"खाद्य विभाग की कार्रवाई" के लिए 5 परिणाम मिले
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई
Chhattisgarh News: दीपावली से पहले खैरागढ़ में खाद्य विभाग की कार्रवाई, 5 किलो जलेबी नष्ट
Chhattisgarh News: दीपावली से पहले खैरागढ़ के साहू होटल में खाद्य सुरक्षा विभाग ने निरीक्षण के दौरान खामियां मिलने पर 5 किलो जलेबी नष्ट किया गया। मिनी पेड़ा और बालूशाही के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। सुधार होने तक होटल बंद रखने के निर्देश।
दुर्ग
दुर्ग में खाद्य विभाग की कार्रवाई : 32 दुकानों पर चालान, ढाबों को दी चेतावनी
दुर्ग जिले में “सही दवा-शुद्ध आहार” अभियान के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सघन जांच की। कोटपा एक्ट उल्लंघन पर 32 पान ठेलों और होटलों पर चालानी कार्रवाई की गई, जबकि कई ढाबों और खाद्य प्रतिष्ठानों को साफ-सफाई एवं खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए।
महासमुंद
Illegal Clinic: झिलमिला चौक में अवैध क्लीनिक सील, एक्सपायरी दवाइयां जब्त
Illegal Clinic: महासमुंद के झिलमिला चौक में अवैध क्लीनिक के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग, राजस्व प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान एक्सपायरी दवाइयां और चिकित्सकीय उपकरण मिलने पर पंचनामा तैयार कर क्लीनिक को सील कर दिया गया। मुख्यमंत्री जनदर्शन पोर्टल पर मिली शिकायत के आधार पर हुई इस कार्रवाई में दवाइयां और उपकरण जब्त किए गए। मामले में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
जगदलपुर (बस्तर)
हितग्राही राशन के लिए परेशान, इधर सरकारी चावल की तस्करी में पिकअप जब्त
बस्तर के जगदलपुर में खाद्य विभाग ने पीडीएस चावल की अवैध तस्करी के मामले में कार्रवाई करते हुए एक पिकअप वाहन जब्त किया है। वाहन में करीब 30 से 40 बोरी सरकारी राशन चावल मिला है। अधिकारियों के अनुसार, पीडीएस चावल की अवैध खरीदी-बिक्री और परिवहन कानूनन अपराध है। मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
रायपुर
गैस एजेंसियों पर छापा : रायपुर में गैस एजेंसियों पर शिकंजा, हजार के करीब सिलेंडर जांच के दायरे में
रायपुर में खाद्य विभाग की छापेमार कार्रवाई के दौरान तीन गैस एजेंसियों में स्टॉक और रिकॉर्ड में भारी गड़बड़ी सामने आई है। नरहदा स्थित मौर्य गैस एजेंसी से 883 घरेलू और 53 व्यावसायिक सिलेंडर बरामद किए गए, जिनका रिकॉर्ड दस्तावेजों में नहीं मिला। कान्हा और लक्ष्मी गैस एजेंसी में भी ऑनलाइन रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में अंतर पाया गया। मामले में गैस कालाबाजारी और बड़े नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने जांच पूरी होने के बाद सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।