Food Department: बिलासपुर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर एक और गंभीर मामला सामने आया है। दूध, दही, घी और पनीर के बाद अब बाजार में बिकने वाला पोहा भी खाद्य सुरक्षा जांच में अमानक पाया गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा रिलायंस रिटेल स्टोर से लिए गए 'लाल किला' ब्रांड के पोहे का सैंपल सरकारी प्रयोगशाला में जांच के दौरान मानकों पर खरा नहीं उतरा। रिपोर्ट सामने आने के बाद विभाग ने संबंधित फर्म को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
रिलायंस स्टोर से लिया गया था पोहे का सैंपल
जानकारी के मुताबिक, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम नियमित जांच अभियान के तहत बिलासपुर की एक रिलायंस रिटेल दुकान पहुंची थी। यहां से 'लाल किला' ब्रांड के पोहे का पैकेट लेकर उसका नमूना जांच के लिए सरकारी प्रयोगशाला भेजा गया था। लैब रिपोर्ट में पोहा निर्धारित खाद्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। रिपोर्ट सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित सप्लायर के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।
भाटापारा की फर्म से हुई थी सप्लाई
खाद्य विभाग के मुताबिक, संबंधित पोहे की सप्लाई भाटापारा स्थित लक्ष्य फर्म से की गई थी। विभाग ने फर्म को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही यह जानकारी भी जुटाई जा रही है कि 'लाल किला' ब्रांड के पोहे की सप्लाई छत्तीसगढ़ में किन-किन स्थानों और दुकानों पर की गई है। जांच अधिकारियों का कहना है कि सप्लाई नेटवर्क की जानकारी मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कदम उठाए जा सकते हैं।
रोजाना नाश्ते में इस्तेमाल होता है पोहा
पोहा आमतौर पर लोगों के रोजमर्रा के खानपान का हिस्सा है। घरों में बच्चों के नाश्ते से लेकर दिनभर हल्के भोजन के रूप में इसका इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में बाजार में बिकने वाले पोहे का अमानक पाया जाना खाद्य सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाता है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी आरआर देवांगन के अनुसार, दूषित या खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इससे लोगों को बीमारियों का खतरा हो सकता है। इसी वजह से विभाग इस मामले में गंभीरता से जांच कर रहा है।
सप्लाई नेटवर्क की जांच में जुटा खाद्य विभाग
फिलहाल खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच जारी है। अधिकारियों की नजर इस बात पर है कि भाटापारा की संबंधित फर्म ने पोहे की कितनी मात्रा सप्लाई की और यह किन-किन दुकानों तक पहुंचा। जांच पूरी होने और संबंधित पक्ष का जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।







