राजनीति
90 खबरें
सियासत : क्या केजरीवाल का ‘सबसे भरोसेमंद’ सांसद ही निकला सूत्रधार
एक इंटरव्यू में विक्रम साहनी ने दावा किया कि उन्होंने खुद अरविंद केजरीवाल से मुलाकात कर संभावित राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में पहले ही आगाह कर दिया था। उनके मुताबिक, उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि यदि कुछ सांसद इस्तीफा देते हैं तो दलबदल विरोधी कानून के तहत आवश्यक संख्या जुटाना आसान हो जाएगा।
मन की बात : प्रधानमंत्री मोदी ने सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम को बताया राष्ट्र निर्माण का आधार, कलपक्कम की सफलता पर जताया गर्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में भारत की वैज्ञानिक प्रगति और ऊर्जा सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम को देश के विकास, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और तकनीकी उन्नति का महत्वपूर्ण आधार बताया। तमिलनाडु के Kalpakkam स्थित फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) के ‘क्रिटिकैलिटी’ हासिल करने को एक बड़ी उपलब्धि बताया गया, जिससे भारत की परमाणु ऊर्जा क्षमता को नई दिशा मिली है। ब्रीडर रिएक्टर की खासियत है कि यह बिजली उत्पादन के साथ-साथ भविष्य के लिए नया ईंधन भी तैयार करता है।
प्रशासनिक शिविर : सुशासन एक्सप्रेस से 242 आवेदनों का मौके पर निस्तारण
नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड के सुदूर लंका गांव में पहली बार दो दिवसीय प्रशासनिक शिविर का आयोजन किया गया, जहाँ जिला प्रशासन ने कठिन रास्तों को पार कर ग्रामीणों तक सीधे पहुँचकर उनकी समस्याओं का समाधान किया। इस शिविर की खास बात ‘सुशासन एक्सप्रेस’ रही, जिसके माध्यम से आधार, जाति, निवास, आय प्रमाण पत्र सहित कई सेवाएँ मौके पर ही दी गईं। कुल 310 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 242 का तत्काल निस्तारण किया गया। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मनरेगा, राशन कार्ड और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े आवेदन प्रमुख रहे। अब तक इस मोबाइल सेवा के जरिए 17,520 आवेदनों का समाधान किया जा चुका है।
रणनीति का पलटवार : संदीप पाठक की एंट्री से बदली सियासी बिसात, तीसरे विकल्प के भ्रूण पर गहराया संकट
आम आदमी पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार रहे छत्तीसगढ़ मूल के संदीप पाठक के भाजपा में जाने से छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी बड़े बदलाव के कयास लगाए जा रहे हैं। यह दल बदल के साथ बड़े रणनीतिक शक्ति संतुलन का परिवर्तन भी है। भाजपा को जहां इससे संगठनात्मक मजबूती और चुनाव में बढ़त संभावना दिखती है, वहीं आम आदमी पार्टी के लिए यह गहरा झटका है, जिससे उसका “तीसरे विकल्प” का सपना कमजोर पड़ता दिख रहा है। आने वाले समय में यह बदलाव छत्तीसगढ़ की सियासत को और अधिक जटिल और दिलचस्प बना सकता है।
आरएसएस पर राहुल गांधी का तीखा वार : ‘राष्ट्रीय सरेंडर संघ’ बयान से सियासत गरमाई
कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने Rashtriya Swayamsevak Sangh पर हमला बोलते हुए उसे “राष्ट्रीय सरेंडर संघ” कहा है। यह बयान आरएसएस नेता Ram Madhav के अमेरिका में दिए एक कथित बयान और बाद में उसके स्पष्टीकरण के बाद आया। राहुल गांधी ने दावा किया कि इस घटना ने आरएसएस की सोच और कार्यप्रणाली को उजागर कर दिया है। कांग्रेस नेताओं ने भी इसे लेकर केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए हैं, जिससे राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।
राघव चड्ढा : एक लंबी पटकथा का अंतिम दृश्य ! मोड़ और बदलती सियासत की दिशा
भारतीय राजनीति में अचानक कुछ भी नहीं होता। जो घटनाएं एक झटके में घटती दिखती हैं, उनकी पटकथा अक्सर लंबे समय से लिखी जा रही होती है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का भारतीय जनता पार्टी में शामिल होना भी ऐसी ही एक घटना है, जिसे दलबदल कहकर समझना पर्याप्त नहीं होगा। यह एक क्रमिक दूरी, भीतर पनपते असंतोष और बदलती राजनीतिक प्राथमिकताओं का परिणाम है। इस घटनाक्रम ने आम आदमी पार्टी को झटका देने के साथ भारतीय जनता पार्टी के लिए भी एक नया विस्तार मार्ग खोल दिया है।
