कांकेर जिले में शनिवार को बड़ी संख्या में शिक्षक अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर एक दिवसीय हड़ताल पर रहे। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र फेडरेशन के आह्वान पर भानुप्रतापपुर में आयोजित इस आंदोलन में संगठन से जुड़े शिक्षकों ने हिस्सा लिया। शिक्षकों के हड़ताल पर रहने के कारण कई स्कूलों में नियमित पढ़ाई प्रभावित हुई और विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति की मांग
आंदोलन में शामिल शिक्षकों की प्रमुख मांग है कि पदोन्नति की प्रक्रिया में सेवा की वरिष्ठता को प्राथमिकता दी जाए। फेडरेशन के पदाधिकारियों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के बाद टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों को योग्यता के आधार पर पदोन्नति में प्राथमिकता दी जा रही है। संगठन इस व्यवस्था का विरोध कर रहा है। शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों के अनुभव और वरिष्ठता को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
शिक्षकों के लिए अलग टीईटी परीक्षा की मांग
फेडरेशन ने राज्य सरकार से शिक्षकों के लिए अलग से शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी आयोजित करने की मांग भी की है। संगठन का कहना है कि सेवा में पहले से कार्यरत शिक्षकों के लिए परीक्षा की प्रक्रिया और नियम स्पष्ट होने चाहिए। अलग परीक्षा आयोजित होने से शिक्षकों को अपनी पात्रता साबित करने का उचित अवसर मिलेगा और पदोन्नति से जुड़ी परेशानियों का समाधान किया जा सकेगा।
स्कूलों की पढ़ाई पर पड़ा असर
शिक्षकों की एक दिवसीय हड़ताल का असर जिले के स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था पर भी दिखाई दिया। कई स्कूलों में शिक्षकों की अनुपस्थिति के कारण नियमित कक्षाएं प्रभावित हुईं। कुछ स्थानों पर उपलब्ध शिक्षकों के माध्यम से पढ़ाई जारी रखने की कोशिश की गई, लेकिन सामान्य दिनों की तुलना में शैक्षणिक गतिविधियां सीमित रहीं। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ स्कूलों के अन्य नियमित कामकाज पर भी असर पड़ा।
मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
फेडरेशन के पदाधिकारियों ने राज्य सरकार से दोनों मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को योजनाबद्ध तरीके से और व्यापक किया जाएगा। शिक्षक संघ ने संकेत दिया है कि अगले चरण में लंबी अवधि की हड़ताल या प्रदेशस्तरीय प्रदर्शन पर भी विचार किया जा सकता है।
सरकार के फैसले पर टिकी नजर
एक दिवसीय आंदोलन के माध्यम से शिक्षकों ने सरकार के सामने अपनी मांगें रख दी हैं। अब संगठन और शिक्षकों की नजर राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी है। शिक्षकों का कहना है कि पदोन्नति प्रक्रिया में वरिष्ठता को उचित महत्व देने और अलग टीईटी परीक्षा आयोजित करने से लंबे समय से चला आ रहा विवाद खत्म हो सकता है। वहीं, समय रहते समाधान नहीं निकलने पर आंदोलन का सीधा असर स्कूलों की पढ़ाई पर पड़ने की आशंका है।