"वन परिक्षेत्र" के लिए 74 परिणाम मिले
छत्तीसगढ़
रायगढ़ का VIDEO वायरल : हाथियों को दौड़ाया, पत्थर बरसाए और पटाखे फोड़े, वन विभाग करेगा कार्रवाई
रायगढ़ जिले के छर्राटांगर गांव में खेत में पहुंचे दो जंगली हाथियों को ग्रामीणों ने पत्थर फेंककर, शोर मचाकर और पटाखे फोड़कर भगाने की कोशिश की। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग ने मामले का संज्ञान लिया है। विभाग ने वीडियो में नजर आ रहे लोगों की पहचान कर कार्रवाई करने की बात कही है और ग्रामीणों से हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है।
सूरजपुर
जंगल में पसरा मातम : प्रतापपुर में तीन भालुओं की रहस्यमयी मौत, ग्राउंड पर पहुंची डॉक्टरों की स्पेशल टीम
आगे की राह मौत के असली कारणों की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी। यदि करंट से मौत की पुष्टि होती है, तो बिजली विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर कार्रवाई हो सकती है। भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए वन विभाग इलाके की मॉनिटरिंग कर रहा है।
कांकेर (उत्तर बस्तर)
तेंदुए का कहर : तेंदुए के लगातार हमलों से दहशत, चार ग्रामीण घायल रात में गांव बने सुनसान
कांकेर जिले के नरहरपुर और सरोना वन परिक्षेत्र में तेंदुए के हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। देवडोंगर गांव में घर के भीतर सो रहे एक ग्रामीण पर तेंदुए ने हमला कर उसे घायल कर दिया, जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सरोना क्षेत्र के गट्टागुडूम गांव में भी तेंदुए ने घरों में घुसकर दो ग्रामीणों पर हमला किया, जिससे अब तक कुल चार लोग घायल हो चुके हैं।
रायगढ़
हादसा : कोयला रूट पर ट्रेन से टकराई 45 साल की मादा हथिनी, इलाज से पहले तोड़ा दम
तेज रफ्तार का शिकार: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के घरघोड़ा वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चारमार गांव में यह दर्दनाक हादसा हुआ। कोयला परिवहन के लिए इस्तेमाल होने वाली रेल लाइन पर रात के अंधेरे में एक तेज रफ्तार मालगाड़ी ने पटरी पार कर रही लगभग 45 वर्षीय जंगली मादा हथिनी को सीधी टक्कर मार दी।
रायगढ़
बढ़ी चिंता : छत्तीसगढ़ में हाथी शावकों की रहस्यमयी मौत का खुलासा, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ और धरमजयगढ़ वन मंडल में 25 दिनों के भीतर 4 हाथी शावकों की मौत से वन विभाग में चिंता बढ़ गई है। जांच रिपोर्ट में दो शावकों की मौत हेपेटाइटिस (लिवर संक्रमण) और सेप्टिसीमिया (रक्त संक्रमण) से होने की पुष्टि हुई है, जबकि एक की मौत निमोनिया से हुई थी।
बलरामपुर-रामानुजगंज
हाथी का कहर : सुबह टहलने निकले पति-पत्नी को कुचलकर मार डाला
बलरामपुर जिले के राजपुर वन परिक्षेत्र के कुंदीकला गांव में मंगलवार सुबह एक दंतैल हाथी के हमले में पति-पत्नी की दर्दनाक मौत हो गई। दोनों सुबह घर से बाहर निकले थे, तभी बांधपारा जंगल के पास हाथी ने उन पर हमला कर दिया। वन विभाग के अनुसार, क्षेत्र में विचरण कर रहे पांच हाथियों के दल से अलग हुए दंतैल द्वारा घटना को अंजाम दिए जाने की आशंका है। घटना के बाद वन विभाग और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू कर दी है
राज्य सरकार
पर्यावरण संरक्षण : एक पेड़ माँ के नाम अभियान को मिला समर्थन
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वन परिक्षेत्र महासमुंद द्वारा वन विद्यालय महासमुंद में पर्यावरण संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाते हुए ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत अधिक वृक्षारोपण का आह्वान किया।
रायपुर
प्रकृति संरक्षण का संदेश : बलौदाबाजार वनमण्डल में जैव विविधता दिवस पर जनभागीदारी से सजे आयोजन
अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर बलौदाबाजार वनमण्डल में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पौधरोपण, सीड बॉल निर्माण, चित्रकला प्रतियोगिता और शपथ ग्रहण के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। बलौदाबाजार वनमण्डल के वन क्षेत्रों और अभयारण्य में जैव विविधता दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया।
रायपुर
जैव विविधता : बलौदाबाजार में पौधरोपण, चित्रकला और जनजागरूकता कार्यक्रमों से गूंजा वनांचल
अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर बलौदाबाजार जिले में वन विभाग द्वारा व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। विभिन्न वन परिक्षेत्रों और बारनवापारा अभयारण्य में संगोष्ठी, पौधरोपण, चित्रकला प्रतियोगिता, सीड बॉल निर्माण और शपथ ग्रहण कार्यक्रम हुए। डीएफओ धम्मशील गणवीर ने जैव विविधता को पर्यावरण संतुलन और मानव जीवन का आधार बताते हुए लोगों से प्रकृति संरक्षण का सामूहिक संकल्प लेने की अपील की।
धमतरी
वन संरक्षण : वन, जल और जनजीवन का अध्ययन, धमतरी में IFS प्रशिक्षुओं का विशेष प्रशिक्षण संपन्न
धमतरी वनमंडल में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के 50 IFS प्रशिक्षु अधिकारियों का 10 दिवसीय फील्ड प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने सतत वन प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण, जल संरक्षण, सागौन एवं बांस वृक्षारोपण, वन सर्वेक्षण तकनीकों और क्षतिग्रस्त वनों के पुनर्वास का व्यवहारिक अध्ययन किया। साथ ही ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक सर्वे कर जनभागीदारी आधारित वन संरक्षण मॉडल को भी समझा।
रायगढ़
प्यास ने छीनी जिंदगी : पानी की तलाश में बस्ती पहुंचे कोटरी, कुत्तों के हमले से मौत
रायगढ़ के चिराईपानी जंगल क्षेत्र में भीषण गर्मी और जलसंकट के बीच एक कोटरी (हिरण प्रजाति) पानी की तलाश में भटककर रिहायशी इलाके में पहुंच गई। वहां आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। ग्रामीणों ने उसे बचाकर वन विभाग को सौंपा, जहां इलाज के बाद उसे वापस जंगल में छोड़ा गया। हालांकि, अत्यधिक डर और तनाव के कारण “कैप्चर मायोपैथी” विकसित होने से उसकी मौत हो गई। वन विभाग ने शव का पोस्टमार्टम कर अंतिम संस्कार किया। यह घटना जंगलों में पानी की कमी और वन्यजीव संरक्षण की गंभीर चुनौती को उजागर करती है।
छत्तीसगढ़
आदमखोर तेंदुए का कहर : घर के आंगन से बुजुर्ग को घसीटकर जंगल में ले गया, क्षत-विक्षत शव मिलने से दहशत
डोंगरी टोला (चांटी) में तेंदुए के हमले में 55 वर्षीय बुजुर्ग की दर्दनाक मौत से पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। तेंदुआ बुजुर्ग को घर के आंगन से घसीटकर जंगल में ले गया, जहां उसका क्षत-विक्षत शव मिला। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है और वन विभाग की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं। विभाग ने इलाके में गश्त बढ़ाकर तेंदुए की तलाश शुरू कर दी है।