"शिक्षा" के लिए 1060 परिणाम मिले
छत्तीसगढ़
नया आदेश : 72 घंटे में ही पुष्पा साहू की माध्यमिक शिक्षा मंडल में वापसी
राज्य शासन ने आईएएस अधिकारियों के कार्यभार में बड़ा फेरबदल किया है। 2012 बैच की सुश्री पुष्पा साहू को माध्यमिक शिक्षा मंडल का सचिव बनाया गया है। वहीं 2016 बैच की सुश्री रोक्तिमा यादव को जिला-कोरिया का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही 2019 बैच की सुश्री रीता यादव को आयुक्त, उच्च शिक्षा और RUSA का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यह बदलाव शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन में कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
ग्लैमर
विवादों के बीच नोरा की पहल : सरके चुनर विवाद पर मांगी माफी, अनाथ बच्चियों की शिक्षा का उठाएंगी जिम्मा
फिल्म KD: The Devil के गाने ‘सरके चुनर’ को लेकर अश्लीलता के आरोपों के बीच अभिनेत्री Nora Fatehi राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के सामने पेश हुईं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। प्रायश्चित के रूप में नोरा ने अनाथ बच्चियों की शिक्षा का पूरा खर्च उठाने की घोषणा की। इस विवाद में Sanjay Dutt और फिल्म की टीम को भी नोटिस मिला था। विवाद मार्च 2026 में शुरू हुआ था, जब गाने के बोल और कोरियोग्राफी पर आपत्ति जताई गई। बाद में सरकार ने जन शिकायतों के आधार पर गाने को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से हटाने का फैसला लिया।
शिक्षा का नया रूप : छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी केंद्र बने ‘पहली पाठशाला’ के सशक्त उदाहरण
छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में आंगनबाड़ी केंद्र अब पारंपरिक पोषण केंद्रों से आगे बढ़कर शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता और ग्रामीण रोजगार के समन्वित मॉडल के रूप में विकसित हो रहे हैं। ‘बिल्डिंग ऐज़ लर्निंग एड (BALA)’ पहल के तहत बनाए गए आधुनिक भवनों में दीवारों, फर्श और सीढ़ियों को शिक्षण सामग्री में बदल दिया गया है, जिससे बच्चे खेल-खेल में सीख रहे हैं। मनरेगा के माध्यम से इन केंद्रों के निर्माण ने ग्रामीणों को रोजगार भी दिया है, जिससे आर्थिक सशक्तिकरण और पलायन में कमी आई है।
छत्तीसगढ़
शिक्षा व्यवस्था सुधार की कवायद तेज, सुशासन तिहार की तैयारियों के बीच अधिकारियों को सख्त निर्देश
महासमुंद में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए हुई बैठक में सुशासन तिहार, बच्चों की शिक्षा गुणवत्ता, आधार-अपार आईडी अपडेट, स्कूल सुविधाएं और नियम पालन को लेकर सख्त और समयबद्ध निर्देश जारी किए गए।
छत्तीसगढ़
मिशन उत्कर्ष 2.0 के तहत कक्षा 10वीं शिक्षकों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न, शिक्षा गुणवत्ता सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप “मिशन उत्कर्ष 2.0” के तहत कक्षा 10वीं के शिक्षकों का पांच दिवसीय विषयवार प्रशिक्षण 16 से 21 अप्रैल तक रायपुर के जे.आर. दानी शासकीय विद्यालय में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण में विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत विषयों के शिक्षकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण में ब्लूप्रिंट आधारित शिक्षण, प्रश्नपत्र निर्माण, कठिन विषयों को सरल बनाने की तकनीक तथा कमजोर विद्यार्थियों को मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। सभी विषयों में आधुनिक, गतिविधि आधारित एवं नवाचारयुक्त शिक्षण विधियों की जानकारी दी गई। शिक्षकों ने अनुभव साझा करते हुए इन तकनीकों को कक्षा में लागू करने की प्रतिबद्धता जताई।
कीर्तिमान अतिथि
डिजिटल युग : बदलते दौर में शिक्षा का नया आधार बना सोशल मीडिया, एआई से सशक्त हो रहे छात्र
