Raigarh Elephant Calf: हाथियों के दल से बिछड़े शावक को रात में मिलाया, सुबह खेत में मिला हाथी के बच्चे का शव
Raigarh Elephant Calf: छाल रेंज में 40 हाथियों के दल से बिछड़े शावक को वन विभाग ने रात में उसके दल से मिलाया था। मंगलवार सुबह सारसमार गांव के खेत में एक शावक का शव मिलने से मामला उलझ गया है। वन विभाग शव की पहचान और मौत के कारणों का पता लगाने में जुटा है।
प्रकाशित: 13 Oct 2026, 02:50 PM· 3 मिनट पढ़ने का समय
रायगढ़
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Raigarh Elephant Calf: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल में हाथी के एक शावक की मौत का मामला सामने आया है। छाल रेंज में करीब 40 हाथियों के दल से बिछड़े एक शावक को वन विभाग ने रात में सुरक्षित उसके दल तक पहुंचाने का दावा किया था। लेकिन मंगलवार सुबह सारसमार गांव के एक खेत में हाथी के बच्चे का शव मिलने से मामला उलझ गया है। वन विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि खेत में मिला शव उसी शावक का है या किसी दूसरे हाथी के बच्चे का।
रातभर निगरानी के बाद शुरू किया गया रेस्क्यू
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को छाल रेंज के रिलो गांव में हाथियों का एक दल पहुंचा था। इसी दौरान करीब 40 हाथियों के दल से एक नन्हा शावक बिछड़कर खेत में रह गया। ग्रामीणों की नजर उस पर पड़ी तो उन्होंने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और हाथी मित्र दल के सदस्य मौके पर पहुंचे। टीम ने रातभर शावक की निगरानी की, ताकि हाथियों का दल वापस आकर उसे अपने साथ ले जाए। हालांकि, काफी इंतजार के बाद भी दल वहां नहीं पहुंचा। इसके बाद वन अमले ने शावक को रेंज कार्यालय पहुंचाया, जहां उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। उसे दूध और नारियल पानी भी दिया गया।
रायगढ़ में हाथी के शावक का रेस्क्यूथर्मल ड्रोन की मदद से खोजा हाथियों का दल
शावक को उसके परिवार से मिलाने के लिए वन विभाग ने रेस्क्यू अभियान चलाया। हाथियों के दल की लोकेशन पता करने के लिए थर्मल ड्रोन की मदद ली गई। काफी मशक्कत के बाद विभागीय टीम को दल का पता चला। इसके बाद रात करीब एक बजे शावक को हाथियों के दल से कुछ दूरी पर सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया। वन विभाग की टीम दूर से उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। कुछ देर बाद हाथियों का दल वहां पहुंचा। इस दौरान हाथियों के चिंघाड़ने की आवाजें सुनाई दीं और शावक भी दल के साथ आगे बढ़ गया। उस समय टीम को लगा कि शावक अपने परिवार के पास सुरक्षित पहुंच गया है।
सारसमार गांव के खेत में मिला हाथी के बच्चे का शव
मंगलवार सुबह सारसमार गांव के तीहीली खार नामक खेत में एक हाथी के शावक का शव मिलने की सूचना मिली। यह स्थान उस जगह से करीब चार से पांच किलोमीटर दूर बताया जा रहा है, जहां रात में शावक को हाथियों के दल से मिलाया गया था। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। खेत में पानी और कीचड़ अधिक होने के कारण शव को बाहर निकालने में परेशानी हो रही है। विभागीय अमला शव को बाहर निकालने और आगे की जांच की प्रक्रिया में जुटा है। शावक का शव मिलने के बाद यह आशंका जताई जा रही है कि कहीं यह वही बच्चा तो नहीं, जिसे रात में उसके दल से मिलाया गया था। हालांकि, वन विभाग ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।
डॉक्टरों की जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
धरमजयगढ़ वन मंडल के डीएफओ सत्यदेव शर्मा के अनुसार, शावक को उसके दल से मिलाने के लिए विभागीय टीम ने सुबह से लेकर देर रात तक प्रयास किया था। रात में उसे हाथियों के समूह तक पहुंचा दिया गया था। मंगलवार सुबह खेत में एक शावक का शव मिलने के बाद उसे बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। डीएफओ के मुताबिक, शावक के रेस्क्यू के दौरान बनाए गए वीडियो और चिकित्सकीय परीक्षण के आधार पर उसकी पहचान स्पष्ट करने का प्रयास किया जाएगा। वहीं, शावक की मौत किस वजह से हुई, इसका पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल वन विभाग मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई में जुटा हुआ है।