Jal Jeevan Mission: जामगांव के 171 घरों में नल से पहुंच रहा पानी, छात्राओं को अब पढ़ाई के लिए मिल रहा अतिरिक्त समय
Jal Jeevan Mission: महासमुंद के जामगांव में जल जीवन मिशन से 171 घरों को नल कनेक्शन मिला है। स्कूल, आंगनबाड़ी और सामुदायिक शौचालय भी नल जल से जुड़े हैं। गांव की पांच महिलाएं पेयजल की गुणवत्ता की जांच कर रही हैं, जबकि ग्रामीण जल योजना के संचालन और रखरखाव में भी भागीदारी निभा रहे हैं।
प्रकाशित: 02 Oct 2026, 07:06 PM· 3 मिनट पढ़ने का समय
महासमुंद
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Jal Jeevan Mission: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा में जनसेवा और जनकल्याण को प्राथमिकता देते हुए गांव-गांव तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने का संकल्प निरंतर मजबूत हुआ है। इसी सेवा भावना और सुशासन की सोच को आगे बढ़ाते हुए जल जीवन मिशन ने जामगांव में हर घर नल से जल की सुविधा पहुंचाई है। अब यहां पानी के लिए समय और श्रम खर्च करने के बजाय ग्रामीण अपने दैनिक जीवन, स्वच्छता और बच्चों की शिक्षा पर अधिक ध्यान दे पा रहे हैं।
पानी भरने की परेशानी हुई दूर, कांति को मिला पढ़ाई का समय
महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बोकरमुड़ कला के ग्राम जामगांव में जल जीवन मिशन के माध्यम से घर-घर नल कनेक्शन पहुंचने से ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। गांव की स्कूली छात्रा कुमारी कांति ध्रुव बताती हैं कि पहले सुबह स्कूल जाने से पहले उसे पानी लाने के लिए जाना पड़ता था। पानी लाने में उसका समय और श्रम दोनों लगता था। अब घर में नल से जल उपलब्ध होने के कारण कांति को पानी भरने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता। बचा हुआ समय वह अपनी पढ़ाई में लगा पा रही है।
छात्रा, कुमारी क्रांति ध्रुव 171 घरों को मिला ‘हर घर जल’ का लाभ
जामगांव में जल जीवन मिशन के अंतर्गत 171 घरों में नल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। गांव में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 40 किलोलीटर क्षमता की उच्चस्तरीय जल टंकी का निर्माण किया गया है। लगभग 5 हजार मीटर पाइपलाइन बिछाकर घर-घर जल पहुंचाने की व्यवस्था विकसित की गई है। इस पूरी योजना पर लगभग 74 लाख 27 हजार रूपए की लागत आई है। जामगांव में 27 जुलाई 2026 को हर घर जल प्रमाणीकरण का कार्य पूर्ण किया गया। पंचायत की सरपंच कौशल्या पवन ठाकुर एवं ग्राम सचिव फनीष कुमार साहू के नेतृत्व तथा ग्रामीणों की सहभागिता से गांव में हर घर नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य साकार हुआ है।
नल कनेक्शन के साथ जल गुणवत्ता पर भी नजर
जल के वैकल्पिक स्रोत के रूप में गांव में एक पावर पंप और एक हैंडपंप भी उपलब्ध हैं। साथ ही गांव के प्रमुख सार्वजनिक संस्थानों को भी नल कनेक्शन से जोड़ा गया है। स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और सामुदायिक शौचालय में नल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है। इससे बच्चों को पेयजल की सुविधा मिलने के साथ ही स्वच्छता एवं साफ-सफाई की व्यवस्था को भी बेहतर बनाने में मदद मिल रही है। गांव की पांच महिलाएं जल गुणवत्ता की निगरानी में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। संजना साहू, श्रुति नागेश, हेम बाई सावरा, ओम बाई चक्रधारी एवं पानबाई सबर जल परीक्षण किट के माध्यम से पेयजल के नमूनों की जांच करती हैं। वे ग्रामीणों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल के महत्व के प्रति जागरूक करने में भी सहयोग करती हैं। जलापूर्ति व्यवस्था के संचालन, पानी की सप्लाई तथा आवश्यकता अनुसार व्यवस्था को चालू-बंद करने और संधारण के लिए पंप ऑपरेटर केशव साहू को नियुक्त किया गया है। ग्रामीणों ने जल योजना के संचालन एवं रखरखाव में अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए प्रति नल कनेक्शन 60 रूपए जलकर लिए जाने पर भी सहमति दी है।