AAP में बड़ी टूट का दावा : राघव चड्ढा के इस्तीफे और BJP में जाने की अटकलों ने बढ़ाया सियासी पारा
दिल्ली की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब खबरें सामने आईं कि आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कथित तौर पर पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और कई अन्य सांसदों के साथ बीजेपी में शामिल होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, राघव चड्ढा ने पार्टी पर आरोप लगाया कि AAP अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है और अब व्यक्तिगत हितों के लिए काम कर रही है। बताया गया कि उनके साथ स्वाति मालीवाल, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, राजेंद्र गुप्ता और हरभजन सिंह जैसे कई सांसद भी शामिल हो सकते हैं।
डीके शिवकुमार ने दिया बड़ा संकेत, कहा सिर्फ ताजी हवा के लिए नहीं आया दिल्ली
कर्नाटक की सियासत में हलचल के बीच उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का दिल्ली दौरा कई मायनों में अहम माना जा रहा है। उन्होंने शीर्ष नेताओं से मुलाकात की पुष्टि तो की, लेकिन बातचीत का विवरण साझा करने से साफ इनकार कर दिया। दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की है, लेकिन वे इन बैठकों का विवरण सार्वजनिक नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, मैं अपना काम करता रहूंगा, लेकिन मैं यह नहीं बताऊंगा कि मैं किन-किन नेताओं से मिला हूं।
बंगाल चुनाव : पहले चरण की वोटिंग से पहले प्रचार थमा, कड़ी सुरक्षा के बीच 23 को मतदान
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान होगा, जिसमें करीब 3.60 करोड़ मतदाता हिस्सा लेंगे। चुनाव से पहले प्रचार खत्म हो चुका है और सभी दलों ने आखिरी जोर लगा दिया। Election Commission of India ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं—हजारों केंद्रीय बल, संवेदनशील बूथों की निगरानी और क्विक रिस्पॉन्स टीमें तैनात हैं। राजनीतिक मुकाबला मुख्य रूप से All India Trinamool Congress और Bharatiya Janata Party के बीच है, जहां दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं। कुल मिलाकर, यह चरण कड़ी सुरक्षा, बड़े राजनीतिक दांव और तीखे मुकाबले के कारण बेहद अहम माना जा रहा है।
मर्यादा पर सियासत : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव का कांग्रेस पर तीखा हमला
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री के लिए कथित रूप से इस्तेमाल किए गए आपत्तिजनक शब्दों की कड़ी निंदा करते हुए इसे राजनीतिक मर्यादा का उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि यह आलोचना नहीं, बल्कि कांग्रेस की हताशा और राजनीतिक दिवालियापन का प्रतीक है।
महिला आरक्षण पर सियासी संग्राम: रायपुर में कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने, परिसीमन बना बड़ा मुद्दा
महिला आरक्षण को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। दोनों दलों के रुख ने इस मुद्दे को और अधिक राजनीतिक रंग दे दिया है, जिससे आने वाले समय में यह बहस और तीखी होने के संकेत मिल रहे हैं।
सियासत में बड़ा बदलाव : सत्ता परिवर्तन के बीच नीतीश कुमार के प्रभाव और जेडीयू की आगे की रणनीति पर सवाल
बिहार की राजनीति में संभावित सत्ता परिवर्तन और नई सरकार के गठन के बीच राजनीतिक माहौल गर्म है। चर्चा है कि बीजेपी के नेतृत्व में नई सरकार बनने और सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने की बात सामने आने से राज्य की सियासत में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद बनने और सक्रिय भूमिका को लेकर कई अटकलें लगाई गई थीं, लेकिन हालिया बयानों से संकेत मिलता है कि वे बिहार की राजनीति में ही सक्रिय रहेंगे। उन्होंने कहा है कि वे नई सरकार के कामकाज पर नजर रखेंगे और संगठन व राज्य के विकास में भूमिका निभाते रहेंगे। जेडीयू की बैठक में भी नेतृत्व को लेकर फैसला नीतीश कुमार पर छोड़ दिया गया, जिससे पार्टी में उनके प्रभाव और नेतृत्व की अहमियत बनी हुई दिखती है। कुल मिलाकर, बिहार की राजनीति में सत्ता बदलने के बावजूद नीतीश कुमार की भूमिका और भविष्य की रणनीति चर्चा का मुख्य केंद्र बनी हुई है।