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chital hunting case seized meat (Image Source: AI Photo)
chital hunting case seized meat (Image Source: AI Photo)
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Chital Hunting Case: मासूम के एक सच ने खोला राज, चीतल का शिकार, कड़ाई में पक रहा था मांस, दो आरोपी गिरफ्तार

Chital Hunting Case: बिलासपुर के मंजूरपहरी गांव में चीतल के शिकार का मामला एक बच्चे की बात से खुला। वन विभाग ने घर से पका मांस बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 07 Oct 2026, 08:05 AM · 3 मिनट पढ़ने का समय
बिलासपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Chital Hunting Case: वन्यजीवों के शिकार और उनके मांस की अवैध खरीद-बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बिलासपुर वन विभाग की टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। बिलासपुर के मंजूरपहरी गांव में हुई यह कार्रवाई किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं रही, जहाँ एक छोटे बच्चे के अनजाने में बोले गए सच ने वन्यजीव तस्करों की पूरी पोल खोलकर रख दी।

शिकार की गुप्त सूचना पर पहुँची थी संयुक्त टीम 

वन विभाग को सूचना मिली थी कि मंजूरपहरी (दहाइत पारा) इलाके में एक चीतल का अवैध शिकार किया गया है और उसका मांस गांव के कई घरों में बांटा जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर वन परिक्षेत्र और उड़नदस्ता दल की एक संयुक्त टीम गठित कर तुरंत मौके पर भेजी गई। जब टीम गांव पहुँची, तो वहां भारी भीड़ जुटी हुई थी। पूछताछ करने पर पता चला कि आवारा कुत्तों के हमले से एक दूसरे चीतल की मौत हो गई थी, जिसका वन अमला मौके पर ही पोस्टमार्टम करवा रहा था। असली चुनौती यह थी कि भीड़ में छिपे उन शिकारियों तक कैसे पहुँचा जाए, जिन्होंने दूसरे चीतल को अपना शिकार बनाया था।

बच्चे से बातचीत और खुल गया राज 

शिकारियों की पहचान के लिए अधिकारियों ने सूझबूझ से काम लिया और ग्रामीणों के बीच साधारण तरीके से बातचीत शुरू की। इसी दौरान टीम की नजर एक स्थानीय बालक पर पड़ी। जब अधिकारियों ने उससे सामान्य लहजे में पूछा कि क्या उसने कभी ऐसा जानवर देखा है, तो उसने सहजता से कहा कि गांव में तो ऐसे हिरण आते रहते हैं। बातचीत आगे बढ़ी और अधिकारियों ने पूछा कि हिरण का क्या होता है? बच्चे ने बड़ी मासूमियत से जवाब दिया—"इसके मांस की सब्जी बनती है।" जब उससे पूछा गया कि क्या उसने कभी यह सब्जी खाई है, तो बच्चे का जवाब सुनकर अधिकारी सतर्क हो गए। उसने बताया—"आज ही हमारे घर में इसकी सब्जी बनी है।"

कड़ाई से बरामद हुआ मांस, दो गिरफ्तार 

बच्चे की बात सुनते ही वन विभाग की टीम उसके घर पहुँची और तलाशी ली। घर के अंदर चूल्हे पर चढ़ी कड़ाई में चीतल का पका हुआ मांस बरामद हुआ। इसके बाद की गई पूछताछ में शिकार में शामिल दूसरे व्यक्ति की भी पहचान हो गई। वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए चैन सिंह गोड़ और राजकुमार को गिरफ्तार कर लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने चीतल का अवैध शिकार किया था और मांस को आपस में बांटकर पकाने की तैयारी में थे।

वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज 

दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस सफल कार्रवाई में बिलासपुर वन परिक्षेत्र अधिकारी यशपाल वर्मा, उड़नदस्ता प्रभारी रितु साहू, वनक्षेत्रपाल शिव कुमार नाग, वनपाल लोकमणी त्रिपाठी, संगीता तिर्की, जान केनेडी और सुनील कुमार जायसवाल की प्रमुख भूमिका रही।

जांच का दायरा बढ़ा, कई और घरों पर गाज गिरने की आशंका 

वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान इस बात के संकेत मिले हैं कि इस गांव में पहले भी वन्यजीवों का शिकार होता रहा है। फिलहाल विभाग इस बात की जांच में जुटा है कि मृत चीतल का मांस गांव के और किन-किन घरों में पहुंचाया गया था। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि मांस प्राप्त करने वाले अन्य लोगों को भी चिन्हित कर गिरफ्तार किया जाएगा। क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और मुखबिरों को भी सतर्क कर दिया गया है।
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