CG Employees Protest: कर्मचारियों का फूटा गुस्सा, काली पट्टी अभियान चलाकर दफ्तरों में जताया विरोध, कैशलेस चिकित्सा योजना तुरंत लागू करने की मांग
CG Employees Protest: छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों ने कैशलेस चिकित्सा योजना की नियमावली जारी कर इसे जल्द लागू करने की मांग को लेकर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। प्रदेशभर के कर्मचारियों का कहना है कि बजट में प्रावधान के बावजूद योजना अब तक लागू नहीं हुई है।
CG Employees Protest: छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों ने अपनी एक बड़ी लंबित मांग को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश के विभिन्न शासकीय विभागों और कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों ने
काली पट्टी अभियान के माध्यम से एक अनोखा और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। इस आंदोलन के तहत राज्य के लाखों अधिकारियों-कर्मचारियों ने अपने हाथों पर काली पट्टी बांधकर दफ्तरों में काम किया और सरकार का ध्यान अपनी ओर खींचा। शासकीय सेवकों की मुख्य मांग है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पूर्व में घोषित की गई कैशलेस चिकित्सा योजना की नियमावली तुरंत जारी कर इसे धरातल पर पूर्ण रूप से लागू किया जाए।
बजट में घोषणा के बाद भी आदेश न होने से नाराजगी
छत्तीसगढ़ कैशलेस चिकित्सा सेवा कर्मचारी कल्याण संघ की प्रदेश अध्यक्ष उषा चंद्राकर का कहना है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर राज्य के बजट में कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा योजना का औपचारिक ऐलान किया गया था। इस योजना के लिए बजट में करोड़ों रुपये का वित्तीय प्रावधान भी किया गया, जिससे प्रदेश के लगभग 5 लाख कर्मचारियों और उनके आश्रितों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी थी। लेकिन प्रशासनिक फाइलों और नियमों में देरी होने की वजह से योजना का वास्तविक क्रियान्वयन अटका हुआ है, जिससे गंभीर बीमारियों के इलाज में कर्मचारियों को आज भी जेब से लाखों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
कैबिनेट मंजूरी और नियमावली की मांग
कर्मचारी संघों के पदाधिकारियों (जैसे छत्तीसगढ़ कैशलेस चिकित्सा सेवा कर्मचारी कल्याण संघ) का कहना है कि वे इस मांग को लेकर लगातार सांसदों, विधायकों और जिला कलेक्टरों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप चुके हैं। राजकुमार दीपक, छत्रधर दीवान, सुनील चंद्राकर, योगेश मानिक पुरी पीतांबर माणिक पुरी, कपिल सिंह, कर्मचारियों की मांग है कि इस योजना को कैबिनेट से शीघ्र मंजूरी देकर इसकी गाइडलाइन (नियमावली) जारी की जाए ताकि कर्मचारियों को अस्पतालों में इलाज के दौरान तत्काल प्रभाव से कैशलेस सुविधा मिल सके।प्रदेशव्यापी दिखा असर, उग्र आंदोलन की चेतावनी
राजधानी रायपुर से लेकर बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर, सरगुजा, महासमुंद और अन्य सभी जिला मुख्यालयों के कार्यालयों में इस 'काली पट्टी अभियान' का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। दफ्तरों में सामान्य कामकाज प्रभावित किए बिना कर्मचारी शांतिपूर्वक अपनी एकजुटता दिखा रहे हैं। कर्मचारी संगठनों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि इस सांकेतिक विरोध के बाद भी स्वास्थ्य विभाग और शासन स्तर पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आगामी दिनों में प्रदेशभर के कर्मचारी बड़े और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।