनकर्मियों से विवाद हो गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वन विभाग ने कहा कि कार्रवाई पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की गई थी।
राष्ट्रीय
मुरैना में दावों की खुली पोल : दलदल लांघकर कलेक्ट्रेट पहुंचे नौनिहाल, कैलारस में 3 महीने में ही उखड़ी सड़क
मुरैना जिले में विकास कार्यों की हकीकत सामने आई है। पोरसा के गुमानपुरा में बच्चे कीचड़ भरे रास्ते से परेशान होकर कलेक्टर से शिकायत करने पहुंचे, वहीं कैलारस के आंतरी गांव में तीन महीने पहले बनी सीसी सड़क पहली बारिश में ही टूट गई।
राज्य सरकार
बड़ी कामयाबी : मोर गांव-मोर पानी अभियान ने बदली गांवों की तस्वीर, जल संचयन से बढ़ेगी किसानों खुशहाली
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान जल संरक्षण का बड़ा उदाहरण बनकर उभरा है। जनभागीदारी से 2.85 लाख जल संरचनाओं का निर्माण और पुनर्जीवन किया गया, जिससे 19.23 लाख घनमीटर अतिरिक्त जल संचयन क्षमता विकसित हुई। इस पहल से भूजल स्तर सुधार, किसानों को सिंचाई सुविधा और ग्रामीण क्षेत्रों में जल सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
राज्य सरकार
छोटी डबरी, बड़ा बदलाव : किसान को मिली सिंचाई, मछली पालन और रोजगार का नया सहारा
बस्तर के खोटलापाल गांव में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन के तहत बनी डबरी ने किसान सोनधर की जिंदगी बदल दी है। जल संरक्षण से सिंचाई सुविधा बढ़ी, मछली पालन से अतिरिक्त आय मिली और गांव में भूजल स्तर भी सुधरा।
राष्ट्रीय
मानसून पर ब्रेक : कहीं सूखा तो कहीं बाढ़, मौसम के बदले मिजाज से बढ़ी मुश्किलें
देश के बड़े हिस्सों में इन दिनों मानसून ने अचानक ब्रेक ले लिया है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 6 से 7 दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और दक्षिण भारत में बारिश की रफ्तार काफी धीमी रहेगी। बीते 11 साल में यह तीसरा ऐसा मौका है जब जुलाई के महीने में मानसून इस तरह सुस्त पड़ गया है। हालांकि, पूर्वोत्तर भारत, बिहार और पश्चिम बंगाल में अभी भी मूसलाधार बारिश का दौर जारी है।
रायपुर
एक्शन : जलभराव से राहत की तैयारी, रायपुर निगम ने नाले की सफाई कर हटाया अवैध निर्माण
रायपुर नगर निगम ने मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए कार्रवाई तेज कर दी है। जोन-9 की टीम ने महात्मा गांधी वार्ड में नाले के ऊपर बने अवैध पाटे को जेसीबी से हटाकर सफाई कराई, जिससे पानी की निकासी सुचारू हो सके। निगम ने अवैध कब्जों और प्लाटिंग के खिलाफ अभियान जारी रखने की बात कही है।
रायगढ़
जर्जर सड़क बनी मुसीबत : गड्ढों से परेशान होकर ग्रामीणों ने किया चक्काजाम
रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड के राजपुर बाजार की जर्जर सड़क को लेकर ग्रामीणों ने चक्काजाम किया। अधिकारियों के जल्द मरम्मत कराने के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। प्रशासन ने सड़क सुधार के लिए 1.32 करोड़ रुपये की स्वीकृति और तत्काल मरम्मत के निर्देश की जानकारी दी है।
राष्ट्रीय
देश में मानसून की स्थिति : केदारनाथ-ऋषिकेश रूट सहित 440 सड़कें बंद, मैदानी राज्यों में बदला मौसम
देश के बड़े हिस्से में मानसून की रफ्तार पर अचानक ब्रेक लग गया है। भारत के लगभग 70% हिस्से से मानसून के बादल पूरी तरह गायब हो चुके हैं। इसके कारण मैदानी राज्यों में चिलचिलाती धूप और उमस ने लोगों को परेशान कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 5 दिनों तक कई राज्यों में राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।
रायपुर
प्रशासन की लापरवाही : खुले गड्ढों से बच्चों की सुरक्षा को लेकर नगरीय निकायों को सख्त निर्देश
छत्तीसगढ़ में खुले गड्ढों से बच्चों की सुरक्षा को लेकर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी नगर निकायों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। निकायों को सर्वे कर खुले गड्ढों और असुरक्षित निर्माण स्थलों की पहचान कर उन्हें भरने या सुरक्षा घेरा लगाने के निर्देश दिए गए हैं। बारिश के दौरान होने वाले हादसों को रोकने के लिए निर्माण एजेंसियों को भी सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा गया है।
राष्ट्रीय
सड़क बनी मुसीबत : कीचड़ भरे रास्ते से स्कूल जाने को मजबूर बच्चे, 3 किमी सड़क के लिए 25 साल से इंतजार
खरगोन जिले के कुम्हारखेड़ा से कुकडोल तक 3 किलोमीटर लंबी सड़क पिछले 25 वर्षों से बदहाल है। खराब मार्ग के कारण स्कूली बच्चों, किसानों और ग्रामीणों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में सड़क कीचड़ और गड्ढों में बदल जाती है, जिससे आवागमन मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सड़क निर्माण की मांग की, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
रायपुर संभाग
खरीफ फसल की शुरुआत : मंदिरहसौद में किसान अनिल सिन्हा ने शुरू की धान रोपाई
मंदिरहसौद के प्रगतिशील किसान अनिल सिन्हा ने छह एकड़ खेत में धान रोपाई शुरू कर दी है। समय पर तैयार नर्सरी और बेहतर सिंचाई व्यवस्था से इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद जताई जा रही है।