सोशल मीडिया और एआई ने शिक्षा को अधिक सुलभ, पारदर्शी और प्रभावी बना दिया है। छोटे शहरों के छात्रों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है, जिससे वे बड़े शहरों के छात्रों के समान संसाधनों का लाभ उठाकर अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। सांई कोचिंग के डायरेक्टर द्वय डॉ. रंजना दुबे और लव दुबे दोनों का मानना है कि शिक्षा के क्षेत्र में इस डिजिटल परिवर्तन को अपनाना समय की मांग है। यदि छात्र और अभिभावक इन आधुनिक साधनों का सही उपयोग करें, तो निश्चित रूप से बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
छत्तीसगढ़
बस्तर में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा, 25 शिक्षकों को मिला AI प्रशिक्षण
बस्तर जिले में स्कूली शिक्षा को आधुनिक और तकनीक-आधारित बनाने के लिए 25 शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल लर्निंग का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। 15 से 17 अप्रैल तक धरमपुरा पॉलिटेक्निक कॉलेज में आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षकों को कक्षा शिक्षण में AI के उपयोग और डिजिटल टूल्स की जानकारी दी गई। द पाई जैम फाउंडेशन द्वारा संचालित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य छात्रों को 21वीं सदी के कौशल से जोड़ना है। इससे कक्षा 9वीं से 12वीं तक के 10 हजार से अधिक छात्रों को लाभ मिलेगा।
महासमुंद
न्योता भोज के बहाने संवेदना और शिक्षा का संगम, अधिकारियों ने बच्चों संग बैठकर किया भोजन
बच्चों को स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन परोसा गया, जिसमें चावल, दाल, दो प्रकार की सब्जी, खीर, पूरी, जलेबी, सलाद, पापड़ और आचार शामिल थे। कार्यक्रम में कलेक्टर के प्रतिनिधि के रूप में जिला शिक्षा अधिकारी विजय लहरे और सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी रमता डे उपस्थित रहे। उनके साथ संकुल समन्वयक देवलाल सिन्हा भी मौजूद रहे।
कीर्तिमान अतिथि
बदलते गांव, बदलती जरूरतें : अब 5G नेटवर्क के साथ डिजिटल शिक्षा और आधुनिक सुविधाओं की मांग
गांव अब कृषि और पारंपरिक जीवनशैली तक सीमित नहीं रह गए हैं, वे भी आधुनिकता और तकनीक की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। ग्रामीण भारत की यह बदलती तस्वीर आने वाले समय में देश के समग्र विकास की नई दिशा तय कर सकती है।
छत्तीसगढ़
जिला शिक्षा अधिकारी ने ली विकासखंड शिक्षा अधिकारियों की समीक्षा बैठक, योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के दिए सख्त निर्देश
जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय लहरे ने कलेक्टर के निर्देश पर विकासखंड शिक्षा अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर शिक्षा विभाग की योजनाओं और कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में अपार आईडी, जाति प्रमाण पत्र, निष्क्रिय खातों का निपटान, पाठ्यपुस्तक व गणवेश वितरण, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और कर्मयोगी पोर्टल प्रशिक्षण जैसे विषयों पर समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और लापरवाही पर जवाबदेही तय करने की चेतावनी भी दी गई।
छत्तीसगढ़
चिरको महाविद्यालय में विद्यार्थियों को इंटर्नशिप और ऑनलाइन शिक्षा से जोड़ा गया
शासकीय नवीन महाविद्यालय, चिरको में पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के निर्देशन में पीएम इंटर्नशिप योजना पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें अंतिम वर्ष के छात्रों को पात्रता, छात्रवृत्ति एवं आवश्यक कौशल की जानकारी दी गई तथा इंटर्नशिप के साथ ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखने के तरीके बताए गए।
छत्तीसगढ़
AI शिक्षा से बदलेगा छत्तीसगढ़ : 2 लाख शिक्षकों को मिलेगा ट्रेनिंग, रायपुर से शुरू होगा बड़ा अभियान
छत्तीसगढ़ में AI आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘AI सक्षम शिक्षा अभियान’ की शुरुआत रायपुर से करने की घोषणा की है। गूगल इंडिया के सहयोग से शुरू इस पहल के तहत 2 लाख से अधिक शिक्षकों को AI प्रशिक्षण और सर्टिफिकेशन दिया जाएगा। पहले चरण में 200 शिक्षकों को प्रशिक्षण मिलेगा और बाद में इसे पूरे राज्य में लागू किया जाएगा, जिससे शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक-सक्षम बनाया जा सके।