TB Eradication: छत्तीसगढ़ में पहली बार 4 विकासखंड टीबी मुक्त घोषित
TB Eradication: अभियान को मजबूती देने के लिए खड़गवां से ‘जोश टीम’ का राज्य स्तरीय शुभारंभ किया गया। इस पहल के तहत माय भारत के युवा स्वयंसेवकों और एनसीसी कैडेटों को टीबी के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए जोड़ा जाएगा। राज्य में पहली बार खड़गवां, सोनहत, बतौली और घरघोड़ा विकासखंड को टीबी मुक्त घोषित किया गया।
प्रकाशित: 09 Oct 2026, 12:58 PM· 3 मिनट पढ़ने का समय
रायपुर
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TB Eradication: जनभागीदारी को और मजबूत करते हुए गुरुवार को राज्य में ‘जोश टीम’ का राज्य स्तरीय शुभारंभ खड़गंवा से किया गया साथ ही पूरे राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में भी जिला स्तरीय शुभारंभ जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया गया। राष्ट्रीय स्तर पर प्रारंभ की जा रही इस पहल के अंतर्गत माय भारत के युवा स्वयंसेवकों एवं एनसीसी के कैडेटों को टीबी उन्मूलन के प्रयासों से जोड़ा जा रहा है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में पहली बार 04 विकासखण्डों खड़गंवा, सोनहत, बतौली व घरघोड़़ा को टीबी मुक्त विकासखण्ड घोषित किया गया।
टीबी उन्मूलन में जनभागीदारी जरूरी
जिन्होंने न सिफ छत्तीसगढ़ में बल्कि पूरे भारत में प्रथम टीबी मुक्त विकासखण्ड होने का गौरव अपने नाम किया, कार्यक्रम में उपस्थित स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक वर्ग की सामूहिक जिम्मेदारी है। युवाओं की ऊर्जा और जनभागीदारी को टीबी उन्मूलन अभियान से जोड़कर इस अभियान को नई गति दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि समय पर जांच, नियमित उपचार और उपचार की पूर्णता के साथ टीबी के प्रति जागरूकता एवं सामाजिक भेदभाव को समाप्त करना भी उतना ही आवश्यक है।
‘जोश टीम’ के शुभारंभ कार्यक्रम में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया
4,676 टीबी मुक्त पंचायतों का सम्मान
उन्होंने कहा कि ‘जोश टीम’ के माध्यम से माय भारत और एनसीसी से जुड़े युवा अपने क्षेत्रों में लोगों को टीबी के लक्षणों, जांच, उपचार और बचाव के संबंध में जागरूक करेंगे। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से टीबी उन्मूलन का संदेश गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाने में मदद मिलेगी, इस अवसर पर राज्य के वर्ष 2025 हेतु 4676 टीबी मुक्त पंचायतों को जिला स्तर पर सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ में पहली बार चार विकासखण्डों को टीबी मुक्त घोषित किया जाना राज्य के टीबी उन्मूलन अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
टीबी मुक्त विकासखंडों की उपलब्धि बरकरार रखने पर जोर
यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्यकर्मियों, मितानिनों, निक्षय मित्रों, स्वयंसेवी संगठनों तथा समुदाय के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। अब आवश्यकता है कि इन विकासखण्डों में प्राप्त उपलब्धि को बनाए रखने के साथ-साथ अन्य विकासखण्डों को भी टीबी मुक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए हर संभावित मरीज की समय पर पहचान एवं जांच, मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना और उपचार पूरा करवाना प्राथमिकता है। साथ ही टीबी मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और सामाजिक सहयोग सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।
टीबी मुक्त छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने ‘जोश टीम’ के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित किया
युवाओं की भागीदारी से मजबूत होगा जनअभियान
कार्यक्रम में माय भारत एवं एनसीसी के जिला अधिकारियों और युवा स्वयंसेवकों से आह्वान किया गया कि वे टीबी उन्मूलन के संदेश को समुदाय तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। युवाओं के माध्यम से लोगों को टीबी के लक्षणों की पहचान, समय पर जांच तथा नियमित एवं पूर्ण उपचार के लिए प्रेरित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं युवाओं ने टीबी मुक्त छत्तीसगढ़ के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया। इसी संकल्प के साथ ‘जोश टीम’ के माध्यम से युवाओं की सहभागिता और जनभागीदारी को बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ को टीबी मुक्त बनाने के प्रयासों को निरंतर गति देने की बात कही गई।